वैदिक पंचांग एवं तिथि दर्पण · नई दिल्ली

आज की तिथि : तृतीया (कृष्ण पक्ष)

29 सितंबर 2026 (मंगलवार) | विक्रम संवत 2083 (आश्विन मास) | शक संवत 1948

तिथि समाप्ति: 06:21 PM तक नक्षत्र: अश्विनी (09:21 AM तक) अभिजित: 11:47 AM से 12:35 PM राहुकाल: 01:41 PM से 03:11 PM

आज की प्रमुख तिथि विवरण (Tithi Details Today)

स्थान: नई दिल्ली (IST)
कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) · आश्विन मास
तृतीया तिथि (कृष्ण पक्ष)

आज तृतीया (कृष्ण पक्ष) है, जो 06:21 PM तक रहेगी।

अधिष्ठाता: माँ गौरी (पार्वती) • प्रकृति: जया (Jaya) संज्ञक • फल: अखंड सौभाग्य, दांपत्य सुख, विजय एवं आरोग्य
तिथि समाप्ति समय
06:21 PM तक
अगली तिथि: चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) (06:21 PM से)
1. तिथि (Tithi)
तृतीया
06:21 PM तक
कृष्ण पक्ष · जया
2. नक्षत्र (Nakshatra)
अश्विनी
09:21 AM तक
चरण: 4 · गण: देव
3. वार (Vara)
मंगलवार
स्वामी: श्री हनुमान जी व मंगल देव
रंग: सिंदूरी, गहरा लाल व नारंगी
4. योग (Yoga)
व्याघात
अशुभ (यात्रा से बचें)
संख्या: 13 / 27
5. करण (Karana)
वणिज (Vanija)
चर करण (शुभ)
शुभ आधा भाग
अग्नि वास (हवन विचार) पाताल में
हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)
शिव वास (रुद्राभिषेक) श्मशान में
अशुभ (रुद्राभिषेक से बचें)
पंचक विचार पंचक रहित (शुभ)
आज कोई पंचक दोष नहीं है
गंडमूल विचार गंडमूल सक्रिय (शांति कराएं)
इस नक्षत्र में जन्म पर मूल शांति विधान है
आज की तिथि का सिद्ध मंत्र (Daily Tithi Mantra)
ॐ गौर्ये नमः | ॐ ह्रीं उमाये नमः
अधिष्ठाता देव माँ गौरी (पार्वती) का स्मरण कर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करने से अखंड सौभाग्य, दांपत्य सुख, विजय एवं आरोग्य की प्राप्ति होती है।

सूर्य व चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्योदय (Sunrise)

06:11 AM

सूर्यास्त (Sunset)

06:11 PM

चन्द्रोदय (Moonrise)

08:11 PM

चन्द्रास्त (Moonset)

08:11 AM

सूर्य राशि (Sun Sign): कन्या (Virgo)
चन्द्र राशि (Moon Sign): मेष (Aries)
चन्द्र वास (दिशा): पूर्व दिशा (East)
दिनमान व रात्रिमान: 11 घंटे 59 मिनट · 12 घंटे 00 मिनट
ऋतु व अयन: शरद ऋतु (Autumn) · दक्षिणायन (Dakshinayana)

आज के शुभ व अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
अभिजित मुहूर्त: 11:47 AM से 12:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:35 AM से 05:23 AM
अमृत काल: 08:41 AM से 10:11 AM
गोधूलि मुहूर्त: 05:47 PM से 06:35 PM
विजय मुहूर्त: 01:23 PM से 02:11 PM
आनन्दादि योग: अमृत (Amrita) (परम शुभ)
अशुभ समय (वर्जित काल)
राहुकाल (Rahu Kaal): 01:41 PM से 03:11 PM
वर्ज्यम् (Tyajya Kala): 02:11 AM से 03:47 AM
यमगण्ड (Yamaganda): 09:11 AM से 10:41 AM
गुलिक काल: 12:11 PM से 01:41 PM
दिशाशूल: उत्तर दिशा (उपाय: गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।)
दिन चौघड़िया
रोग
06:11 AM–07:41 AM
उद्वेग
07:41 AM–09:11 AM
चर
09:11 AM–10:41 AM
लाभ
10:41 AM–12:11 PM
अमृत
12:11 PM–01:41 PM
काल
01:41 PM–03:11 PM
शुभ
03:11 PM–04:41 PM
रोग
04:41 PM–06:11 PM
रात्रि चौघड़िया
काल
06:11 PM–07:41 PM
लाभ
07:41 PM–09:11 PM
उद्वेग
09:11 PM–10:41 PM
शुभ
10:41 PM–12:11 AM
अमृत
12:11 AM–01:41 AM
चर
01:41 AM–03:11 AM
रोग
03:11 AM–04:41 AM
काल
04:41 AM–06:11 AM
होरा — दिन (24 ग्रह-घंटे)
मंगल
06:11 AM
07:11 AM
सूर्य
07:11 AM
08:11 AM
शुक्र
08:11 AM
09:11 AM
बुध
09:11 AM
10:11 AM
चंद्र
10:11 AM
11:11 AM
शनि
11:11 AM
12:11 PM
गुरु
12:11 PM
01:11 PM
मंगल
01:11 PM
02:11 PM
सूर्य
02:11 PM
03:11 PM
शुक्र
03:11 PM
04:11 PM
बुध
04:11 PM
05:11 PM
चंद्र
05:11 PM
06:11 PM
🌙
होरा — रात
शनि
06:11 PM
07:11 PM
गुरु
07:11 PM
08:11 PM
मंगल
08:11 PM
09:11 PM
सूर्य
09:11 PM
10:11 PM
शुक्र
10:11 PM
11:11 PM
बुध
11:11 PM
12:11 AM
चंद्र
12:11 AM
01:11 AM
शनि
01:11 AM
02:11 AM
गुरु
02:11 AM
03:11 AM
मंगल
03:11 AM
04:11 AM
सूर्य
04:11 AM
05:11 AM
शुक्र
05:11 AM
06:11 AM
होरा = दिन/रात के 24 ग्रह-घंटे। शुभ-कार्य गुरु/शुक्र/बुध की होरा में शुभ। पहली होरा वार-स्वामी की।

आज का लग्न तालिका (Lagna Muhurat)

12 लग्न अवधि
लग्न (Ascendant) अवधि (Time) प्रकार (Nature)
कन्या (Virgo) 06:11 AM - 08:11 AM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
तुला (Libra) 08:11 AM - 10:11 AM चर लग्न (Chara)
वृश्चिक (Scorpio) 10:11 AM - 12:11 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)
धनु (Sagittarius) 12:11 PM - 02:11 PM द्विस्वभाव लग्न (Dvisvabhava)
मकर (Capricorn) 02:11 PM - 04:11 PM चर लग्न (Chara)
कुंभ (Aquarius) 04:11 PM - 06:11 PM स्थिर लग्न (Sthira - अति शुभ)

चन्द्रबल तालिका (Auspicious Rashis Today)

वर्तमान चंद्रमा मेष (Aries) में स्थित हैं। अतः आज निम्नलिखित राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल व शुभ फलदायी है:

मेष (Aries) शुभ
वृषभ (Taurus) मध्यम
मिथुन (Gemini) शुभ
कर्क (Cancer) शुभ
सिंह (Leo) मध्यम
कन्या (Virgo) मध्यम
तुला (Libra) शुभ
वृश्चिक (Scorpio) शुभ
धनु (Sagittarius) मध्यम
मकर (Capricorn) मध्यम
कुंभ (Aquarius) शुभ
मीन (Pisces) मध्यम

नवग्रह गोचर स्थिति (Graha Transit)

ग्रह (Planet) राशि (Sign) अंश (Degree) नक्षत्र
सूर्य (Sun) कन्या (Virgo) 11° 40' हस्त
चंद्रमा (Moon) मेष (Aries) 11° 35' अश्विनी
मंगल (Mars) वृश्चिक (Scorpio) 16° 10' अनुराधा
बुध (Mercury) कन्या (Virgo) 25° 52' चित्रा
बृहस्पति (Jupiter) मकर (Capricorn) 13° 40' श्रवण
शुक्र (Venus) तुला (Libra) 17° 28' स्वाती
शनि (Saturn) मेष (Aries) 17° 04' भरणी
राहु (Rahu) सिंह (Leo) 08° 19' मघा
केतु (Ketu) कुंभ (Aquarius) 08° 19' शतभिषा
दैनिक पूजा संकल्प (Vedic Sankalpa)

आज की तिथि का शास्त्रीय संकल्प पाठ

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः, ॐ तत्सत् श्रीब्रह्मणोऽह्नि द्वितीयपरार्धे श्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे भरतखण्डे आर्यावर्तैकदेशान्तर्गते पुण्यक्षेत्रे, संवत्सरे विक्रम संवत् 2083 (शाके 1948), दक्षिणायन (Dakshinayana), शरद ऋतु (Autumn), आश्विन मासे, कृष्ण पक्ष, तृतीया तिथौ, मंगलवार वासरे, अश्विनी नक्षत्रे, व्याघात योगे, वणिज (Vanija) करणे, सूर्य कन्या (Virgo) राशिस्थिते, चन्द्र मेष (Aries) राशिस्थिते सति, अमुक गोत्रोत्पन्नः (अपना गोत्र बोलें) अमुक नामाऽहं (अपना नाम बोलें) मम सकलपापक्षयपूर्वक सर्वमनोरथसिद्धये श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं पूजनं/व्रतं करिष्ये।
संकल्प विधि: दाहिने हाथ में जल, अक्षत (चावल), पुष्प व दक्षिणा लेकर इस संकल्प का उच्चारण करें और पूजा के उपरांत जल को भूमि अथवा ताम्रपात्र में छोड़ दें।

ताराबल विचार (Tarabala Matrix) · आज का नक्षत्र: अश्विनी

अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार आज का मुहूर्त प्रभाव देखें
शुभ तारा: 15 नक्षत्र सावधानी: 9 नक्षत्र जन्म: 3 नक्षत्र
अश्विनी जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
भरणी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
कृत्तिका मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
रोहिणी वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
मृगशिरा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
आर्द्रा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
पुनर्वसु क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
पुष्य विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
आश्लेषा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
मघा जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पूर्वाफाल्गुनी अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
उत्तराफाल्गुनी मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
हस्त वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
चित्रा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
स्वाती प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
विशाखा क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
अनुराधा विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
ज्येष्ठा सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ
मूल जन्म तारा
साधारण / स्वास्थ्य रक्षा
पूर्वाषाढ़ा अति-मित्र तारा
परम शुभ / विजय
उत्तराषाढ़ा मित्र तारा
शुभ / सुख एवं सहयोग
श्रवण वध तारा
महा त्याज्य / सावधानी
धनिष्ठा साधक तारा
अति शुभ / कार्य सिद्धि
शतभिषा प्रत्यरि तारा
अशुभ / विवाद से बचें
पूर्वाभाद्रपद क्षेम तारा
शुभ / सर्व कल्याण
उत्तराभाद्रपद विपत् तारा
अशुभ / विघ्न भय
रेवती सम्पत् तारा
अति शुभ / धन लाभ

आगामी मुख्य व्रत एवं त्यौहार (Upcoming Fasting Days)

अगले 20 दिनों का धार्मिक कैलेंडर
कल
संकष्टी चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: भरणी
30 सितंबर 2026 बुधवार
7 दिन बाद
कृष्ण पक्ष एकादशी महाव्रत
एकादशी (हरिवासर) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: आश्लेषा
6 अक्टूबर 2026 मंगलवार
9 दिन बाद
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (त्रयोदशी)
त्रयोदशी (प्रदोष) (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
8 अक्टूबर 2026 गुरुवार
10 दिन बाद
मासिक शिवरात्रि व्रत
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी
9 अक्टूबर 2026 शुक्रवार
11 दिन बाद
अमावस्या (पितृ तर्पण एवं स्नान-दान)
अमावस्या (कृष्ण पक्ष) · नक्षत्र: हस्त
10 अक्टूबर 2026 शनिवार
15 दिन बाद
विनायक चतुर्थी व्रत
चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: अनुराधा
14 अक्टूबर 2026 बुधवार
20 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
अष्टमी (शुक्ल पक्ष) · नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
19 अक्टूबर 2026 सोमवार

आज का करण विवरण एवं उपयुक्त कर्म (Karana Attributes)

वर्तमान करण: वणिज (Vanija)
करण के देवता (Ruling Deity)
माँ लक्ष्मी
ज्योतिषीय फल (Nature & Fruit)
व्यापार, धन लाभ एवं क्रय-विक्रय
उपयुक्त मांगलिक कर्म (Recommended Deeds)
व्यापारिक अनुबंध, दुकान आरंभ व क्रय-विक्रय

आज की तिथि (तृतीया) : संपूर्ण आध्यात्मिक महत्व एवं पूजा विधान

सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में तिथि (Tithi) का स्थान अत्यंत पावन एवं आधारभूत है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश (Degrees) की कोणीय दूरी को एक 'तिथि' कहा जाता है। चंद्रमा की कलाओं के घटने और बढ़ने के आधार पर मास को दो पक्षों—शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की वृद्धि) और कृष्ण पक्ष (चंद्रमा का क्षय) में विभाजित किया गया है। आज 29 सितंबर 2026 को तृतीया (कृष्ण पक्ष) है, जो 06:21 PM तक प्रभावी रहेगी।

वैदिक पंचांग सिद्धांत : तिथि का महत्व

"तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष्यवर्धनम्। नक्षत्राद्धरते पापं योगाद्रोगनिवारणम्॥"
अर्थात: पंचांग में तिथि का श्रवण व ज्ञान करने से लक्ष्मी (धन व ऐश्वर्य) की प्राप्ति होती है, वार से आयु की वृद्धि होती है, नक्षत्र से पापों का क्षय होता है और योग से रोगों का निवारण होता है।

1. आज की तिथि का पौराणिक स्वरूप एवं महत्व

तृतीया तिथि माँ पार्वती के तप और समर्पण की प्रतीक है। हरितालिका तीज और अक्षय तृतीया जैसी परम कल्याणकारी तिथियां इसी श्रेणी में आती हैं।

वैदिक शास्त्रों के अनुसार आज की तृतीया तिथि के स्वामी माँ गौरी (पार्वती) हैं। इस तिथि की संज्ञानुसार इसे 'जया (Jaya)' संज्ञक माना जाता है। जब जातक इस तिथि पर संबंधित देवता का ध्यान, स्तुति, मंत्र जप और अर्चन करता है, तो उसे अखंड सौभाग्य, दांपत्य सुख, विजय एवं आरोग्य की प्राप्ति होती है।

2. आज की तिथि में सरल पूजा एवं साधना विधान

आज की तिथि का पूर्ण आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में निम्नलिखित दैनिक पूजा विधान का निर्देश दिया गया है:

  • प्रातःकाल स्नान व आचमन: ब्रह्म मुहूर्त (04:35 AM से 05:23 AM) अथवा सूर्योदय के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: तांबे के पात्र में जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य नारायण को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए अर्घ्य दें।
  • अधिष्ठाता देव का पूजन: माँ पार्वती और भगवान शिव को लाल पुष्प, सिंदूर एवं अक्षत अर्पित कर गौरी स्तोत्र का पाठ करें।
  • सिद्ध मंत्र जप: आज के पावन बीज मंत्र 'ॐ गौर्ये नमः | ॐ ह्रीं उमाये नमः' का कम से कम 108 बार रुद्राक्ष या तुलसी की माला से जप करें।
  • आरती एवं क्षमा प्रार्थना: पूजन के उपरांत कर्पूर जलाकर आरती करें तथा अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।

3. आज का दान एवं शुभ संकल्प (Recommended Donation)

आज का पावन दान:

गुड़, लाल मसूर की दाल, रक्त चंदन व तांबे के बर्तन का दान करें। आज का शुभ अंक 9 है।

4. भोजन नियम एवं वर्जित पदार्थ (Dietary Dos & Don'ts)

आज का त्याज्य (अभक्ष्य) भोजन नियम:

परवल का सेवन वर्जित माना गया है क्योंकि यह शत्रु वृद्धि कारक होता है।

5. आज की तिथि में क्या करें और क्या न करें (Dos and Don'ts)

क्या करें (शुभ कर्म):
  • अभिजित मुहूर्त (11:47 AM से 12:35 PM) में नए कार्यों का संकल्प व शुभारंभ करें।
  • दान-पुण्य: निर्धनों, ब्राह्मणों अथवा गौमाता को अन्न, फल या जल का दान करें।
  • आज के देवता माँ गौरी (पार्वती) की स्तुति व आरती का गान करें।
  • घर के मुख्य द्वार पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
क्या न करें (वर्जित कर्म):
  • राहुकाल (01:41 PM से 03:11 PM) के समय कोई भी नवीन व्यापार, गृह प्रवेश या महत्वपूर्ण सौदा न करें।
  • दिशाशूल दिशा (उत्तर) में बिना आवश्यक उपाय (गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।) के लंबी यात्रा से बचें।
  • क्रोध, कलह, असत्य भाषण और तामसिक भोजन का पूर्ण परित्याग करें।
  • किसी भी जीव अथवा प्रकृति को कष्ट पहुँचाने वाले कार्यों से बचें।

6. विक्रम संवत एवं मास का शास्त्रीय संदर्भ

वर्तमान में विक्रम संवत 2083 तथा शक संवत 1948 गतिमान है। उत्तर भारतीय पूर्णिमान्त कैलेंडर के अनुसार अभी आश्विन मास तथा दक्षिण भारतीय अमान्त कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है।

सूर्य देव अभी कन्या (Virgo) में तथा चंद्र देव मेष (Aries) में भ्रमण कर रहे हैं। इस ग्रह गोचर का जातक के मानसिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

आज की तिथि से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज तृतीया (कृष्ण पक्ष) है। यह तिथि 29 सितंबर 2026 को 06:21 PM तक रहेगी। इसके पश्चात चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) तिथि प्रारंभ होगी।
आज की तिथि के स्वामी माँ गौरी (पार्वती) हैं। आज का सिद्ध मंत्र 'ॐ गौर्ये नमः | ॐ ह्रीं उमाये नमः' है। इस तिथि में इनकी उपासना करने से अखंड सौभाग्य, दांपत्य सुख, विजय एवं आरोग्य की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ अभिजित मुहूर्त 11:47 AM से 12:35 PM तक रहेगा जिसमें कोई भी नया कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं आज का राहुकाल 01:41 PM से 03:11 PM तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
आज का अग्नि वास पाताल में (हवन वर्जित (सांसारिक कार्यों के लिए टालें)) है। वहीं शिव वास श्मशान में (अशुभ (रुद्राभिषेक से बचें)) है।
आज मंगलवार होने के कारण दिशाशूल उत्तर दिशा में है। यदि आज इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो तो गुड़ अथवा धनिया खाकर निकलें।