॥ श्री विश्वकर्मा जी की आरती - जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा: संपूर्ण बोल ॥
★ नित्य पाठ व संकीर्तन ★श्री विश्वकर्मा जी की आरती - जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा: संपूर्ण बोल परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व
भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के आदि शिल्पी और ब्रह्मांड के रचयिता हैं। प्रस्तुत लेख में श्री विश्वकर्मा जी की आरती के संपूर्ण बोल, शास्त्रीय महत्व और विस्तृत भावार्थ प्रस्तुत हैं।
आध्यात्मिक लाभ एवं नित्य पाठ विधि
श्री विश्वकर्मा जी की आरती - जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा: संपूर्ण बोल का श्रद्धापूर्वक नित्य पाठ करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।