भक्ति काव्य व भजन बुधवार विशेष (भगवान श्री गणेश व बुध देव)

मेरे घर आना भवानी फूलों में चल कर भजन लिरिक्स (MERE GHAR AANA BHAWANI Lyrics in Hindi and English) - Mata Bhajan Rekha Garg

भवानी माँ के आवाहन वाला यह भजन समृद्धि, ज्ञान और सुख की प्राप्ति के लिए विशेष है।

प्रस्तावना एवं परिचय

भक्ति की देवी का आमंत्रण: भवानी का गीत

भावानी माँ का यह भक्ति गीत सम्पूर्ण शुभता और समृद्धि का आह्वान करता है।
मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर जिस घर में मैया धन की कमी हो उस घर आना भवानी माँ लक्ष्मी बनकर मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर ॥

जिस घर में मैया विद्या की कमी हो उस घर आना भवानी माँ सरस्वती माँ बनकर मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर ॥
जिस घर में मैया अन्न की कमी हो उस घर आना भवानी माँ अन्नपूर्ण बनकर मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर ॥

जिस घर में मैया कन्या की कमी हो उस घर आना भवानी माँ वैष्णव बनकर मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर ॥
जिस घर में मैया कष्ट कलेश हो उस घर आना भवानी माँ काली बनकर मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर ॥

जिस घर में मैया तेरा भजन हो उस घर आना भवानी माँ दुर्गा बनकर मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर ॥
जिस घर में मैया सुख की कमी हो उस घर आना भवानी माँ संतोषी बनकर मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर
.||
साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ इस भजन में देवी भवानी को अपने घर आने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो विभिन्न रूपों में भक्तों की सहायता करती हैं। यह गीत भक्तों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है, जिसमें देवी लक्ष्मी का रूप धन की कमी के लिए, माँ सरस्वती का रूप विद्या की कमी के लिए, এবং माँ अन्नपूर्ण का रूप अन्न की कमी के लिए आह्वान किया गया है। हर stanza में, भक्त अपने घर में देवी के अलग-अलग स्वरूपों को बुलाते हैं; इससे यह स्पष्ट होता है कि देवी माता हर प्रकार की कमी को पूरा करने की शक्ति रखती हैं। देवी का आह्वान केवल भौतिक समृद्धि के लिए नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पवित्रता के लिए भी है।
इस भजन में, हर तिलक के साथ प्रेम व श्रद्धा का एक विशेष भाव प्रकट होता है। भक्त देवी को अपने जीवन के कष्टों, दुखों, और अभावों से उबारने के लिए आमंत्रित करते हैं। यह भावना केवल भक्ति की भावना नहीं है, बल्कि यह एक गहरा विश्वास है कि देवी हर भक्त के ह्रदय को सुनती हैं। कष्टों के समय में यदि कोई विशेष देवी का नाम लिया जाए, तो भक्तों को यह विश्वास होता है कि वे अपनी समस्याओं से उबरेंगे। यह भजन एक प्रकार की मानसिक शांति और समर्पण का संदेश देता है।
इस प्रार्थना में भक्ति मार्ग का स्पष्ट संदर्भ है। भक्त को निश्चित रूप से विश्वास होता है कि जब वह भगवान को ध्यान में रखता है और पूरी भक्ति से प्रार्थना करता है, तो उसे हर प्रकार की सहायता प्राप्त होती है। यह गीत भक्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बताता है कि किसी भी समस्या का समाधान केवल भक्ति और आस्था में छिपा है। भक्ति में विश्वास होने पर, भजन का यह तरीका भक्त की आध्यात्मिक सृष्टि में प्रकाश ला सकता है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ यह भजन हिंदू धर्म में देवी माँ के प्रति भक्ति और अचूक श्रद्धा को दर्शाता है। देवी भवानी के विभिन्न रूपों के संदर्भ में, यह भजन अनेक पुराणों में चर्चा की गई देवी मां के स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करता है। देवी की पूजा विभिन्न अवसरों पर की जाती है, जैसे नवरात्रि, जब भक्त माता की कृपा माँगते हैं। भजन में देवी लक्ष्मी, सरस्वती, अन्नपूर्णा, वैष्णव, काली, दुर्गा, और संतोषी का उल्लेख, भक्ति के विविध रंगों को दर्शाता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा शुभ मुहूर्त">दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन को गाने से मानसिक शांति, आंतरिक ऊर्जा, और सुख-संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। यह न केवल भक्ति की भावना को जगाता है, बल्कि एक गहरी भक्ति के फलस्वरूप जीवन की हर कठिनाई को समाप्त कर सकता है। नियमित रूप से इस भजन का जाप करें, आपको मानसिक स्थिरता और सकारात्मकता का अनुभव होगा।
🕒 साधना एवं गायन विधि इस भजन का जाप करने के लिए सुबह का समय सर्वश्रेष्ठ होता है। आपको माता के प्रति श्रद्धा से भरपूर होना चाहिए और दीप जलाना चाहिए। फूलों और फलां का भोग अर्पित करना भी एक अच्छी प्रथा है। बैठने का स्थान शुद्ध होना चाहिए, और इस दौरान ध्यान समर्पित होना चाहिए।
�� अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) इस भजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?इस भजन का मुख्य उद्देश्य देवी भवानी का ध्यान आकर्षित करना और उनके विभिन्न रूपों के माध्यम से भक्तों की समस्याओं को दूर करना है।
क्या यह भजन विशेष अवसरों पर गाया जा सकता है?हाँ, यह भजन विशेष अवसरों जैसे नवरात्रि, दुर्गा पूजन, और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में गाया जा सकता है।

इस भजन का अर्थ और उसके प्रतीक क्या हैं?इस भजन में देवी के विभिन्न स्वरूपों का आह्वान किया गया है, जो जीवन में धन, विद्या, अन्न, और सुख की कमी को दूर करने के लिए अनुरोध करते हैं।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!