वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : चतुर्दशी (शुक्ल पक्ष)

25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) | विक्रम संवत 2083 (भाद्रपद मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 11:21 PM तक नक्षत्र: शतभिषा (11:20 AM तक) अभिजित: 11:48 AM से 12:37 PM राहुकाल: 09:11 AM से 10:42 AM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) · भाद्रपद मास
चतुर्दशी तिथि (शुक्ल पक्ष)

आज चतुर्दशी (शुक्ल पक्ष) है, जो 11:21 PM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: भगवान रुद्र (शिव) • प्रकृति: रिक्ता (Rikta) संज्ञक • फल: काल सर्प दोष शांति, अकाल मृत्यु भय नाश एवं शिव सान्निध्य
तिथि समाप्ति समय
11:21 PM तक
अगली तिथि: पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) (11:21 PM से)
1. तिथि (Tithi)
चतुर्दशी
11:21 PM तक
शुक्ल पक्ष · रिक्ता
2. नक्षत्र (Nakshatra)
शतभिषा
11:20 AM तक
चरण: 4 · गण: राक्षस
3. वार (Vara)
शुक्रवार
स्वामी: माँ महालक्ष्मी व शुक्र देव
रंग: गुलाबी, श्वेत व चमकीला
4. योग (Yoga)
शूल
अशुभ (कष्ट निवारक पूजा करें)
संख्या: 9 / 27
5. करण (Karana)
गर (Gara)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पृथ्वी पर
हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक
शिव वास (रुद्राभिषेक) क्रीड़ा में
मध्यम फलदायी
पंचक विचार चोर पंचक
यात्रा व वित्तीय लेन-देन में सावधानी रखें
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्
अधिष्ठाता देव भगवान रुद्र (शिव) का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से काल सर्प दोष शांति, अकाल मृत्यु भय नाश एवं शिव सान्निध्य की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:09 AM

सूर्यास्त (Sunset)

06:15 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

04:47 PM

चन्द्रास्त (Moonset)

04:47 AM

सूर्य राशि (Sun Sign): कन्या (Virgo)
चन्द्र राशि (Moon Sign): कुंभ (Aquarius)
चन्द्र वास (दिशा): पश्चिम दिशा (West)
दिनमान व रात्रिमान: 12 घंटे 06 मिनट · 11 घंटे 53 मिनट
ऋतु व अयन: शरद ऋतु (Autumn) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:48 AM से 12:37 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:33 AM से 05:21 AM
अमृत काल: 08:39 AM से 10:09 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:51 PM से 06:39 PM
विजय मुहूर्त: 01:25 PM से 02:13 PM
आनन्दादि योग: धाता (Dhata) (शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 09:11 AM से 10:42 AM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 01:21 PM से 02:57 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 03:14 PM से 04:45 PM
गुलिक काल: 07:40 AM से 09:11 AM
दिशाशूल: पश्चिम दिशा (उपाय: जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।)
दिन चौघड़िया
चर
06:09 AM–07:40 AM
लाभ
07:40 AM–09:11 AM
अमृत
09:11 AM–10:42 AM
काल
10:42 AM–12:12 PM
शुभ
12:12 PM–01:43 PM
रोग
01:43 PM–03:14 PM
उद्वेग
03:14 PM–04:45 PM
चर
04:45 PM–06:15 PM
रात्रि चौघड़िया
रोग
06:15 PM–07:45 PM
काल
07:45 PM–09:14 PM
लाभ
09:14 PM–10:43 PM
उद्वेग
10:43 PM–12:12 AM
शुभ
12:12 AM–01:42 AM
अमृत
01:42 AM–03:11 AM
चर
03:11 AM–04:40 AM
रोग
04:40 AM–06:09 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
शुक्र
06:09 AM
07:10 AM
बुध
07:10 AM
08:10 AM
चंद्र
08:10 AM
09:11 AM
शनि
09:11 AM
10:11 AM
गुरु
10:11 AM
11:12 AM
मंगल
11:12 AM
12:12 PM
सूर्य
12:12 PM
01:13 PM
शुक्र
01:13 PM
02:13 PM
बुध
02:13 PM
03:14 PM
चंद्र
03:14 PM
04:14 PM
शनि
04:14 PM
05:15 PM
गुरु
05:15 PM
06:15 PM
🌙
होरा — रात
मंगल
06:15 PM
07:15 PM
सूर्य
07:15 PM
08:14 PM
शुक्र
08:14 PM
09:14 PM
बुध
09:14 PM
10:13 PM
चंद्र
10:13 PM
11:13 PM
शनि
11:13 PM
12:12 AM
गुरु
12:12 AM
01:12 AM
मंगल
01:12 AM
02:11 AM
सूर्य
02:11 AM
03:11 AM
शुक्र
03:11 AM
04:10 AM
बुध
04:10 AM
05:10 AM
चंद्र
05:10 AM
06:09 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
कन्या (Virgo) 06:09 AM - 08:09 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
तुला (Libra) 08:09 AM - 10:09 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 10:09 AM - 12:09 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 12:09 PM - 02:09 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 02:09 PM - 04:09 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 04:09 PM - 06:09 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा कुंभ (Aquarius) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) शुभ
वृषभ (Taurus) शुभ
मिथुन (Gemini) मध्यम
कर्क (Cancer) मध्यम
सिंह (Leo) शुभ
कन्या (Virgo) शुभ
तुला (Libra) मध्यम
वृश्चिक (Scorpio) मध्यम
धनु (Sagittarius) शुभ
मकर (Capricorn) मध्यम
कुंभ (Aquarius) शुभ
मीन (Pisces) मध्यम

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) कन्या (Virgo) 07° 44' उत्तराफाल्गुनी
चंद्रमा (Moon) कुंभ (Aquarius) 17° 09' शतभिषा
मंगल (Mars) वृश्चिक (Scorpio) 12° 14' अनुराधा
बुध (Mercury) कन्या (Virgo) 21° 56' हस्त
बृहस्पति (Jupiter) मकर (Capricorn) 09° 44' उत्तराषाढ़ा
शुक्र (Venus) तुला (Libra) 13° 32' स्वाती
शनि (Saturn) मेष (Aries) 13° 08' अश्विनी
राहु (Rahu) सिंह (Leo) 12° 15' मघा
केतु (Ketu) कुंभ (Aquarius) 12° 15' शतभिषा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), शरद ऋतु (Autumn), भाद्रपद मासे, शुक्ल पक्ष, चतुर्दशी तिथौ, शुक्रवार वासरे, शतभिषा नक्षत्रे, शूल योगे, गर (Gara) करणे, सूर्य कन्या (Virgo) राशिस्थिते, चन्द्र कुंभ (Aquarius) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: शतभिषा

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
भरणी प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
कृत्तिका क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
रोहिणी विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
मृगशिरा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
आर्द्रा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पुनर्वसु अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पुष्य मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
आश्लेषा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
मघा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
पूर्वाफाल्गुनी प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
उत्तराफाल्गुनी क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
हस्त विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
चित्रा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
स्वाती जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
विशाखा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
अनुराधा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
ज्येष्ठा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
मूल साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
पूर्वाषाढ़ा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
उत्तराषाढ़ा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
श्रवण विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
धनिष्ठा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
शतभिषा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पूर्वाभाद्रपद अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
उत्तराभाद्रपद मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
रेवती वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
कल
सत्यनारायण पूजा एवं पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद
26 सितंबर 2026 शनिवार
5 दिन बाद
संकष्टी चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: भरणी
30 सितंबर 2026 बुधवार
11 दिन बाद
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: आश्लेषा
6 अक्टूबर 2026 मंगलवार
13 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
8 अक्टूबर 2026 गुरुवार
14 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
9 अक्टूबर 2026 शुक्रवार
15 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: हस्त
10 अक्टूबर 2026 शनिवार
19 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अनुराधा
14 अक्टूबर 2026 बुधवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: गर (Gara)
करण के देवता (Ruling Deity)
भूमि देवी
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
कृषि, बीज रोपण एवं स्थिरता
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
कृषि कार्य, वृक्षारोपण व बीज बोना

आज की तिथि (चतुर्दशी) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 25 सितंबर 2026 को चतुर्दशी (शुक्ल पक्ष) है, जो 11:21 PM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

चतुर्दशी तिथि रुद्र रूप भगवान शिव को समर्पित है। महाशिवरात्रि इसी दिन मनाई जाती है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान रुद्र (शिव) हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'रिक्ता (Rikta)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे काल सर्प दोष शांति, अकाल मृत्यु भय नाश एवं शिव सान्निध्य की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:33 AM से 05:21 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: महामृत्युंजय मंत्र का जप करें, शिवलिंग का जलाभिषेक करें तथा शिव चालीसा का पाठ करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

सफेद मिठाई, मखाना, खीर, इत्र व रेशमी वस्त्र का दान करें। आज का शुभ अंक 6 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

मसूर की दाल एवं तिल का सेवन वर्जित माना गया है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:48 AM से 12:37 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता भगवान रुद्र (शिव) की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (09:11 AM से 10:42 AM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (पश्चिम) में बिना आवश्यक उपाय (जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी भाद्रपद मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी कन्या (Virgo) में तथा चंद्र देव कुंभ (Aquarius) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज चतुर्दशी (शुक्ल पक्ष) है। यह तिथि 25 सितंबर 2026 को 11:21 PM तक रहेगी। इसके पश्चात पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी भगवान रुद्र (शिव) हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से काल सर्प दोष शांति, अकाल मृत्यु भय नाश एवं शिव सान्निध्य की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:48 AM से 12:37 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 09:11 AM से 10:42 AM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पृथ्वी पर (हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक) है। वहीं शिव वास क्रीड़ा में (मध्यम फलदायी) है।
आज शुक्रवार होने के कारण दिशाशूल पश्चिम दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।