पावन देवस्थान एवं तीर्थ दर्शन

श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या धाम (उत्तर प्रदेश)

206 दर्शनार्थी
अयोध्या, उत्तर प्रदेश
प्रकाशित: 29 Sep 2026
दर्शन व इतिहास पढ़ें
मुख्य आराध्य देव
भगवान श्री रामलला
दर्शन समय सारिणी
सुबह 06:30 बजे से रात्रि 09:30 बजे तक (दैनिक)
नित्य आरती समय
मंगला आरती: 04:30 AM | श्रृंगार आरती: 06:30 AM | भोग आरती: 12:00 PM | संध्या आरती: 07:30 PM | शयन आरती: 09:00 PM
स्थान / नगर
अयोध्या, उत्तर प्रदेश
आराध्य देव
भगवान श्री रामलला
दर्शन समय
सुबह 06:30 बजे से रात्रि 09:30 बजे तक (दैनिक)
आरती समय
मंगला आरती: 04:30 AM | श्रृंगार आरती: 06:30 AM | भोग आरती: 12:00 PM | संध्या आरती: 07:30 PM | शयन आरती: 09:00 PM
स्थान / धाम
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, रामकोट, अयोध्या, उत्तर प्रदेश - 224123
अक्षर आकार:
पठन थीम:

श्री राम जन्मभूमि मंदिर: एक दिव्य परिचय

अयोध्या धाम, जिसे 'सप्तपुरियों' में प्रथम माना गया है, भगवान श्री राम की जन्मस्थली है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण न केवल एक स्थापत्य उपलब्धि है, बल्कि यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर नागर शैली में निर्मित एक भव्य संरचना है, जो प्राचीन भारतीय गौरव को पुनर्जीवित करती है।

पौराणिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

स्कंद पुराण और वाल्मीकि रामायण के अनुसार, अयोध्या सरयू नदी के तट पर स्थित है। सदियों के संघर्ष और कानूनी प्रक्रिया के बाद, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के उपरांत 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भूमि पूजन किया गया। 22 जनवरी 2024 को 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह के साथ रामलला अपने भव्य गर्भगृह में विराजमान हुए।

स्थापत्य कला की विशेषताएँ

मंदिर का निर्माण 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' द्वारा किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • शैली: पारंपरिक नागर शैली।
  • आयाम: 380 फीट लंबा, 250 फीट चौड़ा और 161 फीट ऊंचा।
  • स्तंभ: मंदिर में कुल 392 स्तंभ हैं, जिन पर देवी-देवताओं की सूक्ष्म नक्काशी की गई है।
  • गर्भगृह: गर्भगृह में भगवान श्री रामलला की 51 इंच की श्याम वर्ण की प्रतिमा स्थापित है।

दैनिक दर्शन और आरती अनुसूची

कार्यक्रम समय
मंगला आरती 04:30 AM
श्रृंगार आरती 06:30 AM
भोग आरती 12:00 PM
संध्या आरती 07:30 PM
शयन आरती 09:00 PM

प्रमुख उत्सव

मंदिर में रामनवमी का उत्सव सबसे भव्य होता है, जहाँ सूर्य की किरणें सीधे रामलला के मस्तक पर पड़ती हैं (सूर्य तिलक)। इसके अलावा दीपावली, विजयादशमी और सावन झूला उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं।

यात्रा और पहुंच

हवाई मार्ग: महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या।

रेल मार्ग: अयोध्या धाम जंक्शन (AY) प्रमुख शहरों से जुड़ा है।

सड़क मार्ग: लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी से नियमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं।

तीर्थयात्री सुविधाएं

मंदिर परिसर में सुगम दर्शन के लिए लिफ्ट और रैंप की व्यवस्था है। यात्रियों के लिए 'राम पथ' पर कई धर्मशालाएं और सरकारी गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। निःशुल्क भोजन प्रसादम की व्यवस्था भी ट्रस्ट द्वारा संचालित की जाती है।

तीर्थ यात्रा विधि

मंदिर दर्शन व पूजा के 4 सरल चरण

प्रभु के अलौकिक दर्शन का पूर्ण फल प्राप्त करने हेतु आवश्यक नियम

१. शुद्ध भाव व स्नान

दर्शन से पूर्व पवित्र भाव से स्नान कर सात्विक वस्त्र धारण करें।

२. आरती समय ज्ञान

मंगला, भोग अथवा शयन आरती के समय उपस्थित होकर दर्शन करें।

३. नैवेद्य व अर्पण

तुलसी, पुष्प, धूप, दीप व नैवेद्य श्रद्धापूर्वक प्रभु चरणों में अर्पित करें।

४. परिक्रमा व ध्यान

गर्भगृह की विधिवत परिक्रमा कर शांत भाव से प्रभु का ध्यान करें।

संदर्भ-आधारित एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

भक्तिलोक पर उपलब्ध सभी मंदिर दर्शन समय, आरती सारिणी व इतिहास की जानकारी संबंधित देवस्थानम ट्रस्ट, प्रमाणिक धार्मिक पुस्तकों एवं तीर्थ यात्रियों के अनुभवों के आधार पर निरंतर अद्यतन की जाती है।

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