३८+ पावन त्यौहार विक्रम संवत २०८३ शास्त्रसम्मत मुहूर्त व विधियां

सनातन त्यौहार एवं पर्व निर्देशिका २०२६

समस्त हिंदू व्रत, पावन पर्वों एवं उत्सवों की तिथिवार प्रामाणिक सूची, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि व शास्त्रोक्त महत्व।

ADVERTISEMENT
भक्तिलोक प्रायोजित धार्मिक सामग्री विज्ञापन
Hindu २०३
१४ जनवरी २०२६, बुधवार

मकर संक्रांति 2026

नए फसल के आगमन का पर्व | Festival marking the sun's transition into Capricorn....

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu २३७
१५ जनवरी २०२६, गुरुवार

पोंगल 2026

तमिलनाडु का फसल उत्सव | Tamil harvest festival....

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu २३६
१५ फ़रवरी २०२६, रविवार

महाशिवरात्रि 2026

भगवान शिव को समर्पित रात्रि | The Great Night of Lord Shiva....

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu ३३३
०३ मार्च २०२६, मंगलवार

होली 2026

रंगों का त्योहार | Festival of Colors....

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu २१२
२७ मार्च २०२६, शुक्रवार

राम नवमी 2026

भगवान राम का जन्मोत्सव | Birth celebration of Lord Rama....

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu १६१
१३ अप्रैल २०२६, सोमवार

Varuthini Ekadashi 2026 – वरूथिनी एकादशी: विष्णु व्रत, पारण एवं महत्व (Monday Special)

वरूथिनी एकादशी – वैशाख कृष्ण एकादशी। भगवान विष्णु को समर्पित कठिन व्रत। पापों का नाश एवं ग्रह दोषों से मुक्ति। Varu...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu ७६
१३ अप्रैल २०२६, सोमवार

Vallabhacharya Jayanti 2026 | वल्लभाचार्य जयंती 2026

पुष्टिमार्ग के प्रवर्तक एवं श्रीकृष्ण भक्ति के आचार्य का प्राकट्य दिवस | Birth anniversary of Shri Vallabhacharya, ...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu २२५
१४ अप्रैल २०२६, मंगलवार

मेष संक्रांति / Baisakhi / Vishu / Pohela Boishakh 2026 – Solar New Year

मेष संक्रांति – सूर्य का मेष राशि में प्रवेश। हिंदू नव वर्ष, Baisakhi, Vishu, Pohela Boishakh का पावन पर्व। Sun ent...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu २०८
१४ अप्रैल २०२६, मंगलवार

मेष संक्रांति 2026: Baisakhi, Tamil New Year, Vishu, Pohela Boishakh – Solar New Year

मेष संक्रांति – सूर्य का मेष राशि में प्रवेश। Baisakhi, Puthandu (तमिल नव वर्ष), Vishu, Pohela Boishakh का पावन पर्...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu २५४
१५ अप्रैल २०२६, बुधवार

Masik Shivratri 2026 / Pradosh Vrat: शिव कृपा का पावन दिन (15 April 2026, Wednesday)

मासिक शिवरात्रि एवं प्रदोष व्रत का पावन पर्व | Monthly Shivratri and Pradosh Vrat dedicated to Lord Shiva....

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu ६९८
१७ अप्रैल २०२६, शुक्रवार

Vaishakha Amavasya 2026 | वैशाख अमावस्या 2026

पितृ तर्पण, स्नान-दान और नवचंद्र दर्शन का पावन पर्व | Sacred New Moon day dedicated to ancestors and holy baths in ...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि
Hindu २८१
१८ अप्रैल २०२६, शनिवार

Chandra Darshana / Ishti / Vaishakha आरंभ / Parashar Rishi Jayanti 2026 – चंद्र दर्शन, इष्टि एवं पराशर जयंती

चंद्र दर्शन, वैशाख मास का शुभारंभ, इष्टि यज्ञ एवं महर्षि पराशर की जयंती – 18 अप्रैल 2026। Chandra Darshana, Ishti, ...

सम्पूर्ण विवरण व पूजा विधि

सनातन पर्व परंपरा एवं वैदिक काल-गणना का विज्ञान

सनातन हिंदू परंपरा में प्रत्येक पर्व और त्यौहार केवल सामाजिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि वे सूर्य, चंद्रमा, नक्षत्रों और ऋतु संक्रमण के गहन खगोलीय सामंजस्य पर आधारित आध्यात्मिक विज्ञान हैं। वैदिक काल से ही हमारे ऋषियों ने मानव जीवन को प्रकृति के साथ लयबद्ध करने हेतु इन पावन पर्वों का निर्धारण किया है।

१. उदया तिथि एवं काल-व्यापिनी तिथि का शास्त्रीय नियम

धर्मसिंधु एवं निर्णयसिंधु ग्रंथों के अनुसार, हिंदू धर्म में पर्वों का निर्णय मुख्य रूप से दो प्रमुख आधारों पर होता है:

  • उदया तिथि (Udaya Tithi): जिस तिथि में सूर्योदय होता है, दिनभर सामान्यतः उसी तिथि का प्रभाव माना जाता है (जैसे रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी व्रत, दशहरा)।
  • काल-विशिष्ट व्यापिनी तिथि (Kala Vyapini): कुछ पर्व विशिष्ट प्रहर में मनाए जाते हैं—जैसे दीपावली का लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल (सूर्यास्त उपरांत) में, महाशिवरात्रि का रुद्राभिषेक निशीथ काल (मध्यरात्रि) में, और करवा चौथ का पारण चंद्रोदय काल में। ऐसे में उस विशिष्ट काल में उपस्थित तिथि को ही ग्रहण किया जाता है।

२. लूनी-सोलर (Lunisolar) समन्वय और अधिकमास

सौर वर्ष ३६५.२४२ दिन का और चंद्र वर्ष ३५४.३६ दिन का होता है। प्रतिवर्ष आने वाले लगभग ११ दिनों के अंतर को संतुलित करने हेतु प्रत्येक ३२ माह १६ दिन (लगभग ३ वर्ष) में चंद्र वर्ष में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे 'अधिकमास' या 'पुरुषोत्तम मास' कहा जाता है। इसी वैज्ञानिक सामंजस्य के कारण हिंदू त्यौहार हमेशा अपनी प्राकृतिक ऋतुओं के अनुसार ही आते हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ: यह सामग्री वैदिक पंचांग, पुराणों एवं प्रतिष्ठित सनातन धर्मग्रंथों के उपलब्ध संदर्भों के आधार पर भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा शोधपरक रूप से तैयार की गई है।
ADVERTISEMENT
भक्तिलोक प्रायोजित विज्ञापन