वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : षष्ठी (कृष्ण पक्ष)

2 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) | विक्रम संवत 2083 (आश्विन मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 10:49 AM तक नक्षत्र: मृगशिरा (04:37 AM तक) अभिजित: 11:46 AM से 12:34 PM राहुकाल: 09:11 AM से 10:41 AM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) · आश्विन मास
षष्ठी तिथि (कृष्ण पक्ष)

आज षष्ठी (कृष्ण पक्ष) है, जो 10:49 AM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: भगवान कार्तिकेय (स्कंद) • प्रकृति: नंदा (Nanda) संज्ञक • फल: शत्रु पराजय, तेजस्विता, पराक्रम एवं संतान की दीर्घायु
तिथि समाप्ति समय
10:49 AM तक
अगली तिथि: सप्तमी (कृष्ण पक्ष) (10:49 AM से)
1. तिथि (Tithi)
षष्ठी
10:49 AM तक
कृष्ण पक्ष · नंदा
2. नक्षत्र (Nakshatra)
मृगशिरा
04:37 AM तक
चरण: 1 · गण: देव
3. वार (Vara)
शुक्रवार
स्वामी: माँ महालक्ष्मी व शुक्र देव
रंग: गुलाबी, श्वेत व चमकीला
4. योग (Yoga)
व्यतीपात
अशुभ (मंत्र जप करें)
संख्या: 17 / 27
5. करण (Karana)
वणिज (Vanija)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पृथ्वी पर
हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक
शिव वास (रुद्राभिषेक) क्रीड़ा में
मध्यम फलदायी
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ स्कन्दाय नमः | ॐ शरवणभवाय नमः
अधिष्ठाता देव भगवान कार्तिकेय (स्कंद) का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से शत्रु पराजय, तेजस्विता, पराक्रम एवं संतान की दीर्घायु की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:13 AM

सूर्यास्त (Sunset)

06:07 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

10:52 PM

चन्द्रास्त (Moonset)

10:52 AM

सूर्य राशि (Sun Sign): कन्या (Virgo)
चन्द्र राशि (Moon Sign): वृषभ (Taurus)
चन्द्र वास (दिशा): दक्षिण दिशा (South)
दिनमान व रात्रिमान: 11 घंटे 54 मिनट · 12 घंटे 05 मिनट
ऋतु व अयन: शरद ऋतु (Autumn) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:46 AM से 12:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:37 AM से 05:25 AM
अमृत काल: 08:43 AM से 10:13 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:43 PM से 06:31 PM
विजय मुहूर्त: 01:21 PM से 02:09 PM
आनन्दादि योग: मानस (Manasa) (शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 09:11 AM से 10:41 AM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 11:49 AM से 01:25 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 03:09 PM से 04:38 PM
गुलिक काल: 07:42 AM से 09:11 AM
दिशाशूल: पश्चिम दिशा (उपाय: जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।)

आज का चौघड़िया (Day & Night Choghadiya) · नई दिल्ली

चर
06:13 AM - 07:42 AM चर (चलायमान)
लाभ
07:42 AM - 09:11 AM लाभ (प्रगतिशील)
अमृत
09:11 AM - 10:41 AM अमृत (सर्वश्रेष्ठ)
काल
10:41 AM - 12:10 PM काल (हानिकारक)
शुभ
12:10 PM - 01:39 PM शुभ (उत्तम)
रोग
01:39 PM - 03:09 PM रोग (अशुभ)
उद्वेग
03:09 PM - 04:38 PM उद्वेग (अशुभ)
चर
04:38 PM - 06:07 PM चर (चलायमान)
रोग
06:07 PM - 07:38 PM रोग (अशुभ)
काल
07:38 PM - 09:09 PM काल (हानिकारक)
लाभ
09:09 PM - 10:39 PM लाभ (प्रगतिशील)
उद्वेग
10:39 PM - 12:10 AM उद्वेग (अशुभ)
शुभ
12:10 AM - 01:41 AM शुभ (उत्तम)
अमृत
01:41 AM - 03:11 AM अमृत (सर्वश्रेष्ठ)
चर
03:11 AM - 04:42 AM चर (चलायमान)
रोग
04:42 AM - 06:13 AM रोग (अशुभ)

दैनिक होरा चक्र (Planetary Horas)

12 दिन + 12 रात होरा
शुक्र होरा (Venus)
06:13 AM - 07:12 AM सुख-समृद्धि, कला, वस्त्र, आभूषण व सौन्दर्य
बुध होरा (Mercury)
07:12 AM - 08:12 AM व्यापार, वाणिज्य, लेखा-जोखा व विद्या
चंद्र होरा (Moon)
08:12 AM - 09:11 AM मानसिक शांति, जल-कार्य व यात्रा
शनि होरा (Saturn)
09:11 AM - 10:11 AM कृषि, तेल, लोहा, निर्माण व सेवा
गुरु होरा (Jupiter)
10:11 AM - 11:11 AM धर्म, संस्कार, ज्ञान, विवाह व मंगल कार्य
मंगल होरा (Mars)
11:11 AM - 12:10 PM साहस, पराक्रम, भूमि, निर्माण व शोध

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
कन्या (Virgo) 06:13 AM - 08:13 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
तुला (Libra) 08:13 AM - 10:13 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 10:13 AM - 12:13 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 12:13 PM - 02:13 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 02:13 PM - 04:13 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 04:13 PM - 06:13 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा वृषभ (Taurus) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) शुभ
मिथुन (Gemini) मध्यम
कर्क (Cancer) शुभ
सिंह (Leo) शुभ
कन्या (Virgo) मध्यम
तुला (Libra) मध्यम
वृश्चिक (Scorpio) शुभ
धनु (Sagittarius) शुभ
मकर (Capricorn) मध्यम
कुंभ (Aquarius) मध्यम
मीन (Pisces) शुभ

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) कन्या (Virgo) 14° 37' हस्त
चंद्रमा (Moon) वृषभ (Taurus) 24° 19' मृगशिरा
मंगल (Mars) वृश्चिक (Scorpio) 19° 07' ज्येष्ठा
बुध (Mercury) कन्या (Virgo) 28° 49' चित्रा
बृहस्पति (Jupiter) मकर (Capricorn) 16° 37' श्रवण
शुक्र (Venus) तुला (Libra) 20° 25' विशाखा
शनि (Saturn) मेष (Aries) 20° 01' भरणी
राहु (Rahu) सिंह (Leo) 05° 22' मघा
केतु (Ketu) कुंभ (Aquarius) 05° 22' धनिष्ठा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), शरद ऋतु (Autumn), आश्विन मासे, कृष्ण पक्ष, षष्ठी तिथौ, शुक्रवार वासरे, मृगशिरा नक्षत्रे, व्यतीपात योगे, वणिज (Vanija) करणे, सूर्य कन्या (Virgo) राशिस्थिते, चन्द्र वृषभ (Taurus) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: मृगशिरा

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
भरणी क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
कृत्तिका विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
रोहिणी सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
मृगशिरा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
आर्द्रा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पुनर्वसु मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
पुष्य वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
आश्लेषा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
मघा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
पूर्वाफाल्गुनी क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
उत्तराफाल्गुनी विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
हस्त सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
चित्रा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
स्वाती अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
विशाखा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
अनुराधा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
ज्येष्ठा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
मूल प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
पूर्वाषाढ़ा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
उत्तराषाढ़ा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
श्रवण सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
धनिष्ठा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
शतभिषा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
पूर्वाभाद्रपद मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
उत्तराभाद्रपद वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
रेवती साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
4 दिन बाद
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: आश्लेषा
6 अक्टूबर 2026 मंगलवार
6 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
8 अक्टूबर 2026 गुरुवार
7 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
9 अक्टूबर 2026 शुक्रवार
8 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: हस्त
10 अक्टूबर 2026 शनिवार
12 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अनुराधा
14 अक्टूबर 2026 बुधवार
17 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
19 अक्टूबर 2026 सोमवार
20 दिन बाद
शुक्ल पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: शतभिषा
22 अक्टूबर 2026 गुरुवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: वणिज (Vanija)
करण के देवता (Ruling Deity)
माँ लक्ष्मी
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
व्यापार, धन लाभ एवं क्रय-विक्रय
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
व्यापारिक अनुबंध, दुकान आरंभ व क्रय-विक्रय

आज की तिथि (षष्ठी) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 2 अक्टूबर 2026 को षष्ठी (कृष्ण पक्ष) है, जो 10:49 AM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

षष्ठी तिथि के स्वामी देवसेनापति भगवान कार्तिकेय हैं। छठ पूजा (सूर्य षष्ठी) और स्कंद षष्ठी इसी पावन तिथि को मनाई जाती है।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय (स्कंद) हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'नंदा (Nanda)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे शत्रु पराजय, तेजस्विता, पराक्रम एवं संतान की दीर्घायु की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:37 AM से 05:25 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: भगवान कार्तिकेय को लाल चंदन, लाल पुष्प अर्पित करें तथा संतान सुख हेतु स्कंद षष्ठी स्तोत्र का पाठ करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ स्कन्दाय नमः | ॐ शरवणभवाय नमः' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

सफेद मिठाई, मखाना, खीर, इत्र व रेशमी वस्त्र का दान करें। आज का शुभ अंक 6 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

नीम की पत्तियां या नीम फल का सेवन वर्जित है क्योंकि यह शरीर में आलस्य कारक माना गया है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:46 AM से 12:34 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (09:11 AM से 10:41 AM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (पश्चिम) में बिना आवश्यक उपाय (जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी आश्विन मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी कन्या (Virgo) में तथा चंद्र देव वृषभ (Taurus) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज षष्ठी (कृष्ण पक्ष) है। यह तिथि 2 अक्टूबर 2026 को 10:49 AM तक रहेगी। इसके पश्चात सप्तमी (कृष्ण पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय (स्कंद) हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ स्कन्दाय नमः | ॐ शरवणभवाय नमः' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से शत्रु पराजय, तेजस्विता, पराक्रम एवं संतान की दीर्घायु की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:46 AM से 12:34 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 09:11 AM से 10:41 AM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पृथ्वी पर (हवन के लिए अत्यंत शुभ व मनोकामना सिद्धिकारक) है। वहीं शिव वास क्रीड़ा में (मध्यम फलदायी) है।
आज शुक्रवार होने के कारण दिशाशूल पश्चिम दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो जौ अथवा मीठी दही खाकर प्रस्थान करें।