पावन देवस्थान एवं तीर्थ दर्शन

श्री भगवान वीरभद्र / भगवान शिव जी के प्रसिद्ध मंदिर

भारत के कोने-कोने में स्थित भगवान भगवान वीरभद्र / भगवान शिव के सभी प्राचीन एवं चमत्कारी मंदिरों की सूची, दर्शन समय, नित्य आरती, पौराणिक इतिहास एवं तीर्थ यात्रा मार्गदर्शिका।

1 पावन मंदिर सूचीबद्ध
नित्य दर्शन व आरती समय
स्थान व पहुँचने का मार्ग

भगवान भगवान वीरभद्र / भगवान शिव के सभी मंदिर

कुल 1 पावन तीर्थ धाम उपलब्ध हैं

लोकप्रियता अनुसार क्रम
श्री वीराभद्र स्वामी मंदिर, लेपाक्षी, आंध्र प्रदेश: इतिहास, वीरभद्र अवतार, लटकते खंभे (Hanging Pillar) का रहस्य एवं संपूर्ण यात्रा गाइड | Shri Veerabhadra Swamy Temple Lepakshi: History, Mystery of Hanging Pillar & Travel Guide
भगवान वीरभद्र / भगवान शिव 204 दर्शन

श्री वीराभद्र स्वामी मंदिर, लेपाक्षी, आंध्र प्रदेश: इतिहास, वीरभद्र अवतार, लटकते खंभे (Hanging Pillar) का रहस्य एवं संपूर्ण यात्रा गाइड | Shri Veerabhadra Swamy Temple Lepakshi: History, Mystery of Hanging Pillar & Travel Guide

लेपाक्षी, आंध्र प्रदेश
दर्शन: प्रातः ०५:०० AM से अपराह्न ०१:०० PM एवं संध्या ०४:०० PM से रात्रि ११:०० PM

ओडिशा के पुरी में स्थित चार धाम तीर्थ श्री जगन्नाथ मंदिर का सम्पूर्ण इतिहास, दारुब्रह्म रहस्य, ८ विस्मयकारी वैज्ञानिक रहस्य, …

तीर्थ यात्रा विधि

भगवान भगवान वीरभद्र / भगवान शिव मंदिर दर्शन के 4 सरल नियम

१. शुद्ध भाव व स्नान

दर्शन से पूर्व प्रातःकाल स्वच्छ वस्त्र धारण कर मन को एकाग्र व सात्विक भाव में रखें।

२. आरती समय का ज्ञान

मंगला, भोग अथवा शयन आरती के समय मंदिर पहुँचकर अलौकिक दर्शन का लाभ उठाएं।

३. नैवेद्य व अर्पण

श्रद्धापूर्वक पुष्प, तुलसी, सिंदूर, मोदक या नैवेद्य देवस्थान की परंपरा अनुसार अर्पित करें।

४. परिक्रमा व ध्यान

गर्भगृह की विधिवत परिक्रमा कर शांत भाव से कुछ क्षण प्रभु के चरणों में बैठकर मंत्र जप करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

भगवान भगवान वीरभद्र / भगवान शिव के मंदिर दर्शन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ

भारत भर में भगवान भगवान वीरभद्र / भगवान शिव के अनेक चमत्कारी एवं ऐतिहासिक धाम हैं जहाँ प्रतिदिन लाखों भक्त दर्शन, मंगला आरती व पूजा-अर्चना हेतु आते हैं। इस पृष्ठ पर सभी प्रमुख मंदिरों के दर्शन समय व इतिहास की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।
अधिकांश मंदिरों में प्रातः मंगला आरती (5:30 AM से 7:00 AM) और सांध्य आरती (6:30 PM से 8:00 PM) दर्शन का सर्वोत्तम समय माना जाता है। विस्तृत समय सूची प्रत्येक मंदिर के विवरण पृष्ठ पर दी गई है।
हाँ, कई प्रमुख देवस्थानम ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन दर्शन स्लॉट बुकिंग, विशेष पूजा संकल्प व दान की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध रहती है। मंदिर विवरण पृष्ठ पर ट्रस्ट की आधिकारिक जानकारियाँ भी संलग्न हैं।

संदर्भ-आधारित एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

भक्तिलोक पर उपलब्ध सभी मंदिर दर्शन समय, आरती सारिणी व इतिहास की जानकारी संबंधित देवस्थानम ट्रस्ट, प्रमाणिक धार्मिक पुस्तकों एवं तीर्थ यात्रियों के अनुभवों के आधार पर निरंतर अद्यतन की जाती है।

🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!