भक्ति काव्य व भजन मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

इतनी शक्ति हमें देना दाता भजन इन हिंदी

पढ़ें इतनी शक्ति हमें देना दाता भजन इन हिंदी का शुद्ध पाठ, शब्दार्थ, विस्तृत हिंदी भावार्थ, पूजा विधि एवं आध्यात्मिक महत्व भक्तिलोक पर।

"इतनी शक्ति हमें देना दाता" एक अत्यंत प्रेरणादायक और भक्तिपूर्ण प्रार्थना है, जो न केवल ईश्वर के प्रति समर्पण का भाव जगाती है, बल्कि मनुष्य को नैतिक बल, परोपकार और आत्म-संयम की शिक्षा भी देती है। यह भजन विशेष रूप से प्रार्थना सभाओं, विद्यालयों और सत्संगों में गाया जाता है। इसमें भक्त ईश्वर से सांसारिक सुख-सुविधाओं की मांग न करके, बल्कि 'शक्ति' की याचना करता है—वह शक्ति जो उसे बुराइयों से दूर रखे, दूसरों की सेवा करने का साहस दे और कठिन परिस्थितियों में भी सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का धैर्य प्रदान करे। यह भजन मानवीय मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का एक अद्भुत संगम है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमज़ोर हो ना
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना

इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमज़ोर हो ना

दूर अज्ञान के हों अंधेरे, तू हमें ज्ञान की रोशनी दे
हर बुराई से बचते रहें हम, जितनी भी दे तू ज़िंदगी दे
बैैर हो ना किसी का किसी से, भावना मन में बदले की हो ना
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना

हम न सोचें हमें क्या मिला है, हम ये सोचें किया क्या है अर्पण
फूल खुशियों के बांटें सभी को, सबका जीवन ही बन जाए मधुबन
अपनी करुणा को जब तू बहाए, कर दे पावन हर एक मन का कोना
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना

हम अंधेरे में हैं रोशनी तू, खुद न जाने बुराई क्या है
इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमज़ोर हो ना
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा है। भक्त ईश्वर से प्रार्थना करता है कि हे प्रभु! मुझे इतनी आंतरिक शक्ति प्रदान करें कि मेरे मन का विश्वास कभी डगमगाए नहीं। जीवन के उतार-चढ़ाव में भी मेरा धैर्य बना रहे। 'नेक रस्ते' का अर्थ है धर्म और सत्य का मार्ग। भक्त चाहता है कि वह अनजाने में भी कोई पाप या गलत कार्य न कर बैठे।

भजन की दूसरी कड़ी में 'अज्ञान के अंधेरे' को मिटाने की प्रार्थना है। अज्ञान ही सभी बुराइयों की जड़ है। जब हृदय में ज्ञान का प्रकाश होता है, तो द्वेष और बदले की भावना स्वतः समाप्त हो जाती है। अंतिम भाग में 'अर्पण' की भावना पर जोर दिया गया है। यह निष्काम कर्मयोग का संदेश है—अर्थात, हम यह न देखें कि संसार ने हमें क्या दिया, बल्कि हम समाज और मानवता को क्या दे सकते हैं।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • नैतिकता का पाठ: यह भजन बच्चों और बड़ों दोनों को सदाचार की प्रेरणा देता है।
  • निस्वार्थ सेवा: 'किया क्या है अर्पण' की पंक्ति निस्वार्थ भाव से सेवा करने की सीख देती है।
  • मानसिक शांति: नियमित रूप से इस भजन का श्रवण मन की चंचलता को कम करता है।
  • सार्वभौमिक प्रार्थना: इसमें किसी विशेष संप्रदाय का आग्रह नहीं, बल्कि मानवता का कल्याण निहित है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को प्रातःकाल की प्रार्थना (Morning Prayer) के समय गाना सबसे उत्तम माना जाता है। इसे आप अपने नित्य पूजा-पाठ के बाद या किसी भी सामूहिक सत्संग में गा सकते हैं। इसे गाते समय मन में पूर्ण एकाग्रता और ईश्वर के प्रति कृतज्ञता का भाव होना चाहिए।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
दाता देने वाला (ईश्वर) परमात्मा के लिए संबोधन
नेक रस्ता सत्य और धर्म का मार्ग नैतिक जीवन
अज्ञान अंधकार/अविद्या बुराई का मूल कारण
अर्पण समर्पण/दान सेवा भाव

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम इतनी शक्ति हमें देना दाता
विषय प्रार्थना एवं आत्म-सुधार
भाषा हिंदी
भाव विनय, समर्पण, परोपकार
उपयुक्त अवसर प्रातःकालीन प्रार्थना, विद्यालय, सत्संग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस भजन का मुख्य संदेश ईश्वर से आत्म-शक्ति, सत्य के मार्ग पर चलने का साहस और परोपकार की भावना मांगना है।

नहीं, यह एक निराकार ईश्वर (परमात्मा) को समर्पित प्रार्थना है, जिसे कोई भी भक्त गा सकता है।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह भजन पारंपरिक प्रार्थनाओं और भक्ति साहित्य से संकलित है। इसका उपयोग भारतीय शिक्षा प्रणाली में नैतिक मूल्यों के विकास हेतु दशकों से किया जा रहा है।

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संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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