भक्ति काव्य व भजन बुधवार विशेष (भगवान श्री गणेश व बुध देव)

मैहर की माँ शारदे तेरा भजन करता हूँ भजन लिरिक्स (Maihar Ki Sharade Tera Bahajan Karata Hu Lyrics in Hindi)

मैहर की माँ शारदे का भजन भक्ति, ज्ञान एवं समर्पण का प्रतीक है, जो भक्ति मार्ग के अनन्य अनुभव प्रदान करता है।

प्रस्तावना एवं परिचय

शारदे माता की कृपा का प्रार्थना गीत

शारदे माता की भक्ति में समर्पित एक भावपूर्ण भजन, जो मन को शांति और शक्ति प्रदान करता है।

मैहर की माँ शारदे तेरा भजन करता हूँ भजन लिरिक्स (Maihar Ki Sharade Tera Bahajan Karata Hu Lyrics in Hindi)मैया हो मेरी मै बेटा तुम्हारा,मैं करता हूं ये कामना,करता हूं ये कामना,विनती यही है आया हूं दर पर,रखना मेरी लाज मां,रखना मेरी लाज मां,मां दर्शन तो दो आकर,मैं करूँ तेरी आराधना,अब कर दे कृपा मेरी मां,तुम्हारा ध्यान करता हूं।।कैसे करू तेरी भक्ति बताओ,मां कैसे करू में ये विनती बताओ,मैं आया तेरे द्वार मां,मैं आया तेरे द्वार मां,विनती करू क्या अज्ञानी हूं माता,मेरी छोटी सी है याचना,मेरी छोटी सी है याचना,अभिलाषा है दर्शन की तेरे,यही प्रार्थना,अब कर दे कृपा मेरी मां,तुम्हारा ध्यान करता हूं।।मैहर की माँ शारदे,तेरा भजन करता हूँ,अब कर दे कृपा मेरी मां,तुम्हारा ध्यान करता हूं।।
साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य तात्पर्य माँ शारदे की आराधना में समर्पित भावनाओं से भरा हुआ है। भजन की शुरुआत में भक्त माता से अपनी संतानवत् वात्सल्य की विनती करता है, यह दर्शाया गया है कि 'मैया हो मेरी मै बेटा तुम्हारा'। यहां भक्त यह प्रदर्शित करता है कि वह माता के प्रति अपनी संतुष्टि और भक्ति से भरा हुआ है। भक्त का आत्मिक विनम्रता की भावना उसके शब्दों में स्पष्ट है, जब वह माँ से यह कहता है कि 'रखना मेरी लाज मां,' इसका अर्थ है कि भक्त को माता पर पूर्ण विश्वास है और वह स्वाभाविक रूप से उनकी कृपा की उम्मीद करता है। आगे, भक्त अपने हृदय के तारों को जोड़ते हुए कहता है, 'अब कर दे कृपा मेरी माँ, तुम्हारा ध्यान करता हूं'। यह शुद्ध भक्ति का एक दर्शन है, जहां भक्त की विश्वास, समर्पण और माँ के प्रति अनुराग परिलक्षित होता है।

भजन की भावनात्मक गहराई भक्त की सिद्धांतविहीन स्थिति को दर्शाती है। भक्त अज्ञानी होने की बात स्वीकारते हुए माँ से उनके मार्गदर्शन की याचना करता है, 'कैसे करू तेरी भक्ति बताओ, मां कैसे करू में ये विनती बताओ।' यह अभिव्यक्ति दर्शाती है कि भक्त को अपने भक्ति के मार्ग में सहायता की आवश्यकता है और वह अपनी कमियों को स्वीकारता है। इसके आगे वह अपनी याचना को और सीमित करता है, कहते हुए, 'मेरी छोटी सी है याचना,' यहां ज़मीन से जुड़े भावनात्मक मुद्दे को हासिल किया गया है, जहां भक्त की दृष्टि केवल 'दर्शन की' अभिलाषा तक सीमित है। माता से एक साधारण सी प्रार्थना में जीवन की प्रसन्नता, सच्चाई और सचेतना के प्रति एक गहरा प्रेम प्रतिबिंबित होता है।

यह भजन भक्ति मार्ग की महत्वपूर्ण धारा को प्रस्तुत करता है। भक्ति दृष्टिकोण से, यह स्पष्ट है कि भक्त माँ की कृपा के बिना अपने जीवन को पूर्ण नहीं मानता। शारदा माता, जो ज्ञान, संगीत और कला की देवी मानी जाती हैं, को याद करते हुए भक्त एक मार्ग प्रशस्त करता है जहां ज्ञान की प्राप्ति और मंगलवार से भक्त की आत्मा को शांति प्राप्त होती है। यहाँ भक्ति का अर्थ केवल प्रार्थना करना नहीं बल्कि अपने अंतर्मन की गहराइयों से जुड़ना भी है। जैसे भक्त कहते हैं, 'मैहर की माँ शारदे, तेरा भजन करता हूँ', यहां भक्ति की भावना का गर्वित उजागर होना दर्शाता है, जो श्रद्धा और प्रेम का सर्वोच्च स्वरूप है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्व भारतीय संस्कृति में मायके देवी की पूजा और भक्ति में गहरा संबंध है। देवी माँ शारदा को वेद और ज्ञान की देवी माना जाता है, उनके प्रतीक स्वरूप का अस्तित्व आदिकाल से दर्शाया गया है। देवी भागवत और अन्य पुराणों में माँ शारदे का वर्णन मिलता है, जहां उन्हें अज्ञानता को दूर करने वाली शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया है। वेदों के अनुसार, जब भक्त ईश्वर की ओर अपनी भावनाओं को प्रकट करता है, तब अध्यात्मीय विकास संभव हो सकता है। भक्तों का यह भजन माता के प्रति प्रेम और श्रध्दा का महत्वपूर्ण परिचायक है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का पाठ मानसिक शांति, आंतरिक संतुलन और उत्कृष्ट आध्यात्मिक अनुभव लाने में मदद करता है। नियमित रूप से इस भजन का गायन आत्मिक उन्नति को बढ़ावा देता है, जिससे व्यक्ति की प्रज्ञा और ज्ञान में वृद्धि होती है। यह मानसिक चिंता और तनाव को दूर करके, भक्त को आंतरिक शक्ति प्रदान करता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जप सुबह सूर्योदय से पहले या रात्रि में शांत वातावरण में किया जा सकता है। पूजा करते समय एक दीपक जलाना, माँ शारदे के आगे फूल चढ़ाना विशेष लाभकारी रहता है। उचित मुद्रा में बैठकर और ध्यान केंद्रित करके भजन का पाठ करना चाहिए, ताकि मन और आत्मा एकाग्र हो सके।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

मैहर की माँ शारदे कौन हैं?

मैहर की माँ शारदे भारतीय देवी हैं, जिन्हें ज्ञान और संगीत की देवी माना जाता है। उनकी उपासना से बुद्धि और प्रज्ञा की प्राप्ति होती है।

इस भजन का पाठ कब करना चाहिए?

इस भजन का पाठ सुबह या शाम के समय करना श्रेयस्कर होता है, जब मन शांत और ध्यान केंद्रित हो सके।

क्या इस भजन का गायन कोई विशेष लाभ लाता है?

इस भजन का नियमित गायन मानसिक स्पष्टता, आत्मिक संतोष और देवी कृपा का अनुभव करने में सहायक होता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!