भक्ति काव्य व भजन मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

नाचे अंजनी माँ को लाल भजन इन हिंदी लिरिक्स

पढ़ें नाचे अंजनी माँ को लाल भजन इन हिंदी लिरिक्स का शुद्ध पाठ, शब्दार्थ, विस्तृत हिंदी भावार्थ, पूजा विधि एवं आध्यात्मिक महत्व भक्तिलोक पर।

"नाचे अंजनी माँ को लाल" एक अत्यंत लोकप्रिय और ऊर्जावान हनुमान भजन है, जो कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा का गुणगान करता है। यह भजन न केवल भक्ति रस से ओत-प्रोत है, बल्कि इसमें वीर हनुमान के शौर्य, उनके बाल रूप की चंचलता और प्रभु श्री राम के प्रति उनकी अनन्य निष्ठा का सुंदर चित्रण किया गया है। अंजनी पुत्र हनुमान, जिन्हें संकटमोचन के नाम से जाना जाता है, भक्तों के सभी दुखों को हरने वाले हैं। इस भजन का गायन विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन, हनुमान मंदिरों में, या घर पर आयोजित सुंदरकांड और हनुमान चालीसा पाठ के दौरान किया जाता है। यह भजन साधक के मन में उत्साह, निर्भयता और भक्ति का संचार करता है, जिससे नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है और आत्मबल में वृद्धि होती है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

(मुखड़ा)
नाचे अंजनी माँ को लाल, नाचे अंजनी माँ को लाल
हो... नाचे अंजनी माँ को लाल, नाचे अंजनी माँ को लाल
हाथ में गदा, मुख में राम, नाचे अंजनी माँ को लाल
नाचे अंजनी माँ को लाल, नाचे अंजनी माँ को लाल...

(अंतरा 1)
लंका जाके आग लगाई, रावण की नगरी जलाई
अक्षय कुमार को मार गिराया, काल का मचाया काल
नाचे अंजनी माँ को लाल, नाचे अंजनी माँ को लाल...

(अंतरा 2)
संजीवनी बूटी ले आए, लक्ष्मण जी के प्राण बचाए
राम काज सब सिद्ध कर आए, भक्तन के प्रतिपाल
नाचे अंजनी माँ को लाल, नाचे अंजनी माँ को लाल...

(अंतरा 3)
अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता, राम भक्त सबसे विख्याता
संकट मोचन नाम तुम्हारा, हर लो सब जंजाल
नाचे अंजनी माँ को लाल, नाचे अंजनी माँ को लाल...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ हनुमान जी की लीलाओं और उनके भक्त-वत्सल स्वरूप पर केंद्रित है। "नाचे अंजनी माँ को लाल" का अर्थ है कि माता अंजनी के पुत्र हनुमान जी अपनी भक्ति और शक्ति के आनंद में मग्न होकर नृत्य कर रहे हैं। भजन की पंक्तियाँ हमें याद दिलाती हैं कि कैसे हनुमान जी ने लंका दहन कर अधर्म का नाश किया और संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी के प्राणों की रक्षा की। यह भजन हमें सिखाता है कि जो भक्त प्रभु श्री राम के चरणों में समर्पित हो जाता है, उसके सभी संकट हनुमान जी स्वयं हर लेते हैं। "हाथ में गदा और मुख में राम" का भाव यह है कि हनुमान जी के पास असीम शक्ति (गदा) है, लेकिन उनका ध्यान सदैव अपने आराध्य श्री राम में ही लगा रहता है। यह भजन साधक को यह संदेश देता है कि जीवन में कितनी भी बड़ी बाधा क्यों न आए, यदि हम हनुमान जी की शरण में हैं, तो हमें भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति का संचार: यह भजन मन में हनुमान जी के प्रति प्रेम और श्रद्धा को जागृत करता है।
  • संकट निवारण: हनुमान जी के भजनों का नियमित श्रवण करने से मानसिक तनाव और ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
  • शक्ति का प्रतीक: यह भजन हमें हनुमान जी के बल और बुद्धि का स्मरण कराता है, जो हमें कठिन परिस्थितियों में धैर्य रखने की प्रेरणा देता है।
  • सांस्कृतिक महत्व: भारतीय भक्ति परंपरा में हनुमान जी को 'कलयुग का जागृत देव' माना गया है, और उनके भजनों का गायन सामूहिक सत्संग में ऊर्जा का संचार करता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा के समय गाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

  • समय: ब्रह्म मुहूर्त या संध्या काल का समय सर्वोत्तम है।
  • विधि: सर्वप्रथम हनुमान जी के चित्र या मूर्ति के समक्ष धूप-दीप प्रज्वलित करें। लाल पुष्प अर्पित करें और फिर श्रद्धापूर्वक इस भजन का गायन करें।
  • स्थान: इसे मंदिर में, घर के पूजा स्थल पर या किसी भी पवित्र सत्संग में गाया जा सकता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ संदर्भ
अंजनी माँ को लाल माता अंजनी के पुत्र हनुमान जी के लिए संबोधन
गदा हनुमान जी का प्रमुख अस्त्र शक्ति का प्रतीक
संजीवनी मृत्यु को टालने वाली औषधि लक्ष्मण जी के प्राण रक्षा
अष्ट सिद्धि आठ प्रकार की अलौकिक शक्तियां हनुमान जी की सिद्धियां

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम नाचे अंजनी माँ को लाल
आराध्य देव श्री हनुमान जी
मुख्य भाव भक्ति, शक्ति और समर्पण
उपयुक्त अवसर मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती
भाषा हिंदी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस भजन को सुनने से मन को शांति मिलती है, भय दूर होता है और हनुमान जी की कृपा से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

जी हाँ, हनुमान जी के भजनों का नित्य श्रवण करना अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है।

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संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री पारंपरिक भक्ति साहित्य, हनुमान जी की पौराणिक कथाओं और लोक भजनों के संकलन पर आधारित है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 10 Oct 2026

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