पावन देवस्थान एवं तीर्थ दर्शन

श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, प्रभास पाटन (गुजरात)

67 दर्शनार्थी
प्रभास पाटन, गुजरात
प्रकाशित: 30 Sep 2026
दर्शन व इतिहास पढ़ें
मुख्य आराध्य देव
भगवान शिव (सोमनाथ महादेव)
दर्शन समय सारिणी
सुबह 06:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक (दैनिक)
नित्य आरती समय
मंगला आरती: 07:00 AM | दोपहर आरती: 12:00 PM | संध्या आरती: 07:00 PM
स्थान / नगर
प्रभास पाटन, गुजरात
आराध्य देव
भगवान शिव (सोमनाथ महादेव)
दर्शन समय
सुबह 06:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक (दैनिक)
आरती समय
मंगला आरती: 07:00 AM | दोपहर आरती: 12:00 PM | संध्या आरती: 07:00 PM
स्थान / धाम
सोमनाथ मंदिर, प्रभास पाटन, जिला गिर सोमनाथ, गुजरात - 362268
अक्षर आकार:
पठन थीम:

श्री सोमनाथ महादेव


ऐतिहासिक और पौराणिक पृष्ठभूमि

श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को 'अविनाशी' माना जाता है। स्कंद पुराण और शिव पुराण के अनुसार, चंद्र देव (सोम) ने दक्ष प्रजापति के श्राप से मुक्ति पाने के लिए यहाँ भगवान शिव की घोर तपस्या की थी। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर उन्हें श्राप से मुक्त किया और यहीं ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हुए। यह मंदिर इतिहास के पन्नों में कई बार नष्ट हुआ और पुनः निर्मित हुआ, जो भारतीय संस्कृति की अटूट आस्था का प्रतीक है। वर्तमान मंदिर का निर्माण सरदार वल्लभभाई पटेल के मार्गदर्शन में 1951 में पूर्ण हुआ था।

वास्तुकला की भव्यता

सोमनाथ मंदिर 'कैलाश महामेरु प्रसाद' शैली में निर्मित है, जो चालुक्य वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मंदिर के शिखर की ऊंचाई 155 फीट है, जिसके ऊपर एक कलश और ध्वजदंड स्थापित है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में ज्योतिर्लिंग स्थापित है। मंदिर का प्रांगण विशाल है और इसमें नंदी की भव्य प्रतिमा, सभा मंडप और नृत्य मंडप शामिल हैं।

मंदिर के सामने स्थित 'बाणस्तंभ' यह दर्शाता है कि सोमनाथ से लेकर दक्षिण ध्रुव तक समुद्र के बीच में कोई भी भू-भाग नहीं है, जो प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान की सटीकता को सिद्ध करता है।

दैनिक पूजा और अनुष्ठान

मंदिर में प्रतिदिन प्रातः मंगला आरती से दिन की शुरुआत होती है। भक्त अभिषेक, लघु रुद्र, और महारुद्र पूजा जैसे विशेष अनुष्ठान मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से करवा सकते हैं। संध्या समय होने वाला 'लाइट एंड साउंड शो' (जय सोमनाथ) मंदिर के इतिहास को जीवंत कर देता है, जिसे देखना एक अविस्मरणीय अनुभव है।

प्रमुख उत्सव

उत्सव का नाम विशेषता
महाशिवरात्रि अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
श्रावण मास भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
कार्तिक पूर्णिमा विशेष धार्मिक आयोजन।
सोमवती अमावस्या विशेष धार्मिक आयोजन।

यात्रा और आवास

सोमनाथ तक पहुंचना सुगम है। निकटतम हवाई अड्डा 'दीव' (लगभग 90 किमी) है। रेल मार्ग से 'वेरावल जंक्शन' सबसे नजदीकी स्टेशन है। सड़क मार्ग से यह गुजरात के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित 'लीला वती अतिथि भवन' और 'सागर दर्शन अतिथि गृह' में ठहरने की उत्तम व्यवस्था है। मंदिर परिसर में निःशुल्क भोजन प्रसादम की भी सुविधा उपलब्ध है।

तीर्थ यात्रा विधि

मंदिर दर्शन व पूजा के 4 सरल चरण

प्रभु के अलौकिक दर्शन का पूर्ण फल प्राप्त करने हेतु आवश्यक नियम

१. शुद्ध भाव व स्नान

दर्शन से पूर्व पवित्र भाव से स्नान कर सात्विक वस्त्र धारण करें।

२. आरती समय ज्ञान

मंगला, भोग अथवा शयन आरती के समय उपस्थित होकर दर्शन करें।

३. नैवेद्य व अर्पण

तुलसी, पुष्प, धूप, दीप व नैवेद्य श्रद्धापूर्वक प्रभु चरणों में अर्पित करें।

४. परिक्रमा व ध्यान

गर्भगृह की विधिवत परिक्रमा कर शांत भाव से प्रभु का ध्यान करें।

संदर्भ-आधारित एवं संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

भक्तिलोक पर उपलब्ध सभी मंदिर दर्शन समय, आरती सारिणी व इतिहास की जानकारी संबंधित देवस्थानम ट्रस्ट, प्रमाणिक धार्मिक पुस्तकों एवं तीर्थ यात्रियों के अनुभवों के आधार पर निरंतर अद्यतन की जाती है।

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