पावन देवस्थान एवं तीर्थ दर्शन

श्री रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग मंदिर (रामनाथस्वामी), तमिलनाडु

140 दर्शनार्थी
रामेश्वरम, तमिलनाडु
प्रकाशित: 30 Sep 2026
दर्शन व इतिहास पढ़ें
मुख्य आराध्य देव
भगवान शिव (रामनाथस्वामी)
दर्शन समय सारिणी
सुबह 05:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक और शाम 03:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक
नित्य आरती समय
मंगला आरती: 05:00 AM | काल शांति: 08:30 AM | उच्चिकालम: 12:00 PM | संध्या आरती: 06:00 PM | शयन आरती: 08:30 PM
स्थान / नगर
रामेश्वरम, तमिलनाडु
आराध्य देव
भगवान शिव (रामनाथस्वामी)
दर्शन समय
सुबह 05:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक और शाम 03:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक
आरती समय
मंगला आरती: 05:00 AM | काल शांति: 08:30 AM | उच्चिकालम: 12:00 PM | संध्या आरती: 06:00 PM | शयन आरती: 08:30 PM
स्थान / धाम
Rameswaram, Tamil Nadu 623526, India
अक्षर आकार:
पठन थीम:

ऐतिहासिक और पौराणिक पृष्ठभूमि

रामेश्वरम का रामनाथस्वामी मंदिर न केवल 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, बल्कि यह चार धामों में से भी एक अत्यंत पवित्र तीर्थ है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद, भगवान राम ने ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए यहाँ भगवान शिव की पूजा करने का निर्णय लिया। हनुमान जी द्वारा कैलाश से लाए गए शिवलिंग की स्थापना स्वयं माता सीता ने की थी, जिसे 'रामलिंगम' कहा जाता है।

वास्तुकला का अद्भुत संगम

यह मंदिर अपनी द्रविड़ वास्तुकला के लिए विश्व प्रसिद्ध है। मंदिर का गलियारा (Corridor) दुनिया के सबसे लंबे गलियारों में से एक माना जाता है, जिसकी लंबाई लगभग 1219 मीटर है। मंदिर के 22 पवित्र 'तीर्थम' (कुण्ड) हैं, जिनमें स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। मंदिर के गोपुरम और नक्काशीदार स्तंभ चोल और पांड्य राजवंशों की कलात्मक उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।

दर्शन और अनुष्ठान

मंदिर में दर्शन की प्रक्रिया अत्यंत व्यवस्थित है। भक्त सबसे पहले अग्नि तीर्थम (समुद्र) में स्नान करते हैं, उसके बाद मंदिर के भीतर स्थित 22 कुण्डों में स्नान करना अनिवार्य माना जाता है। मुख्य गर्भगृह में रामलिंगम और विश्वलिंगम के दर्शन होते हैं।

प्रमुख त्यौहार

  • महाशिवरात्रि: मंदिर में भव्य उत्सव और विशेष अभिषेक।
  • तिरु कल्याणम: भगवान और माता पार्वती का विवाह उत्सव।
  • आदि अमावस्या: पितृ तर्पण के लिए विशेष भीड़।

यात्रा गाइड

साधन विवरण
हवाई मार्ग निकटतम हवाई अड्डा मदुरै (IXM) है, जो लगभग 175 किमी दूर है।
रेल मार्ग रामेश्वरम रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा है। पंबन ब्रिज से ट्रेन का सफर एक अविस्मरणीय अनुभव है।
सड़क मार्ग चेन्नई, मदुरै और कन्याकुमारी से नियमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं।

आवास और सुविधाएं

मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित कई धर्मशालाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, शहर में निजी होटल और गेस्ट हाउस की कोई कमी नहीं है। मंदिर परिसर के पास निःशुल्क अन्नदान (भोजन) की व्यवस्था भी ट्रस्ट द्वारा की जाती है।

तीर्थ यात्रा विधि

मंदिर दर्शन व पूजा के 4 सरल चरण

प्रभु के अलौकिक दर्शन का पूर्ण फल प्राप्त करने हेतु आवश्यक नियम

१. शुद्ध भाव व स्नान

दर्शन से पूर्व पवित्र भाव से स्नान कर सात्विक वस्त्र धारण करें।

२. आरती समय ज्ञान

मंगला, भोग अथवा शयन आरती के समय उपस्थित होकर दर्शन करें।

३. नैवेद्य व अर्पण

तुलसी, पुष्प, धूप, दीप व नैवेद्य श्रद्धापूर्वक प्रभु चरणों में अर्पित करें।

४. परिक्रमा व ध्यान

गर्भगृह की विधिवत परिक्रमा कर शांत भाव से प्रभु का ध्यान करें।

संदर्भ-आधारित एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

भक्तिलोक पर उपलब्ध सभी मंदिर दर्शन समय, आरती सारिणी व इतिहास की जानकारी संबंधित देवस्थानम ट्रस्ट, प्रमाणिक धार्मिक पुस्तकों एवं तीर्थ यात्रियों के अनुभवों के आधार पर निरंतर अद्यतन की जाती है।

दर्शनार्थियों के अनुभव व समीक्षाएँ (0)

मंदिर दर्शन की अपनी आध्यात्मिक अनुभूति साझा करें

मंदिर विवरण कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!