वैशाख पूर्णिमा पर ब्रह्म पुराण पढ़ने का फल (Benefits of Reading Brahma Purana on Vaishakh Purnima)
वैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर ब्रह्म पुराण के पाठ का विशेष महत्व है। इस दिन श्रद्धापूर्वक पाठ और दान-पुण्य करने से भगवान विष्णु औ…
भक्तिलोक पर Puran के अंतर्गत सभी भक्ति रचनाओं, लोकप्रिय भजनों, आरतियों, चालीसा और मंत्रों का प्रामाणिक संकलन सरल हिंदी भावार्थ एवं शास्त्रीय संदर्भ सहित पढ़ें।
शुद्ध पाठ, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ सहित भक्ति साहित्य।
सनातन संस्कृति और भक्ति परंपरा में Puran का स्थान अत्यंत पावन है। कलियुग में नाम संकीर्तन और प्रभु वंदना को समस्त क्लेशों से मुक्ति तथा आत्मिक शांति का सबसे सुलभ साधन बताया गया है।
भक्तिलोक के संपादकीय मंडल द्वारा इस संग्रह के प्रत्येक भजन, पद, स्तुति एवं कथा को शुद्धता, व्याकरणिक स्पष्टता, पौराणिक संदर्भ और भावार्थ के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि श्रद्धालुजन सुगमता से भक्ति रस का अनुभव कर सकें।
वैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर ब्रह्म पुराण के पाठ का विशेष महत्व है। इस दिन श्रद्धापूर्वक पाठ और दान-पुण्य करने से भगवान विष्णु औ…
गोदावरी नदी के पावन तट पर स्थित ब्रह्मा मंदिर का धार्मिक और पौराणिक महत्व अत्यंत विशेष है। सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी के इस दुर्ल…
राजस्थान के पुष्कर में स्थित ब्रह्म तीर्थ केवल एक सरोवर नहीं, बल्कि सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी की तपोभूमि और उनके चार मुखों की रह…
रुद्र तीर्थ वह पावन स्थल है जहां भगवान शिव को ब्रह्मा जी के पांचवें सिर को काटने के कारण लगे ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति मिली थी।…
नाग तीर्थ के पावन जल का महत्व और इसके चमत्कारी लाभ जानें। इस लेख में सर्प दोष, पितृ दोष निवारण के उपाय और नाग पूजा की सरल विधि का …
भारतीय संस्कृति में माँ को प्रथम गुरु, प्रथम शिक्षिका और साक्षात् देवी का रूप माना गया है। 'मातृ देवो भव' की शिक्षा हमें सिखाती है…
माता सती के आत्मदाह और भगवान शिव के क्रोध की यह पौराणिक कथा केवल एक दुखांत घटना नहीं है, बल्कि आत्मसम्मान और ब्रह्मांडीय संतुलन का…
प्रजापति दक्ष के यज्ञ का विनाश हिंदू पुराणों की सबसे रहस्यमयी कथाओं में से एक है। जानिए सती के आत्मदाह, भगवान शिव के क्रोध और वीरभ…
ब्रह्म पुराण के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह की पावन कथा पढ़ें। यह प्रसंग शक्ति और शिव के अटूट मिलन, प्रेम और स…
प्रत्यक्ष देवता सूर्य देव की दैनिक आराधना के लिए सूर्य स्तुति मंत्र का विशेष महत्व है। इस लेख में सूर्य देव की रोजाना स्तुति का मं…
ब्रह्म पुराण के अनुसार वर्णाश्रम धर्म सनातन परंपरा की वह व्यवस्था है जो मानव जीवन को व्यक्तिगत एवं सामाजिक उन्नति का मार्ग दिखाती …
हिंदू धर्म में पितरों का विशेष स्थान है। श्राद्ध, तर्पण और दान के माध्यम से पूर्वजों को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने…
ब्रह्म पुराण के अनुसार श्राद्ध कर्म कैसे करें? जानिए पितरों की आत्मिक शांति और तृप्ति के लिए श्राद्ध की विधि, नियम और महत्व की संप…
हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार स्वर्ग लोक (देवलोक) देवताओं और पुण्यात्माओं का वह दिव्य धाम है जहाँ असीम सुख, सौंदर्य और आनंद का वास …
ब्रह्म पुराण हिन्दू धर्म के अठारह महापुराणों में प्रथम है जिसे आदि पुराण भी कहा जाता है। इसमें नरक की अवधारणा और उससे बचने के सरल …
गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के पश्चात जीवात्मा को उसके पाप कर्मों के आधार पर 28 विभिन्न नरक लोकों में भेजा जाता है। जानिए इन नरक …
गरुड़ पुराण और हिंदू शास्त्रों के अनुसार मृत्यु के पश्चात पापी जीवात्माओं को मिलने वाले दंड और विभिन्न नरक लोकों के नाम। जानिए कर्…
हिंदू पुराणों में वर्णित प्रलय का सबसे भीषण और डरावना रूप है एक साथ सात सूर्यों का उदय। जानिए कैसे इन सात सूर्यों के तेज से सम्पूर…
हिंदू पुराणों के अनुसार, जब ब्रह्मा जी सोते हैं, तो 100 वर्षों तक लगातार प्रचंड वर्षा होती है जिससे संपूर्ण ब्रह्मांड जलमग्न हो जा…
हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, कलियुग के अंत में अधर्म का नाश करने और धर्म की पुनः स्थापना के लिए भगवान विष्णु का दसवां अवतार 'कल्क…
प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।