वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष)

26 सितंबर 2026 (शनिवार) | विक्रम संवत 2083 (भाद्रपद मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 10:58 PM तक नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद (11:37 AM तक) अभिजित: 11:48 AM से 12:36 PM राहुकाल: 07:40 AM से 09:11 AM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) · भाद्रपद मास
पूर्णिमा तिथि (शुक्ल पक्ष)

आज पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) है, जो 10:58 PM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: चंद्र देव एवं श्री सत्यनारायण भगवान • प्रकृति: पूर्णा (Poorna) संज्ञक • फल: मनोकामना सिद्धि, मानसिक शांति, धन-वैभव एवं आध्यात्मिक उत्थान
तिथि समाप्ति समय
10:58 PM तक
अगली तिथि: प्रतिपदा (कृष्ण पक्ष) (10:58 PM से)
1. तिथि (Tithi)
पूर्णिमा
10:58 PM तक
शुक्ल पक्ष · पूर्णा
2. नक्षत्र (Nakshatra)
पूर्वाभाद्रपद
11:37 AM तक
चरण: 4 · गण: मनुष्य
3. वार (Vara)
शनिवार
स्वामी: शनि देव व श्री हनुमान जी
रंग: नीला, गहरा जामुनी व काला
4. योग (Yoga)
गण्ड
अशुभ (शांति आवश्यक)
संख्या: 10 / 27
5. करण (Karana)
विष्टि / भद्रा (Vishti/Bhadra)
अशुभ विष्टि (भद्रा)
भद्रा वास: मृत्यु लोक / पृथ्वी (अशुभ)
अग्नि वास (हवन विचार) पाताल में
हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)
शिव वास (रुद्राभिषेक) समाधि में
शुभ (ज्ञान व मोक्ष प्रदाता)
पंचक विचार मृत्यु पंचक
जोखिम भरे कार्यों व दक्षिण यात्रा से बचें
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ सों सोमाय नमः | ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः
अधिष्ठाता देव चंद्र देव एवं श्री सत्यनारायण भगवान का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से मनोकामना सिद्धि, मानसिक शांति, धन-वैभव एवं आध्यात्मिक उत्थान की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:10 AM

सूर्यास्त (Sunset)

06:14 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

05:36 PM

चन्द्रास्त (Moonset)

05:36 AM

सूर्य राशि (Sun Sign): कन्या (Virgo)
चन्द्र राशि (Moon Sign): मीन (Pisces)
चन्द्र वास (दिशा): उत्तर दिशा (North)
दिनमान व रात्रिमान: 12 घंटे 04 मिनट · 11 घंटे 55 मिनट
ऋतु व अयन: शरद ऋतु (Autumn) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:48 AM से 12:36 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:34 AM से 05:22 AM
अमृत काल: 08:40 AM से 10:10 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:50 PM से 06:38 PM
विजय मुहूर्त: 01:24 PM से 02:13 PM
आनन्दादि योग: कालदण्ड (Kaladanda) (अशुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 07:40 AM से 09:11 AM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 12:34 PM से 02:10 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 01:43 PM से 03:13 PM
गुलिक काल: 06:10 AM से 07:40 AM
दिशाशूल: पूर्व दिशा (उपाय: अदरक अथवा उड़द खाकर प्रस्थान करें।)
दिन चौघड़िया
काल
06:10 AM–07:40 AM
शुभ
07:40 AM–09:11 AM
रोग
09:11 AM–10:41 AM
उद्वेग
10:41 AM–12:12 PM
चर
12:12 PM–01:43 PM
लाभ
01:43 PM–03:13 PM
अमृत
03:13 PM–04:44 PM
काल
04:44 PM–06:14 PM
रात्रि चौघड़िया
लाभ
06:14 PM–07:44 PM
उद्वेग
07:44 PM–09:13 PM
शुभ
09:13 PM–10:43 PM
अमृत
10:43 PM–12:12 AM
चर
12:12 AM–01:41 AM
रोग
01:41 AM–03:11 AM
काल
03:11 AM–04:40 AM
लाभ
04:40 AM–06:10 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
शनि
06:10 AM
07:10 AM
गुरु
07:10 AM
08:11 AM
मंगल
08:11 AM
09:11 AM
सूर्य
09:11 AM
10:11 AM
शुक्र
10:11 AM
11:12 AM
बुध
11:12 AM
12:12 PM
चंद्र
12:12 PM
01:12 PM
शनि
01:12 PM
02:13 PM
गुरु
02:13 PM
03:13 PM
मंगल
03:13 PM
04:14 PM
सूर्य
04:14 PM
05:14 PM
शुक्र
05:14 PM
06:14 PM
🌙
होरा — रात
बुध
06:14 PM
07:14 PM
चंद्र
07:14 PM
08:14 PM
शनि
08:14 PM
09:13 PM
गुरु
09:13 PM
10:13 PM
मंगल
10:13 PM
11:12 PM
सूर्य
11:12 PM
12:12 AM
शुक्र
12:12 AM
01:12 AM
बुध
01:12 AM
02:11 AM
चंद्र
02:11 AM
03:11 AM
शनि
03:11 AM
04:11 AM
गुरु
04:11 AM
05:10 AM
मंगल
05:10 AM
06:10 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
कन्या (Virgo) 06:10 AM - 08:10 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
तुला (Libra) 08:10 AM - 10:10 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 10:10 AM - 12:10 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 12:10 PM - 02:10 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 02:10 PM - 04:10 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 04:10 PM - 06:10 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा मीन (Pisces) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) शुभ
मिथुन (Gemini) शुभ
कर्क (Cancer) मध्यम
सिंह (Leo) मध्यम
कन्या (Virgo) शुभ
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) मध्यम
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) शुभ
कुंभ (Aquarius) मध्यम
मीन (Pisces) शुभ

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) कन्या (Virgo) 08° 43' उत्तराफाल्गुनी
चंद्रमा (Moon) मीन (Pisces) 00° 19' पूर्वाभाद्रपद
मंगल (Mars) वृश्चिक (Scorpio) 13° 13' अनुराधा
बुध (Mercury) कन्या (Virgo) 22° 55' हस्त
बृहस्पति (Jupiter) मकर (Capricorn) 10° 43' श्रवण
शुक्र (Venus) तुला (Libra) 14° 31' स्वाती
शनि (Saturn) मेष (Aries) 14° 07' भरणी
राहु (Rahu) सिंह (Leo) 11° 16' मघा
केतु (Ketu) कुंभ (Aquarius) 11° 16' शतभिषा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), शरद ऋतु (Autumn), भाद्रपद मासे, शुक्ल पक्ष, पूर्णिमा तिथौ, शनिवार वासरे, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्रे, गण्ड योगे, विष्टि / भद्रा (Vishti/Bhadra) करणे, सूर्य कन्या (Virgo) राशिस्थिते, चन्द्र मीन (Pisces) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
भरणी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
कृत्तिका प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
रोहिणी क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
मृगशिरा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
आर्द्रा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
पुनर्वसु जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पुष्य अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
आश्लेषा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
मघा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
पूर्वाफाल्गुनी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
उत्तराफाल्गुनी प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
हस्त क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
चित्रा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
स्वाती सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
विशाखा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
अनुराधा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
ज्येष्ठा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
मूल वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
पूर्वाषाढ़ा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
उत्तराषाढ़ा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
श्रवण क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
धनिष्ठा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
शतभिषा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
पूर्वाभाद्रपद जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
उत्तराभाद्रपद अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
रेवती मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
आज
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद
26 सितंबर 2026 शनिवार
4 दिन बाद
संकष्टी चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: भरणी
30 सितंबर 2026 बुधवार
10 दिन बाद
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: आश्लेषा
6 अक्टूबर 2026 मंगलवार
12 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
8 अक्टूबर 2026 गुरुवार
13 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
9 अक्टूबर 2026 शुक्रवार
14 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: हस्त
10 अक्टूबर 2026 शनिवार
18 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अनुराधा
14 अक्टूबर 2026 बुधवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: विष्टि / भद्रा (Vishti/Bhadra)
करण के देवता (Ruling Deity)
यमराज
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
अशुभ योग (मांगलिक कार्य वर्जित)
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
शत्रु दमन, कोर्ट-कचहरी व तांत्रिक साधना

आज की तिथि (पूर्णिमा) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 26 सितंबर 2026 को पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) है, जो 10:58 PM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा अपने पूर्ण 16 कलाओं से युक्त होता है। इस दिन गंगा स्नान से कुल में लक्ष्मी का वास होता है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की पूर्णिमा तिथि के स्वामी चंद्र देव एवं श्री सत्यनारायण भगवान हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'पूर्णा (Poorna)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे मनोकामना सिद्धि, मानसिक शांति, धन-वैभव एवं आध्यात्मिक उत्थान की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:34 AM से 05:22 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: सत्यनारायण भगवान की कथा सुनें, रात्रि में चंद्रमा को दूध-जल का अर्घ्य दें और खीर का भोग लगाएं।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ सों सोमाय नमः | ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

काले तिल, उड़द की दाल, सरसों का तेल, लोहा व कंबल का दान करें। आज का शुभ अंक 8 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

तामसिक भोजन, मदिरा एवं परनिंदा का पूर्ण त्याग करें। सात्विक आहार लें।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:48 AM से 12:36 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता चंद्र देव एवं श्री सत्यनारायण भगवान की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (07:40 AM से 09:11 AM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (पूर्व) में बिना आवश्यक उपाय (अदरक अथवा उड़द खाकर प्रस्थान करें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी भाद्रपद मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी कन्या (Virgo) में तथा चंद्र देव मीन (Pisces) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) है। यह तिथि 26 सितंबर 2026 को 10:58 PM तक रहेगी। इसके पश्चात प्रतिपदा (कृष्ण पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी चंद्र देव एवं श्री सत्यनारायण भगवान हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ सों सोमाय नमः | ॐ श्री सत्यनारायणाय नमः' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से मनोकामना सिद्धि, मानसिक शांति, धन-वैभव एवं आध्यात्मिक उत्थान की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:48 AM से 12:36 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 07:40 AM से 09:11 AM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पाताल में (हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)) है। वहीं शिव वास समाधि में (शुभ (ज्ञान व मोक्ष प्रदाता)) है।
आज शनिवार होने के कारण दिशाशूल पूर्व दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो अदरक अथवा उड़द खाकर प्रस्थान करें।