भक्ति काव्य व भजन मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

साईं शरधा से हम ने तेरे यश को गाना है भजन इन हिंदी लिरिक्स

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शिरडी के साईं बाबा को समर्पित यह भजन "साईं शरधा से हम ने तेरे यश को गाना है" भक्ति और समर्पण का एक अद्भुत संगम है। यह भजन न केवल बाबा के प्रति प्रेम को व्यक्त करता है, बल्कि 'सबका मालिक एक' के उस सार्वभौमिक सत्य को भी रेखांकित करता है, जिसे साईं बाबा ने अपने संपूर्ण जीवनकाल में प्रतिपादित किया। जब भक्त श्रद्धा के साथ इस भजन का गायन करता है, तो वह स्वयं को बाबा की दिव्य करुणा और स्नेह की छाया में अनुभव करता है। यह भजन विशेष रूप से साईं संध्या, गुरुवार की पूजा, और सत्संग के अवसरों पर गाया जाता है, जो मन को शांति और आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का कार्य करता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

साईं शरधा से हम ने तेरे यश को गाना है,
मालिक है एक सब का हम सब ने माना है।
साईं शरधा से हम ने तेरे यश को गाना है...

तेरे नाम की ज्योति से सब जग उजियारा है,
चंदा हो या सूरज हो बस तेज तुम्हारा है।
तेरे स्नेह की छाया में जीवन ये बिताना है,
मालिक है एक सब का हम सब ने माना है...

दुनिया में भवर जितने तेरा नाम सहारा है,
इस प्रेम की नैया ने हमे पार उतारा है।
झूठे है सभी रिश्ते सच अब ये जाना है,
मालिक है एक सब का हम सब ने माना है...

डाली हर फूल में तू कण कण में समाया है,
वीरान था ये जीवन कुल तूने बनाया है।
शरधा के गुलिस्तां में साईं तुम को बिठाना है,
मालिक है एक सब का हम सब ने माना है...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन की प्रत्येक पंक्ति में भक्त का साईं बाबा के प्रति अटूट विश्वास झलकता है। "साईं शरधा से हम ने तेरे यश को गाना है" का अर्थ है कि हम केवल शब्दों से नहीं, बल्कि हृदय की सच्ची श्रद्धा से बाबा का गुणगान करना चाहते हैं। "मालिक है एक सब का" पंक्ति साईं बाबा के उस मूल मंत्र को दोहराती है जो मानवता को धर्म, जाति और संप्रदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर एक ईश्वर की संतान मानने का संदेश देता है।

भजन के माध्यम से भक्त यह स्वीकार करता है कि संसार के सभी रिश्ते नश्वर हैं और केवल साईं का नाम ही वह सत्य है जो जीवन की नैया को भवसागर से पार लगा सकता है। बाबा का तेज सूर्य और चंद्रमा के प्रकाश से भी अधिक है, जो भक्त के जीवन के अंधकार को मिटाकर उसे ज्ञान और भक्ति के प्रकाश से भर देता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • सर्वधर्म समभाव: यह भजन साईं बाबा के 'सबका मालिक एक' के सिद्धांत को पुष्ट करता है।
  • मानसिक शांति: इस भजन का निरंतर श्रवण मन की चंचलता को दूर कर एकाग्रता प्रदान करता है।
  • समर्पण का भाव: यह भक्त को सिखाता है कि जीवन की हर परिस्थिति में बाबा का नाम ही एकमात्र सहारा है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को विशेष रूप से गुरुवार के दिन साईं बाबा की पूजा के समय गाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसे सुबह की प्रार्थना या शाम की आरती के बाद गाया जा सकता है। गायन करते समय मन में बाबा की छवि का ध्यान रखें और श्रद्धापूर्वक लयबद्ध होकर इसे गाएं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ
शरधा श्रद्धा, विश्वास
यश कीर्ति, गुणगान
उजियारा प्रकाश, उजाला
भवर संसार रूपी चक्र या संकट
गुलिस्तां बाग, बगीचा (हृदय रूपी बगीचा)

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम साईं शरधा से हम ने तेरे यश को गाना है
आराध्य देव शिरडी के साईं बाबा
भाषा हिंदी
मुख्य भाव समर्पण एवं भक्ति
उपयुक्त अवसर गुरुवार पूजा, साईं संध्या, सत्संग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

साईं बाबा के 'सबका मालिक एक' का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि ईश्वर एक है, चाहे उसे किसी भी नाम या रूप में पूजा जाए। यह मानवता की एकता का संदेश है।

क्या इस भजन को घर पर गाया जा सकता है?

हाँ, इस भजन को आप अपने घर के पूजा स्थल पर श्रद्धा के साथ कभी भी गा सकते हैं।

साईं बाबा की पूजा के लिए गुरुवार का दिन क्यों शुभ है?

गुरुवार को 'गुरु' का दिन माना जाता है और साईं बाबा को जगतगुरु के रूप में पूजा जाता है, इसलिए यह दिन विशेष महत्व रखता है।

क्या इस भजन को सुनने से मानसिक शांति मिलती है?

निश्चित रूप से, भक्तिपूर्ण संगीत मन को शांत करने और तनाव दूर करने में सहायक होता है।


संपादकीय रूप से तैयार सामग्री। अधिक जानकारी के लिए साईं बाबा भक्ति और शिरडी दर्शन से संबंधित हमारे अन्य लेख पढ़ें।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री शिरडी साईं बाबा की पारंपरिक भक्ति परंपराओं और उपलब्ध भजनों के संकलन पर आधारित है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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