सनातन महापर्व कैलेंडर २९+ प्रमुख त्यौहार वर्ष २०३० वि.सं. २०८७

हिंदू त्यौहार एवं उत्सव कैलेंडर २०३०

वर्ष २०३० (विक्रम संवत २०८७) के समस्त मकर संक्रांति, महाशिवरात्रि, होली, रामनवमी, रक्षाबंधन, कृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा, करवा चौथ व दीपावली की सही तिथियां व धार्मिक माहात्म्य।

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आगामी महापर्व विशेष आगामी पर्व

मकर संक्रांति (Makar Sankranti / Pongal)

१४ जनवरी २०३०, सोमवार आराध्य: भगवान भास्कर (सूर्य देव) शीतकालीन पर्व

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश। उत्तरायण काल का शुभारंभ, गंगा स्नान, खिचड़ी व तिल-गुड़ दान का महापर्व।

इस महापर्व का सम्पूर्ण विवरण व मुहूर्त देखें
शीतकालीन पर्व आगामी पर्व
१४ जनवरी २०३०, सोमवार

मकर संक्रांति (Makar Sankranti / Pongal)

आराध्य देव: भगवान भास्कर (सूर्य देव)

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश। उत्तरायण काल का शुभारंभ, गंगा स्नान, खिचड़ी व तिल-गुड़ दान का महापर्व।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
ऋतु पर्व आगामी पर्व
०८ फ़रवरी २०३०, शुक्रवार

वसन्त पञ्चमी / सरस्वती पूजा (Vasant Panchami)

आराध्य देव: माँ सरस्वती (विद्या व संगीत देवी)

माँ शारदा का प्राकट्योत्सव। वसंत ऋतु का स्वागत, पीले वस्त्र धारण व विद्यारंभ (अक्षरारंभ) का पावन दिन।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख महापर्व आगामी पर्व
०३ मार्च २०३०, रविवार

महाशिवरात्रि (Maha Shivratri Mahaparva)

आराध्य देव: देवाधिदेव महादेव व माँ पार्वती

शिव-पार्वती विवाह एवं ज्योतिर्लिंग प्राकट्योत्सव। चारों प्रहर की महापूजा, रुद्राभिषेक व जागरण।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
वसंत पर्व आगामी पर्व
१९ मार्च २०३०, मंगलवार

होलिका दहन (Holika Dahan)

आराध्य देव: भक्त प्रह्लाद व भगवान नृसिंह

बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक। फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या पर अग्नि पूजन व संवत दहन।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
वसंत पर्व आगामी पर्व
२० मार्च २०३०, बुधवार

धुलेंडी / रंगोत्सव होली (Holi Festival of Colors)

आराध्य देव: श्री राधा-कृष्ण व कामदेव

रंगों का विश्वप्रसिद्ध उत्सव। आपसी भेदभाव मिटाकर गुलाल-अबीर लगाने व उल्लास का पावन पर्व।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
नववर्ष व नवरात्रि आगामी पर्व
०४ अप्रैल २०३०, गुरुवार

चैत्र नवरात्रि प्रारंभ व गुड़ी पड़वा (Hindu New Year)

आराध्य देव: माँ शैलपुत्री व ब्रह्मा जी

विक्रम संवत का शुभारंभ, घटस्थापना एवं माँ भगवती के नौ दिव्य स्वरूपों की नवदिवसीय आराधना।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख महापर्व आगामी पर्व
१२ अप्रैल २०३०, शुक्रवार

श्री राम नवमी (Rama Navami Mahotsav)

आराध्य देव: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम

अयोध्या में प्रभु श्री राम का मध्याह्न १२:०० बजे जन्मोत्सव। रामचरितमानस पाठ व जन्मोत्सव बधाई गायन।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
जयंती पर्व आगामी पर्व
१८ अप्रैल २०३०, गुरुवार

श्री हनुमान जयन्ती (Hanuman Jayanti)

आराध्य देव: संकटमोचन पवनपुत्र हनुमान जी

चैत्र पूर्णिमा पर रुद्रावतार महावीर हनुमान जी का प्राकट्य। सुंदरकांड, सिंदूर अर्पण व संकट निवारण।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
अबूझ मुहूर्त आगामी पर्व
०५ मई २०३०, रविवार

अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya / Parashurama Jayanti)

आराध्य देव: माँ महालक्ष्मी व भगवान परशुराम

अक्षय पुण्य प्रदाता तिथि। स्वर्ण क्रय, नया व्यापार प्रारंभ, गृह प्रवेश व दान के लिए सर्वश्रेष्ठ अबूझ मुहूर्त।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
नदी व तीर्थ पर्व आगामी पर्व
११ जून २०३०, मंगलवार

गंगा दशहरा (Ganga Dussehra)

आराध्य देव: पतितपावनी माँ गंगा

माँ गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण दिवस। १० प्रकार के पापों का शमन व पवित्र गंगा स्नान।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
महाव्रत आगामी पर्व
१२ जून २०३०, बुधवार

निर्जला एकादशी (Nirjala Bhimseni Ekadashi)

आराध्य देव: भगवान अच्युत / श्रीहरि विष्णु

वर्ष की सबसे कठिन व पुण्यमयी एकादशी। निर्जल रहकर व्रत करने से वर्षभर की एकादशियों का फल।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
महामहोत्सव आगामी पर्व
०२ जुलाई २०३०, मंगलवार

जगन्नाथ रथ यात्रा (Jagannath Ratha Yatra, Puri)

आराध्य देव: भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा

पुरी धाम में प्रभु जगन्नाथ का भव्य रथारोहण कर गुंडिचा मंदिर प्रस्थान। कोटि जन्मों के पापों का क्षय।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
आध्यात्मिक पर्व आगामी पर्व
१४ जुलाई २०३०, रविवार

गुरु पूर्णिमा / व्यास पूजा (Guru Purnima)

आराध्य देव: महर्षि कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास व गुरु परंपरा

गुरु के प्रति कृतज्ञता समर्पण, व्यास पूजन व चातुर्मास साधक संतों का व्रत संकल्प।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
सावन पर्व आगामी पर्व
०४ अगस्त २०३०, रविवार

नाग पंचमी (Nag Panchami)

आराध्य देव: नाग देवता (अनंत, वासुकि, शेष)

श्रावण शुक्ल पंचमी पर नाग पूजा, दुग्ध अर्पण व कालसर्प दोष निवारण।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख महापर्व आगामी पर्व
१३ अगस्त २०३०, मंगलवार

रक्षा बन्धन / श्रावणी पूर्णिमा (Raksha Bandhan)

आराध्य देव: रक्षा सूत्र व भाई-बहन का पावन स्नेह

बहन द्वारा भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधना, श्रावणी उपाकर्म एवं वेद पाठी ब्राह्मणों द्वारा जनेऊ परिवर्तन।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख महापर्व आगामी पर्व
२१ अगस्त २०३०, बुधवार

श्री कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami)

आराध्य देव: योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण (माखनचोर)

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि १२:०० बजे कान्हा का जन्मोत्सव, अभिषेक व मटकी फोड़ उत्सव।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख महापर्व आगामी पर्व
०१ सितम्बर २०३०, रविवार

गणेश चतुर्थी / गणेशोत्सव प्रारंभ (Ganesh Chaturthi)

आराध्य देव: प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश

१० दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ। घर-घर में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापना, मोदक भोग व विध्न निवारण।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
उत्सव समापन आगामी पर्व
१० सितम्बर २०३०, मंगलवार

अनंत चतुर्दशी व गणेश विसर्जन (Anant Chaturdashi)

आराध्य देव: भगवान अनंत (विष्णु) व गणपति बप्पा

१४ गांठों वाले अनंत सूत्र का धारण, पूजन एवं गणपति बप्पा का अश्रुपूरित विदाई व विसर्जन।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख महापर्व आगामी पर्व
२७ सितम्बर २०३०, शुक्रवार

शारदीय नवरात्रि प्रारंभ व कलश स्थापना (Sharad Navratri)

आराध्य देव: माँ दुर्गा (नवदुर्गा स्वरूप)

नौ दिवसीय शक्ति उपासना, गरबा-डांडिया उत्सव, दुर्गा सप्तशती पाठ व अखण्ड ज्योति प्रज्वलन।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
शक्ति पर्व आगामी पर्व
०४ अक्टूबर २०३०, शुक्रवार

महाष्टमी / दुर्गा अष्टमी व कन्या पूजन (Durga Ashtami)

आराध्य देव: माँ महागौरी

महाष्टमी पर माँ महागौरी का विशेष पूजन, संधि पूजा एवं साक्षात् देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन व हलवा-चना भोग।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख महापर्व आगामी पर्व
०६ अक्टूबर २०३०, रविवार

विजयादशमी / दशहरा (Dussehra - Vijayadashami)

आराध्य देव: श्री राम, माँ अपराजिता व शमी वृक्ष

श्री राम द्वारा दशानन रावण का वध, महिषासुर मर्दिनी माँ दुर्गा की विजय, शस्त्र पूजन व सीमोल्लंघन।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
सुहाग पर्व आगामी पर्व
१५ अक्टूबर २०३०, मंगलवार

करवा चौथ व्रत (Karwa Chauth Fast)

आराध्य देव: माँ करवा, शिव-पार्वती व चंद्र देव

सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु व अखंड सौभाग्य हेतु निर्जला व्रत। चलनी से चंद्र व पति दर्शन।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
पंचमहोत्सव आगामी पर्व
२४ अक्टूबर २०३०, गुरुवार

धनतेरस / धन्वंतरि त्रयोदशी (Dhanteras / Kuber Puja)

आराध्य देव: भगवान धन्वंतरि, कुबेर देव व यमराज

५ दिवसीय दीपोत्सव का शुभारंभ। आयुर्वेद जनक धन्वंतरि पूजन, स्वर्ण-रजत-बर्तन क्रय व यम दीपदान।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख महापर्व आगामी पर्व
२६ अक्टूबर २०३०, शनिवार

दीपावली / महालक्ष्मी पूजन (Diwali - Festival of Lights)

आराध्य देव: माँ महालक्ष्मी, भगवान गणेश व माँ सरस्वती

अयोध्या में प्रभु श्री राम का आगमन। अमावस की अंधियारी रात में दीपों की जगमगाहट, महालक्ष्मी पूजन व सुख-समृद्धि कामना।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
पंचमहोत्सव आगामी पर्व
२७ अक्टूबर २०३०, रविवार

गोवर्धन पूजा / अन्नकूट महोत्सव (Govardhan Puja)

आराध्य देव: गिरिराज गोवर्धन व भगवान श्री कृष्ण

इंद्र के मानमर्दन हेतु कनिष्ठिका अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाना। ५६ भोग, अन्नकूट व गोमाता पूजन।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
पंचमहोत्सव आगामी पर्व
२८ अक्टूबर २०३०, सोमवार

भाई दूज / यम द्वितीया (Bhai Dooj)

आराध्य देव: धर्मराज यमराज व यमुना मैया

बहन के घर भाई का भोजन ग्रहण करना, तिलक लगाना एवं अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
प्रमुख महापर्व आगामी पर्व
०१ नवम्बर २०३०, शुक्रवार

छठ महापर्व / सूर्य षष्ठी (Chhath Puja Mahaparva)

आराध्य देव: भगवान सूर्य नारायण व षष्ठी मैया

४ दिवसीय अखंड लोकपर्व (नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य, उषा अर्घ्य)। संतान आरोग्य, कुल वृद्धि व सूर्य कृपा।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
दिव्य प्रकाश पर्व आगामी पर्व
१० नवम्बर २०३०, रविवार

देव दीपावली (Dev Deepawali - Varanasi)

आराध्य देव: त्रिपुरारी महादेव व समस्त देवता

कार्तिक पूर्णिमा पर त्रिपुरारी द्वारा त्रिपुरासुर संहार। काशी के ८४ घाटों पर देवताओं द्वारा लाखों दीप प्रज्वलन।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
शास्त्र पर्व आगामी पर्व
०५ दिसम्बर २०३०, गुरुवार

गीता जयंती व मोक्षदा एकादशी (Gita Jayanti)

आराध्य देव: भगवान श्री कृष्ण व श्रीमद्भगवद्गीता

कुरुक्षेत्र की रणभूमि में अर्जुन को योगेश्वर श्री कृष्ण द्वारा दिए गए अमर गीता ज्ञान का प्राकट्य दिवस।

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि

संपूर्ण हिंदू त्यौहार समय-सारणी २०३०

द्रिक गणित एवं सूर्य सिद्धांत पंचांग पर आधारित वर्ष २०३० (विक्रम संवत २०८७) के समस्त प्रमुख पर्वों की तिथिवार प्रामाणिक सूची:

त्यौहार / महापर्व का नाम श्रेणी दिनांक (२०३०) आराध्य देव / स्वरूप कार्यवाही
मकर संक्रांति (Makar Sankranti / Pongal) शीतकालीन पर्व १४ जनवरी २०३०, सोमवार भगवान भास्कर (सूर्य देव) विवरण
वसन्त पञ्चमी / सरस्वती पूजा (Vasant Panchami) ऋतु पर्व ०८ फ़रवरी २०३०, शुक्रवार माँ सरस्वती (विद्या व संगीत देवी) विवरण
महाशिवरात्रि (Maha Shivratri Mahaparva) प्रमुख महापर्व ०३ मार्च २०३०, रविवार देवाधिदेव महादेव व माँ पार्वती विवरण
होलिका दहन (Holika Dahan) वसंत पर्व १९ मार्च २०३०, मंगलवार भक्त प्रह्लाद व भगवान नृसिंह विवरण
धुलेंडी / रंगोत्सव होली (Holi Festival of Colors) वसंत पर्व २० मार्च २०३०, बुधवार श्री राधा-कृष्ण व कामदेव विवरण
चैत्र नवरात्रि प्रारंभ व गुड़ी पड़वा (Hindu New Year) नववर्ष व नवरात्रि ०४ अप्रैल २०३०, गुरुवार माँ शैलपुत्री व ब्रह्मा जी विवरण
श्री राम नवमी (Rama Navami Mahotsav) प्रमुख महापर्व १२ अप्रैल २०३०, शुक्रवार मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम विवरण
श्री हनुमान जयन्ती (Hanuman Jayanti) जयंती पर्व १८ अप्रैल २०३०, गुरुवार संकटमोचन पवनपुत्र हनुमान जी विवरण
अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya / Parashurama Jayanti) अबूझ मुहूर्त ०५ मई २०३०, रविवार माँ महालक्ष्मी व भगवान परशुराम विवरण
गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) नदी व तीर्थ पर्व ११ जून २०३०, मंगलवार पतितपावनी माँ गंगा विवरण
निर्जला एकादशी (Nirjala Bhimseni Ekadashi) महाव्रत १२ जून २०३०, बुधवार भगवान अच्युत / श्रीहरि विष्णु विवरण
जगन्नाथ रथ यात्रा (Jagannath Ratha Yatra, Puri) महामहोत्सव ०२ जुलाई २०३०, मंगलवार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा विवरण
गुरु पूर्णिमा / व्यास पूजा (Guru Purnima) आध्यात्मिक पर्व १४ जुलाई २०३०, रविवार महर्षि कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास व गुरु परंपरा विवरण
नाग पंचमी (Nag Panchami) सावन पर्व ०४ अगस्त २०३०, रविवार नाग देवता (अनंत, वासुकि, शेष) विवरण
रक्षा बन्धन / श्रावणी पूर्णिमा (Raksha Bandhan) प्रमुख महापर्व १३ अगस्त २०३०, मंगलवार रक्षा सूत्र व भाई-बहन का पावन स्नेह विवरण
श्री कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami) प्रमुख महापर्व २१ अगस्त २०३०, बुधवार योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण (माखनचोर) विवरण
गणेश चतुर्थी / गणेशोत्सव प्रारंभ (Ganesh Chaturthi) प्रमुख महापर्व ०१ सितम्बर २०३०, रविवार प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश विवरण
अनंत चतुर्दशी व गणेश विसर्जन (Anant Chaturdashi) उत्सव समापन १० सितम्बर २०३०, मंगलवार भगवान अनंत (विष्णु) व गणपति बप्पा विवरण
शारदीय नवरात्रि प्रारंभ व कलश स्थापना (Sharad Navratri) प्रमुख महापर्व २७ सितम्बर २०३०, शुक्रवार माँ दुर्गा (नवदुर्गा स्वरूप) विवरण
महाष्टमी / दुर्गा अष्टमी व कन्या पूजन (Durga Ashtami) शक्ति पर्व ०४ अक्टूबर २०३०, शुक्रवार माँ महागौरी विवरण
विजयादशमी / दशहरा (Dussehra - Vijayadashami) प्रमुख महापर्व ०६ अक्टूबर २०३०, रविवार श्री राम, माँ अपराजिता व शमी वृक्ष विवरण
करवा चौथ व्रत (Karwa Chauth Fast) सुहाग पर्व १५ अक्टूबर २०३०, मंगलवार माँ करवा, शिव-पार्वती व चंद्र देव विवरण
धनतेरस / धन्वंतरि त्रयोदशी (Dhanteras / Kuber Puja) पंचमहोत्सव २४ अक्टूबर २०३०, गुरुवार भगवान धन्वंतरि, कुबेर देव व यमराज विवरण
दीपावली / महालक्ष्मी पूजन (Diwali - Festival of Lights) प्रमुख महापर्व २६ अक्टूबर २०३०, शनिवार माँ महालक्ष्मी, भगवान गणेश व माँ सरस्वती विवरण
गोवर्धन पूजा / अन्नकूट महोत्सव (Govardhan Puja) पंचमहोत्सव २७ अक्टूबर २०३०, रविवार गिरिराज गोवर्धन व भगवान श्री कृष्ण विवरण
भाई दूज / यम द्वितीया (Bhai Dooj) पंचमहोत्सव २८ अक्टूबर २०३०, सोमवार धर्मराज यमराज व यमुना मैया विवरण
छठ महापर्व / सूर्य षष्ठी (Chhath Puja Mahaparva) प्रमुख महापर्व ०१ नवम्बर २०३०, शुक्रवार भगवान सूर्य नारायण व षष्ठी मैया विवरण
देव दीपावली (Dev Deepawali - Varanasi) दिव्य प्रकाश पर्व १० नवम्बर २०३०, रविवार त्रिपुरारी महादेव व समस्त देवता विवरण
गीता जयंती व मोक्षदा एकादशी (Gita Jayanti) शास्त्र पर्व ०५ दिसम्बर २०३०, गुरुवार भगवान श्री कृष्ण व श्रीमद्भगवद्गीता विवरण

सनातन पर्व परंपरा एवं पंचांग काल-गणना का विज्ञान

सनातन हिंदू पर्व केवल सामाजिक उत्सव नहीं हैं, अपितु ये सूर्य, चंद्रमा, ऋतु परिवर्तन और मानव चेतना के गहरे तालमेल पर आधारित खगोलीय विज्ञान हैं। प्रत्येक त्यौहार का समय किसी विशेष ऋतु संक्रमण अथवा विशिष्ट ग्रह योग के प्रभाव को संतुलित करने के लिए निर्धारित किया गया है।

१. उदया तिथि और काल-विशिष्ट तिथियों का शास्त्रीय नियम

हिंदू धर्म में त्योहारों का निर्णय मुख्य रूप से दो नियमों पर आधारित होता है:

  • उदया तिथि (Udaya Tithi): जिस तिथि में सूर्योदय होता है, सामान्यतः दिनभर उसी तिथि का प्रभाव माना जाता है और उसी दिन अधिकांश पर्व मनाए जाते हैं (जैसे रामनवमी, दशहरा)।
  • काल व्यापिनी तिथि (Kala Vyapini): कुछ पर्व किसी विशिष्ट प्रहर में मनाए जाते हैं—जैसे दीपावली का लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल (सूर्यास्त उपरांत) में, महाशिवरात्रि का रुद्राभिषेक निशीथ काल (मध्यरात्रि) में, और करवा चौथ का पारण चंद्रोदय काल में। ऐसे में उस विशिष्ट काल में उपस्थित तिथि को ही ग्रहण किया जाता है।

२. लूनी-सोलर (Lunisolar) समन्वय और अधिकमास

सौर वर्ष ३६५.२४२ दिन का और चंद्र वर्ष ३५४.३६ दिन का होता है। प्रतिवर्ष आने वाले लगभग ११ दिनों के अंतर को समायोजित करने हेतु प्रत्येक ३२ माह १६ दिन (लगभग ३ वर्ष) में चंद्र वर्ष में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे 'अधिकमास' या 'पुरुषोत्तम मास' कहा जाता है। इसी वैज्ञानिक सामंजस्य के कारण हिंदू त्यौहार हमेशा अपनी प्राकृतिक ऋतुओं के अनुसार ही आते हैं।

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त्यौहार एवं मुहूर्त संबंधी प्रश्नोत्तर (FAQ)

वर्ष २०३० में होली और दीपावली की सही तिथियां इस प्रकार हैं:
  • होली (धुलेंडी): २० मार्च २०३०, बुधवार
  • दीपावली (महालक्ष्मी पूजन): २६ अक्टूबर २०३०, शनिवार

अधिकांश हिंदू पर्व चंद्र तिथियों पर आधारित होते हैं, जबकि मकर संक्रांति विशुद्ध रूप से सौर पर्व है। जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, उस संक्रमण काल को संक्रांति कहा जाता है। पृथ्वी और सूर्य की गति के अनुसार यह संक्रमण १४ या १५ जनवरी को ही घटित होता है।

'अबूझ मुहूर्त' उस तिथि को कहा जाता है जो स्वयं में इतनी शुभ और दोषरहित होती है कि उसमें किसी भी मांगलिक कार्य (विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार आरंभ, वाहन क्रय) के लिए पंचांग शुद्धि देखने की आवश्यकता नहीं होती। वैशाख शुक्ल तृतीया (अक्षय तृतीया) वर्ष का प्रमुख अबूझ मुहूर्त है।

एक वर्ष में कुल ४ नवरात्रि आती हैं—दो प्रत्यक्ष (चैत्र नवरात्रि व शारदीय नवरात्रि) तथा दो गुप्त (माघ गुप्त नवरात्रि व आषाढ़ गुप्त नवरात्रि)। प्रत्यक्ष नवरात्रि में जनसामान्य द्वारा उत्सव व व्रत किया जाता है, जबकि गुप्त नवरात्रि में साधक तंत्र व विशेष साधनाएं करते हैं।
संपादकीय पारदर्शिता एवं शास्त्रीय संदर्भ:

यह त्यौहार अनुक्रमणिका निर्णयसिंधु, धर्मसिंधु, स्कंद पुराण, सूर्य सिद्धांत एवं द्रिक गणित पंचांग के उपलब्ध संदर्भों के आधार पर तैयार की गई है। स्थानीय सूर्योदय एवं चंद्रोदय समय के आधार पर कुछ पर्वों के पूजन समय में कुछ मिनटों का सूक्ष्म अंतर संभव है।

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सर्वमंगल शांति प्रार्थना

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥

समस्त पर्व व उत्सवों का मूल उद्देश्य प्राणिमात्र का कल्याण, शांति, और सद्भावना की स्थापना करना है।