पावन देवस्थान एवं तीर्थ दर्शन

श्री खीरचोरा गोपीनाथ मंदिर, रेमुणा (ओडिशा)

17 दर्शनार्थी
रेमुणा, ओडिशा
प्रकाशित: 26 Oct 2026
दर्शन व इतिहास पढ़ें
मुख्य आराध्य देव
भगवान गोपीनाथ
दर्शन समय सारिणी
सुबह 05:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक और शाम 04:00 बजे से रात्रि 09:30 बजे तक
नित्य आरती समय
मंगला आरती: 05:30 AM | भोग आरती: 12:30 PM | संध्या आरती: 07:30 PM | शयन आरती: 09:00 PM
स्थान / नगर
रेमुणा, ओडिशा
आराध्य देव
भगवान गोपीनाथ
दर्शन समय
सुबह 05:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक और शाम 04:00 बजे से रात्रि 09:30 बजे तक
आरती समय
मंगला आरती: 05:30 AM | भोग आरती: 12:30 PM | संध्या आरती: 07:30 PM | शयन आरती: 09:00 PM
स्थान / धाम
श्री खीरचोरा गोपीनाथ मंदिर, रेमुणा, बालेश्वर, ओडिशा - 756019
अक्षर आकार:
पठन थीम:

श्री खीरचोरा गोपीनाथ मंदिर: एक दिव्य परिचय

ओडिशा के बालेश्वर जिले के रेमुणा में स्थित 'श्री खीरचोरा गोपीनाथ मंदिर' वैष्णव परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण के उस स्वरूप को समर्पित है, जो अपने भक्तों की प्रेमपूर्ण पुकार पर स्वयं खीर चुराने के लिए विवश हो गए थे। यह स्थान चैतन्य महाप्रभु के गुरु, श्री माधवेंद्र पुरी की भक्ति का साक्षी है।

पौराणिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इस मंदिर का इतिहास 15वीं शताब्दी से जुड़ा है। कथा के अनुसार, श्री माधवेंद्र पुरी जब वृंदावन से यात्रा करते हुए रेमुणा पहुँचे, तो उन्होंने गोपीनाथ जी के दर्शन किए। उन्होंने देखा कि भगवान को प्रतिदिन 12 मटके खीर का भोग लगाया जाता है। उनके मन में विचार आया कि यदि वे भी इस खीर का स्वाद चख सकें, तो वे अपने आराध्य गोपाल को भी इसका भोग लगा सकेंगे। भगवान गोपीनाथ ने अपने भक्त की इस इच्छा को पूर्ण करने के लिए एक मटका खीर चुराकर अपने वस्त्रों में छिपा लिया। जब पुजारी ने वह मटका गायब पाया, तो उसे स्वप्न में भगवान ने बताया कि उन्होंने अपने भक्त के लिए खीर चुराई है। तभी से भगवान का नाम 'खीरचोरा गोपीनाथ' पड़ गया।

स्थापत्य कला और गर्भगृह

मंदिर की वास्तुकला कलिंग शैली (Kalinga Architecture) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मंदिर का मुख्य शिखर भव्य है और गर्भगृह में भगवान गोपीनाथ की मनमोहक प्रतिमा विराजमान है। गोपीनाथ जी की प्रतिमा काले पत्थर (कसौटी पत्थर) से बनी है और वे बंसी बजाते हुए त्रिभंग मुद्रा में खड़े हैं। उनके साथ राधा रानी और ललिता-विशाखा की प्रतिमाएँ भी स्थापित हैं। मंदिर का प्रांगण अत्यंत शांत और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत है।

दैनिक अनुष्ठान और खीर भोग

यहाँ का मुख्य आकर्षण 'अमृतमयी खीर' है। यह खीर गाय के शुद्ध दूध, चावल और चीनी के विशेष मिश्रण से तैयार की जाती है। मंदिर में प्रतिदिन भगवान को खीर का भोग लगाया जाता है, जिसे 'अमृत भोग' कहा जाता है। भक्त इस प्रसाद को प्राप्त करने के लिए घंटों प्रतीक्षा करते हैं।

प्रमुख उत्सव

  • दोल पूर्णिमा: होली के अवसर पर यहाँ भव्य उत्सव मनाया जाता है।
  • चंदन यात्रा: गर्मी के मौसम में भगवान को चंदन का लेप लगाया जाता है।
  • जन्माष्टमी: भगवान कृष्ण के प्राकट्य दिवस पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है।
  • कार्तिक पूर्णिमा: इस दिन विशेष अभिषेक और महाभोग का आयोजन होता है।

यात्रा गाइड (कैसे पहुँचें)

हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा भुवनेश्वर (BBI) है, जो लगभग 200 किमी दूर है।

रेल मार्ग: बालेश्वर रेलवे स्टेशन (BLS) निकटतम प्रमुख स्टेशन है, जो मंदिर से मात्र 9 किमी की दूरी पर है। स्टेशन से ऑटो या टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं।

सड़क मार्ग: रेमुणा, राष्ट्रीय राजमार्ग 16 (NH-16) से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। बालेश्वर से नियमित बसें और निजी वाहन उपलब्ध हैं।

आवास और सुविधाएँ

मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित धर्मशालाएँ उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, बालेश्वर शहर में कई होटल और गेस्ट हाउस हैं। मंदिर परिसर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है और भक्तों के लिए निःशुल्क अन्नक्षेत्र की व्यवस्था भी है।

तीर्थ यात्रा विधि

मंदिर दर्शन व पूजा के 4 सरल चरण

प्रभु के अलौकिक दर्शन का पूर्ण फल प्राप्त करने हेतु आवश्यक नियम

१. शुद्ध भाव व स्नान

दर्शन से पूर्व पवित्र भाव से स्नान कर सात्विक वस्त्र धारण करें।

२. आरती समय ज्ञान

मंगला, भोग अथवा शयन आरती के समय उपस्थित होकर दर्शन करें।

३. नैवेद्य व अर्पण

तुलसी, पुष्प, धूप, दीप व नैवेद्य श्रद्धापूर्वक प्रभु चरणों में अर्पित करें।

४. परिक्रमा व ध्यान

गर्भगृह की विधिवत परिक्रमा कर शांत भाव से प्रभु का ध्यान करें।

संदर्भ-आधारित एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

भक्तिलोक पर उपलब्ध सभी मंदिर दर्शन समय, आरती सारिणी व इतिहास की जानकारी संबंधित देवस्थानम ट्रस्ट, प्रमाणिक धार्मिक पुस्तकों एवं तीर्थ यात्रियों के अनुभवों के आधार पर निरंतर अद्यतन की जाती है।

दर्शनार्थियों के अनुभव व समीक्षाएँ (0)

मंदिर दर्शन की अपनी आध्यात्मिक अनुभूति साझा करें

मंदिर विवरण कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!