वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष)

6 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) | विक्रम संवत 2083 (आश्विन मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 01:49 AM तक नक्षत्र: आश्लेषा (11:00 PM तक) अभिजित: 11:45 AM से 12:32 PM राहुकाल: 01:37 PM से 03:06 PM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) · आश्विन मास
एकादशी (हरिवासर) तिथि (कृष्ण पक्ष)

आज एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) है, जो 01:49 AM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: भगवान श्री हरि विष्णु • प्रकृति: नंदा (Nanda) संज्ञक • फल: सर्व पाप मुक्ति, मोक्ष, मानसिक शांति एवं वैकुंठ धाम की प्राप्ति
तिथि समाप्ति समय
01:49 AM तक
अगली तिथि: द्वादशी (कृष्ण पक्ष) (01:49 AM से)
1. तिथि (Tithi)
एकादशी (हरिवासर)
01:49 AM तक
कृष्ण पक्ष · नंदा
2. नक्षत्र (Nakshatra)
आश्लेषा
11:00 PM तक
चरण: 2 · गण: राक्षस
3. वार (Vara)
मंगलवार
स्वामी: श्री हनुमान जी व मंगल देव
रंग: सिंदूरी, गहरा लाल व नारंगी
4. योग (Yoga)
सिद्ध
सर्वमनोरथ सिद्धि
संख्या: 21 / 27
5. करण (Karana)
बव (Bava)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पाताल में
हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)
शिव वास (रुद्राभिषेक) कैलाश पर
अति शुभ (पारिवारिक सुख व शांति)
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल सक्रिय (शांति कराएं)
इस नक्षत्र में जन्म पर मूल शांति विधान है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय | ॐ विष्णवे नमः
अधिष्ठाता देव भगवान श्री हरि विष्णु का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से सर्व पाप मुक्ति, मोक्ष, मानसिक शांति एवं वैकुंठ धाम की प्राप्ति की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:15 AM

सूर्यास्त (Sunset)

06:03 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

02:24 AM

चन्द्रास्त (Moonset)

02:24 PM

सूर्य राशि (Sun Sign): कन्या (Virgo)
चन्द्र राशि (Moon Sign): कर्क (Cancer)
चन्द्र वास (दिशा): उत्तर दिशा (North)
दिनमान व रात्रिमान: 11 घंटे 47 मिनट · 12 घंटे 12 मिनट
ऋतु व अयन: शरद ऋतु (Autumn) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:45 AM से 12:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:39 AM से 05:27 AM
अमृत काल: 08:45 AM से 10:15 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:39 PM से 06:27 PM
विजय मुहूर्त: 01:20 PM से 02:07 PM
आनन्दादि योग: आनन्द (Ananda) (अति शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 01:37 PM से 03:06 PM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 07:03 PM से 08:39 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 09:12 AM से 10:40 AM
गुलिक काल: 12:09 PM से 01:37 PM
दिशाशूल: उत्तर दिशा (उपाय: गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।)
दिन चौघड़िया
रोग
06:15 AM–07:44 AM
उद्वेग
07:44 AM–09:12 AM
चर
09:12 AM–10:40 AM
लाभ
10:40 AM–12:09 PM
अमृत
12:09 PM–01:37 PM
काल
01:37 PM–03:06 PM
शुभ
03:06 PM–04:34 PM
रोग
04:34 PM–06:03 PM
रात्रि चौघड़िया
काल
06:03 PM–07:34 PM
लाभ
07:34 PM–09:06 PM
उद्वेग
09:06 PM–10:37 PM
शुभ
10:37 PM–12:09 AM
अमृत
12:09 AM–01:40 AM
चर
01:40 AM–03:12 AM
रोग
03:12 AM–04:44 AM
काल
04:44 AM–06:15 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
मंगल
06:15 AM
07:14 AM
सूर्य
07:14 AM
08:13 AM
शुक्र
08:13 AM
09:12 AM
बुध
09:12 AM
10:11 AM
चंद्र
10:11 AM
11:10 AM
शनि
11:10 AM
12:09 PM
गुरु
12:09 PM
01:08 PM
मंगल
01:08 PM
02:07 PM
सूर्य
02:07 PM
03:06 PM
शुक्र
03:06 PM
04:05 PM
बुध
04:05 PM
05:04 PM
चंद्र
05:04 PM
06:03 PM
🌙
होरा — रात
शनि
06:03 PM
07:04 PM
गुरु
07:04 PM
08:05 PM
मंगल
08:05 PM
09:06 PM
सूर्य
09:06 PM
10:07 PM
शुक्र
10:07 PM
11:08 PM
बुध
11:08 PM
12:09 AM
चंद्र
12:09 AM
01:10 AM
शनि
01:10 AM
02:11 AM
गुरु
02:11 AM
03:12 AM
मंगल
03:12 AM
04:13 AM
सूर्य
04:13 AM
05:14 AM
शुक्र
05:14 AM
06:15 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
कन्या (Virgo) 06:15 AM - 08:15 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
तुला (Libra) 08:15 AM - 10:15 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 10:15 AM - 12:15 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 12:15 PM - 02:15 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 02:15 PM - 04:15 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 04:15 PM - 06:15 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा कर्क (Cancer) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) शुभ
मिथुन (Gemini) मध्यम
कर्क (Cancer) शुभ
सिंह (Leo) मध्यम
कन्या (Virgo) शुभ
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) मध्यम
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) शुभ
कुंभ (Aquarius) शुभ
मीन (Pisces) मध्यम

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) कन्या (Virgo) 18° 33' हस्त
चंद्रमा (Moon) कर्क (Cancer) 20° 46' आश्लेषा
मंगल (Mars) वृश्चिक (Scorpio) 23° 03' ज्येष्ठा
बुध (Mercury) तुला (Libra) 02° 45' चित्रा
बृहस्पति (Jupiter) मकर (Capricorn) 20° 33' श्रवण
शुक्र (Venus) तुला (Libra) 24° 21' विशाखा
शनि (Saturn) मेष (Aries) 23° 57' भरणी
राहु (Rahu) सिंह (Leo) 01° 26' मघा
केतु (Ketu) कुंभ (Aquarius) 01° 26' धनिष्ठा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), शरद ऋतु (Autumn), आश्विन मासे, कृष्ण पक्ष, एकादशी (हरिवासर) तिथौ, मंगलवार वासरे, आश्लेषा नक्षत्रे, सिद्ध योगे, बव (Bava) करणे, सूर्य कन्या (Virgo) राशिस्थिते, चन्द्र कर्क (Cancer) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: आश्लेषा

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
भरणी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
कृत्तिका वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
रोहिणी साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
मृगशिरा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
आर्द्रा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पुनर्वसु विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
पुष्य सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
आश्लेषा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
मघा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पूर्वाफाल्गुनी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
उत्तराफाल्गुनी वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
हस्त साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
चित्रा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
स्वाती क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
विशाखा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
अनुराधा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
ज्येष्ठा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
मूल अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पूर्वाषाढ़ा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
उत्तराषाढ़ा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
श्रवण साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
धनिष्ठा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
शतभिषा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पूर्वाभाद्रपद विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
उत्तराभाद्रपद सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
रेवती जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
आज
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: आश्लेषा
6 अक्टूबर 2026 मंगलवार
2 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
8 अक्टूबर 2026 गुरुवार
3 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
9 अक्टूबर 2026 शुक्रवार
4 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: हस्त
10 अक्टूबर 2026 शनिवार
8 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अनुराधा
14 अक्टूबर 2026 बुधवार
13 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
19 अक्टूबर 2026 सोमवार
16 दिन बाद
शुक्ल पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: शतभिषा
22 अक्टूबर 2026 गुरुवार
18 दिन बाद
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद
24 अक्टूबर 2026 शनिवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: बव (Bava)
करण के देवता (Ruling Deity)
इंद्र देव
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
आरोग्य, यश एवं राज्य कृपा
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
पौष्टिक कार्य, विद्यारम्भ व नवीन आरंभ

आज की तिथि (एकादशी (हरिवासर)) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 6 अक्टूबर 2026 को एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) है, जो 01:49 AM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

एकादशी तिथि स्वयं भगवान विष्णु के शरीर से उत्पन्न शक्ति स्वरूपा मानी जाती है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की एकादशी (हरिवासर) तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि विष्णु हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'नंदा (Nanda)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे सर्व पाप मुक्ति, मोक्ष, मानसिक शांति एवं वैकुंठ धाम की प्राप्ति की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:39 AM से 05:27 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: एकादशी का उपवास रखें, तुलसी पत्र अर्पित करें, विष्णु सहस्रनाम या श्रीमद्भागवत का श्रवण करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय | ॐ विष्णवे नमः' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

गुड़, लाल मसूर की दाल, रक्त चंदन व तांबे के बर्तन का दान करें। आज का शुभ अंक 9 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

चावल (अन्न), दाल, प्याज-लहसुन का सेवन पूर्णतः निषिद्ध है। फलाहार का विधान है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:45 AM से 12:32 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता भगवान श्री हरि विष्णु की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (01:37 PM से 03:06 PM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (उत्तर) में बिना आवश्यक उपाय (गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी आश्विन मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी कन्या (Virgo) में तथा चंद्र देव कर्क (Cancer) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) है। यह तिथि 6 अक्टूबर 2026 को 01:49 AM तक रहेगी। इसके पश्चात द्वादशी (कृष्ण पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि विष्णु हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय | ॐ विष्णवे नमः' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से सर्व पाप मुक्ति, मोक्ष, मानसिक शांति एवं वैकुंठ धाम की प्राप्ति की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:45 AM से 12:32 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 01:37 PM से 03:06 PM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पाताल में (हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)) है। वहीं शिव वास कैलाश पर (अति शुभ (पारिवारिक सुख व शांति)) है।
आज मंगलवार होने के कारण दिशाशूल उत्तर दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।