वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : पंचमी (कृष्ण पक्ष)

1 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) | विक्रम संवत 2083 (आश्विन मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 01:26 PM तक नक्षत्र: रोहिणी (06:22 AM तक) अभिजित: 11:47 AM से 12:34 PM राहुकाल: 12:10 PM से 01:40 PM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) · आश्विन मास
पंचमी तिथि (कृष्ण पक्ष)

आज पंचमी (कृष्ण पक्ष) है, जो 01:26 PM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: नाग देव एवं माँ सरस्वती • प्रकृति: पूर्णा (Poorna) संज्ञक • फल: ज्ञान, बुद्धि, संतान सुख एवं सर्प भय से मुक्ति
तिथि समाप्ति समय
01:26 PM तक
अगली तिथि: षष्ठी (कृष्ण पक्ष) (01:26 PM से)
1. तिथि (Tithi)
पंचमी
01:26 PM तक
कृष्ण पक्ष · पूर्णा
2. नक्षत्र (Nakshatra)
रोहिणी
06:22 AM तक
चरण: 1 · गण: मनुष्य
3. वार (Vara)
गुरुवार
स्वामी: श्री हरि विष्णु व देवगुरु बृहस्पति
रंग: पीला व स्वर्णिम
4. योग (Yoga)
सिद्धि
अत्यंत शुभ (सर्वकार्य सिद्धि)
संख्या: 16 / 27
5. करण (Karana)
तैतिल (Taitila)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पाताल में
हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)
शिव वास (रुद्राभिषेक) भोजन करते हुए
मध्यम (सामान्य फल)
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल रहित (शुभ)
आज का नक्षत्र मूल दोष से मुक्त है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ नवकुलाय विद्यमहे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्
अधिष्ठाता देव नाग देव एवं माँ सरस्वती का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से ज्ञान, बुद्धि, संतान सुख एवं सर्प भय से मुक्ति की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:12 AM

सूर्यास्त (Sunset)

06:08 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

09:58 PM

चन्द्रास्त (Moonset)

09:58 AM

सूर्य राशि (Sun Sign): कन्या (Virgo)
चन्द्र राशि (Moon Sign): वृषभ (Taurus)
चन्द्र वास (दिशा): दक्षिण दिशा (South)
दिनमान व रात्रिमान: 11 घंटे 55 मिनट · 12 घंटे 04 मिनट
ऋतु व अयन: शरद ऋतु (Autumn) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:47 AM से 12:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:36 AM से 05:24 AM
अमृत काल: 08:42 AM से 10:12 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:44 PM से 06:32 PM
विजय मुहूर्त: 01:22 PM से 02:10 PM
आनन्दादि योग: उत्पात (Utpata) (अशुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 12:10 PM से 01:40 PM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 10:12 PM से 11:48 PM
यमगण्ड (Yamaganda): 06:12 AM से 07:42 AM
गुलिक काल: 09:11 AM से 10:41 AM
दिशाशूल: दक्षिण दिशा (उपाय: दही अथवा जीरा खाकर निकलें।)
दिन चौघड़िया
शुभ
06:12 AM–07:42 AM
रोग
07:42 AM–09:11 AM
उद्वेग
09:11 AM–10:41 AM
चर
10:41 AM–12:10 PM
लाभ
12:10 PM–01:40 PM
अमृत
01:40 PM–03:09 PM
काल
03:09 PM–04:39 PM
शुभ
04:39 PM–06:08 PM
रात्रि चौघड़िया
अमृत
06:08 PM–07:39 PM
चर
07:39 PM–09:09 PM
रोग
09:09 PM–10:40 PM
काल
10:40 PM–12:10 AM
लाभ
12:10 AM–01:41 AM
उद्वेग
01:41 AM–03:11 AM
शुभ
03:11 AM–04:42 AM
अमृत
04:42 AM–06:12 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
गुरु
06:12 AM
07:12 AM
मंगल
07:12 AM
08:12 AM
सूर्य
08:12 AM
09:11 AM
शुक्र
09:11 AM
10:11 AM
बुध
10:11 AM
11:11 AM
चंद्र
11:11 AM
12:10 PM
शनि
12:10 PM
01:10 PM
गुरु
01:10 PM
02:10 PM
मंगल
02:10 PM
03:09 PM
सूर्य
03:09 PM
04:09 PM
शुक्र
04:09 PM
05:09 PM
बुध
05:09 PM
06:08 PM
🌙
होरा — रात
चंद्र
06:08 PM
07:09 PM
शनि
07:09 PM
08:09 PM
गुरु
08:09 PM
09:09 PM
मंगल
09:09 PM
10:10 PM
सूर्य
10:10 PM
11:10 PM
शुक्र
11:10 PM
12:10 AM
बुध
12:10 AM
01:11 AM
चंद्र
01:11 AM
02:11 AM
शनि
02:11 AM
03:11 AM
गुरु
03:11 AM
04:12 AM
मंगल
04:12 AM
05:12 AM
सूर्य
05:12 AM
06:12 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
कन्या (Virgo) 06:12 AM - 08:12 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
तुला (Libra) 08:12 AM - 10:12 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 10:12 AM - 12:12 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 12:12 PM - 02:12 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 02:12 PM - 04:12 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 04:12 PM - 06:12 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा वृषभ (Taurus) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) मध्यम
वृषभ (Taurus) शुभ
मिथुन (Gemini) मध्यम
कर्क (Cancer) शुभ
सिंह (Leo) शुभ
कन्या (Virgo) मध्यम
तुला (Libra) मध्यम
वृश्चिक (Scorpio) शुभ
धनु (Sagittarius) शुभ
मकर (Capricorn) मध्यम
कुंभ (Aquarius) मध्यम
मीन (Pisces) शुभ

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) कन्या (Virgo) 13° 38' हस्त
चंद्रमा (Moon) वृषभ (Taurus) 10° 01' रोहिणी
मंगल (Mars) वृश्चिक (Scorpio) 18° 08' ज्येष्ठा
बुध (Mercury) कन्या (Virgo) 27° 50' चित्रा
बृहस्पति (Jupiter) मकर (Capricorn) 15° 38' श्रवण
शुक्र (Venus) तुला (Libra) 19° 26' स्वाती
शनि (Saturn) मेष (Aries) 19° 02' भरणी
राहु (Rahu) सिंह (Leo) 06° 21' मघा
केतु (Ketu) कुंभ (Aquarius) 06° 21' धनिष्ठा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), शरद ऋतु (Autumn), आश्विन मासे, कृष्ण पक्ष, पंचमी तिथौ, गुरुवार वासरे, रोहिणी नक्षत्रे, सिद्धि योगे, तैतिल (Taitila) करणे, सूर्य कन्या (Virgo) राशिस्थिते, चन्द्र वृषभ (Taurus) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: रोहिणी

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
भरणी विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
कृत्तिका सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
रोहिणी जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
मृगशिरा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
आर्द्रा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
पुनर्वसु वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
पुष्य साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
आश्लेषा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
मघा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पूर्वाफाल्गुनी विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
उत्तराफाल्गुनी सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
हस्त जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
चित्रा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
स्वाती मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
विशाखा वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
अनुराधा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
ज्येष्ठा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
मूल क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पूर्वाषाढ़ा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
उत्तराषाढ़ा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
श्रवण जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
धनिष्ठा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
शतभिषा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
पूर्वाभाद्रपद वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
उत्तराभाद्रपद साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
रेवती प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
5 दिन बाद
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: आश्लेषा
6 अक्टूबर 2026 मंगलवार
7 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
8 अक्टूबर 2026 गुरुवार
8 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
9 अक्टूबर 2026 शुक्रवार
9 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: हस्त
10 अक्टूबर 2026 शनिवार
13 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अनुराधा
14 अक्टूबर 2026 बुधवार
18 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
19 अक्टूबर 2026 सोमवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: तैतिल (Taitila)
करण के देवता (Ruling Deity)
विश्वकर्मा जी
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
शिल्प, निर्माण एवं भौतिक उन्नति
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
गृह निर्माण, शिल्पकर्म व वाहन क्रय

आज की तिथि (पंचमी) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 1 अक्टूबर 2026 को पंचमी (कृष्ण पक्ष) है, जो 01:26 PM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

पंचमी तिथि पूर्णा संज्ञक है। वसंत पंचमी, नाग पंचमी और ऋषि पंचमी जैसे महापर्व इसी तिथि पर आते हैं।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की पंचमी तिथि के स्वामी नाग देव एवं माँ सरस्वती हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'पूर्णा (Poorna)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे ज्ञान, बुद्धि, संतान सुख एवं सर्प भय से मुक्ति की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:36 AM से 05:24 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: माँ सरस्वती की वंदना करें अथवा नाग देवता को कच्चा दूध व अक्षत अर्पित कर रक्षा की प्रार्थना करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ नवकुलाय विद्यमहे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

चना दाल, हल्दी, पीले फल, केसर व धार्मिक पुस्तकों का दान करें। आज का शुभ अंक 3 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

बेल फल (बेलपत्र का फल) खाना वर्जित है क्योंकि यह कलंक कारक माना गया है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:47 AM से 12:34 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता नाग देव एवं माँ सरस्वती की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (12:10 PM से 01:40 PM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (दक्षिण) में बिना आवश्यक उपाय (दही अथवा जीरा खाकर निकलें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी आश्विन मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी कन्या (Virgo) में तथा चंद्र देव वृषभ (Taurus) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज पंचमी (कृष्ण पक्ष) है। यह तिथि 1 अक्टूबर 2026 को 01:26 PM तक रहेगी। इसके पश्चात षष्ठी (कृष्ण पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी नाग देव एवं माँ सरस्वती हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ नवकुलाय विद्यमहे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से ज्ञान, बुद्धि, संतान सुख एवं सर्प भय से मुक्ति की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:47 AM से 12:34 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 12:10 PM से 01:40 PM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पाताल में (हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)) है। वहीं शिव वास भोजन करते हुए (मध्यम (सामान्य फल)) है।
आज गुरुवार होने के कारण दिशाशूल दक्षिण दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो दही अथवा जीरा खाकर निकलें।