शनि देव पौराणिक व्रत कथा संदर्भ एवं व्याख्या सहित

शनिवार व्रत कथा - नवग्रहों में शनि देव की महिमा एवं राजा विक्रमादित्य कथा

शनिवार व्रत कथा भगवान शनि देव की न्यायप्रियता और राजा विक्रमादित्य के जीवन के संघर्षों एवं उनकी पुन: प्राप्ति की पावन कथा है। इस व्रत से शनि दोष शांत होते हैं।

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शनिवार व्रत कथा - नवग्रहों में शनि देव की महिमा एवं राजा विक्रमादित्य कथा परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

शनिवार व्रत कथा भगवान शनि देव की न्यायप्रियता और राजा विक्रमादित्य के जीवन के संघर्षों एवं उनकी पुन: प्राप्ति की पावन कथा है। इस व्रत से शनि दोष शांत होते हैं।

आध्यात्मिक लाभ एवं नित्य पाठ विधि

शनिवार व्रत कथा - नवग्रहों में शनि देव की महिमा एवं राजा विक्रमादित्य कथा का श्रद्धापूर्वक नित्य पाठ करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।

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संपादकीय नीति एवं प्रामाणिकता संदर्भ

यह पावन पौराणिक कथा एवं व्रत विधान उपलब्ध धार्मिक शास्त्रों (पद्म पुराण, स्कंद पुराण, भविष्य पुराण, श्रीमद्भागवत एवं अन्य प्रामाणिक संदर्भों) के आधार पर भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा शोध एवं समीक्षा उपरांत सरल हिंदी भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य सनातन धर्म की अमूल्य परंपराओं एवं नैतिक शिक्षाओं का जन-जन तक प्रसार करना है।

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Deepak Kumar Bind

भक्तिलोक के वरिष्ठ धार्मिक शोधकर्ता एवं पौराणिक कथा संपादक। सनातन धर्म, व्रत-त्योहारों, वैदिक अनुष्ठानों और भक्ति परंपराओं पर प्रामाणिक सामग्री प्रस्तुत करने हेतु समर्पित।

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