४७+ पावन त्यौहार विक्रम संवत २०८३ शास्त्रसम्मत मुहूर्त व विधियां

सनातन त्यौहार एवं पर्व निर्देशिका २०२६

समस्त हिंदू व्रत, पावन पर्वों एवं उत्सवों की तिथिवार प्रामाणिक सूची, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि व शास्त्रोक्त महत्व।

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Hindu २२५
१४ अप्रैल २०२६, मंगलवार

मेष संक्रांति / Baisakhi / Vishu / Pohela Boishakh 2026 – Solar New Year

मेष संक्रांति – सूर्य का मेष राशि में प्रवेश। हिंदू नव वर्ष, Baisakhi, Vishu, Pohela Boishakh का पावन पर्व। Sun ent...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu २०८
१४ अप्रैल २०२६, मंगलवार

मेष संक्रांति 2026: Baisakhi, Tamil New Year, Vishu, Pohela Boishakh – Solar New Year

मेष संक्रांति – सूर्य का मेष राशि में प्रवेश। Baisakhi, Puthandu (तमिल नव वर्ष), Vishu, Pohela Boishakh का पावन पर्...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu २५४
१५ अप्रैल २०२६, बुधवार

Masik Shivratri 2026 / Pradosh Vrat: शिव कृपा का पावन दिन (15 April 2026, Wednesday)

मासिक शिवरात्रि एवं प्रदोष व्रत का पावन पर्व | Monthly Shivratri and Pradosh Vrat dedicated to Lord Shiva....

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu ६९८
१७ अप्रैल २०२६, शुक्रवार

Vaishakha Amavasya 2026 | वैशाख अमावस्या 2026

पितृ तर्पण, स्नान-दान और नवचंद्र दर्शन का पावन पर्व | Sacred New Moon day dedicated to ancestors and holy baths in ...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu २८१
१८ अप्रैल २०२६, शनिवार

Chandra Darshana / Ishti / Vaishakha आरंभ / Parashar Rishi Jayanti 2026 – चंद्र दर्शन, इष्टि एवं पराशर जयंती

चंद्र दर्शन, वैशाख मास का शुभारंभ, इष्टि यज्ञ एवं महर्षि पराशर की जयंती – 18 अप्रैल 2026। Chandra Darshana, Ishti, ...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu ३९४
१९ अप्रैल २०२६, रविवार

Akshaya Tritiya 2026 | अक्षय तृतीया 2026

अखंड सौभाग्य और समृद्धि का पर्व | The most auspicious day for new beginnings, gold buying, and charity....

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Hindu १४१३
१९ अप्रैल २०२६, रविवार

Parashurama Jayanti 2026: भगवान परशुराम का प्राकट्य दिवस (Akshaya Tritiya, 19 April Sunday)

भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम का जन्मोत्सव | Birth anniversary of Lord Parashurama, the sixth incarnation of Vi...

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Hindu ३९५
२२ अप्रैल २०२६, बुधवार

Ganga Saptami 2026 | गंगा सप्तमी 2026

मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का पावन दिवस | Sacred day marking the descent of Goddess Ganga to Earth, ideal for holy...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu ४२०
२५ अप्रैल २०२६, शनिवार

Sita Navami 2026 – सीता नवमी: माता सीता का प्राकट्य दिवस, व्रत विधि एवं महत्व

सीता नवमी – वैशाख शुक्ल नवमी को माता सीता का जन्म। व्रत, पूजा विधि, और वैवाहिक सुख के लिए उपाय। Sita Navami – Appea...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu १३९
२५ अप्रैल २०२६, शनिवार

Sita Navami 2026 – सीता नवमी: वैशाख शुक्ल नवमी, व्रत विधि एवं वैवाहिक सुख के उपाय (शनिवार)

सीता नवमी – माता सीता का प्राकट्य दिवस। वैशाख शुक्ल नवमी, 25 अप्रैल 2026 (शनिवार)। व्रत, पूजा, शुक्र ग्रह उपाय और व...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Jain २१५
२६ अप्रैल २०२६, रविवार

Mahavir Swami Kevalagyan 2026: भगवान महावीर को प्राप्त हुआ था केवलज्ञान (26 April Sunday)

जैन धर्म का पावन पर्व - भगवान महावीर को केवलज्ञान प्राप्ति का दिन | Jain festival marking Lord Mahavir attaining Ke...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu १६०
२७ अप्रैल २०२६, सोमवार

Mohini Ekadashi 2026 | मोहिनी एकादशी 2026

भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार को समर्पित पावन व्रत | Sacred fast dedicated to Lord Vishnu's Mohini avatar, ideal for...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि

सनातन पर्व परंपरा एवं वैदिक काल-गणना का विज्ञान

सनातन हिंदू परंपरा में प्रत्येक पर्व और त्यौहार केवल सामाजिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि वे सूर्य, चंद्रमा, नक्षत्रों और ऋतु संक्रमण के गहन खगोलीय सामंजस्य पर आधारित आध्यात्मिक विज्ञान हैं। वैदिक काल से ही हमारे ऋषियों ने मानव जीवन को प्रकृति के साथ लयबद्ध करने हेतु इन पावन पर्वों का निर्धारण किया है।

१. उदया तिथि एवं काल-व्यापिनी तिथि का शास्त्रीय नियम

धर्मसिंधु एवं निर्णयसिंधु ग्रंथों के अनुसार, हिंदू धर्म में पर्वों का निर्णय मुख्य रूप से दो प्रमुख आधारों पर होता है:

  • उदया तिथि (Udaya Tithi): जिस तिथि में सूर्योदय होता है, दिनभर सामान्यतः उसी तिथि का प्रभाव माना जाता है (जैसे रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी व्रत, दशहरा)।
  • काल-विशिष्ट व्यापिनी तिथि (Kala Vyapini): कुछ पर्व विशिष्ट प्रहर में मनाए जाते हैं—जैसे दीपावली का लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल (सूर्यास्त उपरांत) में, महाशिवरात्रि का रुद्राभिषेक निशीथ काल (मध्यरात्रि) में, और करवा चौथ का पारण चंद्रोदय काल में। ऐसे में उस विशिष्ट काल में उपस्थित तिथि को ही ग्रहण किया जाता है।

२. लूनी-सोलर (Lunisolar) समन्वय और अधिकमास

सौर वर्ष ३६५.२४२ दिन का और चंद्र वर्ष ३५४.३६ दिन का होता है। प्रतिवर्ष आने वाले लगभग ११ दिनों के अंतर को संतुलित करने हेतु प्रत्येक ३२ माह १६ दिन (लगभग ३ वर्ष) में चंद्र वर्ष में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे 'अधिकमास' या 'पुरुषोत्तम मास' कहा जाता है। इसी वैज्ञानिक सामंजस्य के कारण हिंदू त्यौहार हमेशा अपनी प्राकृतिक ऋतुओं के अनुसार ही आते हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ: यह सामग्री वैदिक पंचांग, पुराणों एवं प्रतिष्ठित सनातन धर्मग्रंथों के उपलब्ध संदर्भों के आधार पर भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा शोधपरक रूप से तैयार की गई है।
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