दिव्य भक्ति नाद कैप्सूल
पूजन व ध्यान के समय पवित्र वातावरण निर्माण हेतु स्पर्श करें:
Ram Navami 2026 का परिचय एवं महात्म्य
Ram Navami 2026 सनातन धर्म की पावन परंपरा का अत्यंत श्रद्धापूर्ण पर्व है। इस दिन विधि-विधान से व्रत, जप, तप और दान करने से मनुष्य को मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
सनातन धर्म के सभी पर्व आत्मा की शुद्धि, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और परमात्मा के साथ तादात्म्य स्थापित करने के वैज्ञानिक माध्यम हैं।
Ram Navami 2026 २०३०: शास्त्रसम्मत शुभ मुहूर्त
द्रिक गणित पंचांग एवं सूर्य-सिद्धांत गणना के अनुसार वर्ष २०३० (विक्रम संवत २०८७) में पूजन एवं अनुष्ठान के अत्यंत फलदायी मुहूर्त:
संपूर्ण पूजा सामग्री सूची (Checklist)
शास्त्रोक्त पूजन हेतु आवश्यक समस्त सामग्रियों का संग्रह पूर्व में ही कर लें:
चरणबद्ध एवं शास्त्रीय पूजा विधि
शास्त्रों में वर्णित प्रामाणिक विधि के अनुसार निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
पौराणिक व्रत कथा एवं धार्मिक इतिहास
पौराणिक शास्त्रों में इस पावन दिवस के महात्म्य का सुंदर वर्णन मिलता है। जो भक्त निष्काम भाव से इस दिन प्रभु की उपासना करते हैं, उनके समस्त मनोरथ पूर्ण होते हैं।
प्रमुख मंत्र, स्तुति व श्लोक
सर्वमंगल प्रार्थना
क्या करें और क्या न करें (नियम व सावधानियां)
क्या करें (करणीय कार्य)
- सात्विक आहार लें और मन को शांत रखें।
- यथाशक्ति जरूरतमंदों को दान दें।
क्या न करें (वर्जित कार्य)
- तामसिक भोजन और क्रोध से बचें।