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मोरे गणपति गणेश करो कृपा लिरिक्स (More Ganpati Ganesh Karo Kripa Lyrics in Hindi) - Ganesh Bhajan Kishan Bhagat

मोरे गणपति गणेश करो कृपा भजन से प्राप्त करें गणेश जी की कृपा और जीवन में उतारें सुख और समृद्धि।

प्रस्तावना एवं परिचय

गणेश कृपा प्राप्ति का विशेष भजन

गणेश जी की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि हेतु इस भजन का जाप करें।

मोरे गणपति गणेश करो कृपा लिरिक्समोरे गणपति गणेश करो कृपामोरे राजा महाराजा करो कृपा ||कृपा करो गणराज गजानन मां गौराके लाल गजाननकृपा मोरे गणपति गणेश करो किरपा ||मां गौरा के लाल हो प्यारेशंकर जी की आंखों के तारेसबसे पहले तुम को मनाएतुम जो मानो तो गजब हुई जाए ||करो कृपा मोरे गणपति गणेश करो किरपामोरे राजा महाराजा करो कृपा ||लाल सिंदूर चढ़े गजमुख को मूषक की है सवारीतेरे दर्शन करने बाबा यह दुनिया सब आईसब लाए फूलों की माला मै आया हूं खाली अरे बाबा मेरेकृपा मोरे गणपति गणेश करो कृपामोरे राजा महाराजा करो किरपा ||मैं नहीं जानू पूजा तेरीसुन लेना ओ baba मेरीबार ही बार करूं मैं विनतीसुन लेना एक बार ओ बाबा मेरीकृपा मोरे गणपति गणेश करो कृपामोरे राजा महाराजा करो कृपा ||मोह पे कृपा करो मोह पे कृपा गजानन कृपामोरे गणपति गणेश करो कृपामोरे राजा महाराजा करो कृपा ||
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में भक्त गणेश जी से कृपा की प्रार्थना कर रहा है। भजन की शुरुआत में श्रद्धालु गणेश जी को 'राजा महाराजा' कहकर संबोधित करता है, जो उनकी सर्वोच्चता और दिव्यता को दर्शाता है। यहां 'कृपा करो' का बार-बार शब्द का प्रयोग भक्त की गहरी भावना को व्यक्त करता है कि वह अपने जीवन के सभी कष्टों से उबरने के लिए गणेश जी की कृपा चाहता है। देवी मां गौर के लाल गजानन का वर्णन करते हुए यह भजन भक्त के हृदय में माता-पिता के प्रति आदरभाव को भी उजागर करता है। भक्त की विनम्रता एवं प्रेम इस प्रार्थना में स्पष्ट है, जहाँ वह पूछता है कि क्या गणेश जी उसकी पुकार सुनेंगे।

भजन का एक महत्वपूर्ण स्थान उस भाव में है जहाँ भक्त ने खुलकर अपनी कमजोरियों को स्वीकार किया है। 'मैं नहीं जानू पूजा तेरी' कहकर वह अपने अनभिज्ञता को स्पष्ट करता है। यह भाव भक्त के अंतर्मन की सच्चाई को उजागर करता है, जिसमें वह बिना किसी अहंकार के सिर्फ एक विनय के साथ गणेश जी से कृपा की याचना कर रहा है। भक्त का प्रत्येक शब्द इस भक्ति में आस्था और समर्पण का अनूठा परिलक्षण है। यहां वह बार-बार गणेश जी से प्रार्थना करता है, यह दर्शाते हुए कि वह अपने जीवन में गणेश जी के मार्गदर्शन को कितनी प्राथमिकता देता है।

गणेश जी, जिन्हें बुद्धि, समृद्धि और भाग्य के देवता माना जाता है, यहाँ इस भजन के माध्यम से भक्त के समर्पण और भक्ति मार्ग का एक प्रकट रूप हैं। गणेश जी की उपासना करना व्यक्ति को आत्मज्ञान की ओर ले जाती है और जीवन के सभी बाधाओं को दूर करने में सहायता करती है। 'मोरे गणपति गणेश करो कृपा' शब्दों में अद्भुत शक्ति है, जो भक्त को उस दिव्य शक्ति का अनुभव कराती है, जो सभी परेशानी और दुखों को समाप्त कर सकती है। इस भजन में भक्ति का मार्ग दर्शाते हुए भक्त निरंतर अपने हृदय की गहराई से प्रार्थना करता है और इस प्रक्रिया में स्वयं को भक्ति में लीन कर लेता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

गणेश जी की पूजा का वर्णन अनेक पुराणों में मिलता है, जैसे कि गणेश उत्पत्ति की कहानियाँ नवनाथ पुराण और गणेश पुराण में अद्भुत रूप से वर्णित की गई हैं। इन ग्रंथों में गणेश जी को संसार के सभी शुभ कार्यों का प्रदाता और विघ्नहर्ता माना गया है। जब भक्त प्रार्थना करते हैं 'मोरे गणपति गणेश करो कृपा', तब वे उन सभी विशेषताओं का ध्यान रखकर प्रार्थना कर रहे हैं। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में हर शुभ कार्य की शुरुआत गणेश भगवान की पूजा से होती है। इस भजन में भक्त की भावुकता और श्रद्धा गणेश जी की महिमा को और भी प्रकट करती है।

प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें। इस भजन का जाप करने से मन की चिंता और तनाव कम होता है। गणेश जी की पूजा से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि यह स्वास्थ्य में भी सुधार लाता है। इसके अतिरिक्त, लगातार इस भजन का स्मरण करने से व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो जीवन को एक नया मोड़ देती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का अनुशासन पूर्वाह्न या संध्या के समय करना सर्वोत्तम होता है। पूजा के दौरान एक दीया जलाना और गणेश जी को मिठाई या फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है। भजन गाते समय समर्पण और श्रद्धा के साथ बैठने से ऊर्जा का प्रवाह अधिकतम होता है। मानसिक स्थिरता के साथ भजन का गायन करें, जिससे आपकी भावना गहनता से जुड़ सके।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

गणेश भजन 'मोरे गणपति गणेश करो कृपा' का महत्व क्या है?

यह भजन भक्तों को गणेश जी से कृपा प्राप्त करने में सहायक होता है, जिससे जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि मिलती है।

क्या यह भजन विशेष समय पर गाना चाहिए?

हां, यह भजन सुबह या संध्या के समय गाना अधिक फलदायी होता है, जिससे ऊर्जा का सही प्रवाह होता है।

गणेश जी को कृपा प्राप्त करने के लिए क्या सामग्री चढ़ानी चाहिए?

गणेश जी को मोदक, केले, और फूल चढ़ाना शुभ होता है। ये समर्पण के प्रतीक होते हैं।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 08 Oct 2026

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