सनातन चौघड़िया संग्रह
शनिवार विशेष (भगवान शनिदेव व श्री महाकाल)
नई दिल्ली काल गणना
Vedic Choghadiya

आज का शुभ चौघड़िया
दिन व रात का पावन मुहूर्त

भक्तिलोक पर नई दिल्ली के अंतर्गत आज के दिन और रात्रि का संपूर्ण शुभ चौघड़िया, राहुकाल समय, अभिजीत मुहूर्त एवं अमृत, शुभ, लाभ व चर मुहूर्त की प्रामाणिक समय सारणी देखें।

🛡️ शास्त्र-सम्मत एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री शुद्ध काल गणना, प्रामाणिक सूर्य सिद्धांत, अभिजीत मुहूर्त और वैदिक पंचांग साहित्य।
8 याम दिन का चौघड़िया
8 याम रात्रि का चौघड़िया
15+ नगर तीर्थ व शहर अनुसार
आज
लाइव पंचांग समय 📍 नई दिल्ली
10:30:30 PM

शनिवार, 03 Oct 2026

🌅 सूर्योदय 06:13 AM
🌇 सूर्यास्त 06:06 PM
✨ अभिजीत मुहूर्त 11:46 AM - 12:34 PM
🟢 अभी चल रहा है (Active Now) रात्रि का चौघड़िया

शुभ चौघड़िया

समय: 09:08 PM से 10:39 PM तक

फल: शुभ फलदायक। विवाह, धार्मिक अनुष्ठान, गृह प्रवेश, विद्यारंभ व यज्ञ आदि कार्यों के लिए उत्तम।

समाप्त होने में शेष समय: गणना हो रही है...
⏳ आज का राहुकाल समय

09:12 AM से 10:41 AM

राहुकाल में कोई भी नया या शुभ कार्य प्रारंभ न करें।
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दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya) - 06:13 AM से 06:06 PM

📍 नई दिल्ली | 03 Oct 2026
क्रम मुहूर्त / चौघड़िया प्रारंभ समय समाप्ति समय प्रकृति (Nature) स्वामी ग्रह फल व उपयुक्त कार्य
1 काल 06:13 AM 07:43 AM हानिकारक (Harmful) शनि देव हानि कारक। इस समय में कोई भी शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें।
2 शुभ 07:43 AM 09:12 AM उत्तम (Good) बृहस्पति देव शुभ फलदायक। विवाह, धार्मिक अनुष्ठान, गृह प्रवेश, विद्यारंभ व यज्ञ आदि कार्यों के लिए उत्तम।
3 रोग 09:12 AM 10:41 AM वर्जित (Avoid / Ill) मंगल देव विघ्न व कष्ट कारक। शुभ कार्य सर्वथा वर्जित हैं। केवल शत्रु दमन या वाद-विवाद शांति कार्य हेतु।
4 उद्वेग 10:41 AM 12:10 PM अशुभ / तनावपूर्ण (Inauspicious) सूर्य देव चिंता व तनाव कारक। सरकारी कार्य को छोड़कर अन्य निजी मांगलिक कार्यों से बचें।
5 चर 12:10 PM 01:39 PM गतिशील (Dynamic / Moderate) शुक्र देव यात्रा, वाहन चालन, पर्यटन, खेलकूद व परिवर्तनशील कार्यों के लिए उपयुक्त।
6 लाभ 01:39 PM 03:08 PM लाभकारी (Profitable) बुध देव उन्नति व धन लाभ कारक। व्यापार प्रारंभ, नया खाता खोलना, निवेश व क्रय-विक्रय हेतु श्रेष्ठ।
7 अमृत 03:08 PM 04:37 PM सर्वोत्तम (Best) चंद्र देव अत्यंत शुभ फलदायी। सभी प्रकार के मांगलिक कार्य, पूजा, यात्रा व नवीन कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ।
8 काल 04:37 PM 06:06 PM हानिकारक (Harmful) शनि देव हानि कारक। इस समय में कोई भी शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें।

रात्रि का चौघड़िया (Night Choghadiya) - 06:06 PM से अगले सूर्योदय तक

📍 नई दिल्ली
क्रम मुहूर्त / चौघड़िया प्रारंभ समय समाप्ति समय प्रकृति (Nature) स्वामी ग्रह फल व उपयुक्त कार्य
1 लाभ 06:06 PM 07:37 PM लाभकारी (Profitable) बुध देव उन्नति व धन लाभ कारक। व्यापार प्रारंभ, नया खाता खोलना, निवेश व क्रय-विक्रय हेतु श्रेष्ठ।
2 उद्वेग 07:37 PM 09:08 PM अशुभ / तनावपूर्ण (Inauspicious) सूर्य देव चिंता व तनाव कारक। सरकारी कार्य को छोड़कर अन्य निजी मांगलिक कार्यों से बचें।
3 शुभ 🟢 सक्रिय 09:08 PM 10:39 PM उत्तम (Good) बृहस्पति देव शुभ फलदायक। विवाह, धार्मिक अनुष्ठान, गृह प्रवेश, विद्यारंभ व यज्ञ आदि कार्यों के लिए उत्तम।
4 अमृत 10:39 PM 12:10 AM सर्वोत्तम (Best) चंद्र देव अत्यंत शुभ फलदायी। सभी प्रकार के मांगलिक कार्य, पूजा, यात्रा व नवीन कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ।
5 चर 12:10 AM 01:41 AM गतिशील (Dynamic / Moderate) शुक्र देव यात्रा, वाहन चालन, पर्यटन, खेलकूद व परिवर्तनशील कार्यों के लिए उपयुक्त।
6 रोग 01:41 AM 03:12 AM वर्जित (Avoid / Ill) मंगल देव विघ्न व कष्ट कारक। शुभ कार्य सर्वथा वर्जित हैं। केवल शत्रु दमन या वाद-विवाद शांति कार्य हेतु।
7 काल 03:12 AM 04:43 AM हानिकारक (Harmful) शनि देव हानि कारक। इस समय में कोई भी शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें।
8 लाभ 04:43 AM 06:14 AM लाभकारी (Profitable) बुध देव उन्नति व धन लाभ कारक। व्यापार प्रारंभ, नया खाता खोलना, निवेश व क्रय-विक्रय हेतु श्रेष्ठ।

चौघड़िया क्या है और इसका क्या महत्व है?

वैदिक ज्योतिष में चौघड़िया (Choghadiya) समय का एक अत्यंत प्राचीन एवं प्रामाणिक मापदंड है। 'चौघड़िया' शब्द 'चतुर्घटिका' से बना है, जिसका अर्थ है चार घटी (लगभग 96 मिनट या डेढ़ घंटा)। एक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और एक रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ बराबर भागों में बांटा जाता है, जिन्हें क्रमशः दिन का चौघड़िया और रात का चौघड़िया कहा जाता है।

चौघड़िया के 7 प्रकार और उनका फल:
1. अमृत चौघड़िया (सर्वोत्तम):

चंद्र देव इसके स्वामी हैं। किसी भी नए कार्य, यात्रा, विवाह और पूजा के लिए यह सर्वोत्तम है।

2. शुभ चौघड़िया (उत्तम):

गुरु बृहस्पति इसके स्वामी हैं। धार्मिक कार्यों, यज्ञ, गृह प्रवेश व विद्यारंभ हेतु अत्यंत श्रेष्ठ।

3. लाभ चौघड़िया (लाभकारी):

बुध देव इसके स्वामी हैं। व्यापार, नया व्यवसाय, निवेश व धन लाभ के कार्यों के लिए उत्तम।

4. चर चौघड़िया (गतिशील):

शुक्र देव इसके स्वामी हैं। यात्रा, पर्यटन, वाहन खरीदारी व स्थानांतरण कार्यों के लिए शुभ।

5. उद्वेग, काल व रोग (अशुभ):

इन तीनों चौघड़ियों में कोई भी नया या मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।

6. राहुकाल (अशुभ समय):

दिन के लगभग 90 मिनट राहु के प्रभाव में रहते हैं। इस समय में कोई भी शुभ कार्य न करें।