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भक्तिलोक पर पढ़ें ताज़ा भजन, कथा, आरती, चालीसा और मंदिर दर्शन। हर दिन नई आध्यात्मिक सामग्री हिंदी में।
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होली खेल रहे बांके बिहारी – होली भजन (Holi Khel Rahe Banke Bihari) | Vrindavan Holi
होली खेल रहे बांके बिहारी – यह भजन वृन्दावन के बांके बिहारी मंदिर की प्रसिद्ध होली पर आधारित है। अबीर-गुलाल के बादल छाए हैं, पूरी दुनिया झूम रही है। राधा प्यारी संग में हैं, प्रेम बरस रहा है। वृन्दावन और बरसाना साथ झूम रहे हैं। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।
मुझे चढ़ गया राधा रंग – राधा भजन (Radha Rang) | Radha Rani Bhajan
मुझे चढ़ गया राधा रंग – यह राधा भजन राधा नाम के रंग में रंग जाने की अभिव्यक्ति है। राधा नाम की मस्ती, राधा नाम की कश्ती में सवार होकर मस्त मगन होने का वर्णन। राधे-राधे बोलने का आह्वान, मुख में मिश्री घोलने की उपमा। वृंदावन की महारानी राधा की कृपा से नाम का रंग चढ़ जाता है। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।
श्याम मेरा होली खेड़न आया – होली भजन (Shyam Mera Holi Khedan Aaya) | Krishna Holi Bhajan
श्याम मेरा होली खेड़न आया – यह लोक शैली में रचित कृष्ण होली भजन है। श्याम के होली खेलने आने से फागुन महीना आ गया। उनके सोने के मुकुट को देख-देखकर दिल नहीं भरता। उनकी नजर ने प्रेम रोग लगा दिया। कुंज गलियों में बांसुरी बजाते श्याम को देख मन हर्षित हो जाता है। उनके आने से धूम मच गई, सखियाँ बधाई दे रही हैं। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।
कान्हा ने मुरली बजाई – कृष्ण भजन (Kanha Ne Murli Bajai) | Radha Krishna Bhajan
कान्हा ने मुरली बजाई – यह राधा-कृष्ण प्रेम भजन बाँसुरी की धुन पर आधारित है। पूर्णिमा की रात, केले के पेड़ के नीचे कान्हा मुरली बजा रहे हैं। सखियाँ राधा को चिढ़ाती हैं कि उनके कान्हा ने मुरली बजाई है। बाँसुरी को राधा की सौतन कहा गया है। कृष्ण के रूप और मुस्कान का अद्भुत वर्णन। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।
गोविंदा आला रे आला – कृष्ण भजन (Govinda Aala Re Aala) | Makhan Chor Bhajan
गोविंदा आला रे आला – यह उत्साहपूर्ण कृष्ण भजन माखन चोर गोविंद और उनके ग्वाल-सखाओं के आगमन का वर्णन करता है। बृजबाला को चेतावनी है कि वे अपनी मटकी संभालें। एक-दो-तीन-चार, पाँच-छह-सात ग्वाले, नटखट फौज, कोई ताला नहीं बचा सकता। दूध से होली खेलने का मज़ेदार वर्णन। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।
माखन चोर नन्द किशोर – कृष्ण भजन (Makhan Chor Nand Kishor) | Krishna Bhajan
माखन चोर नन्द किशोर – यह कृष्ण भजन भगवान कृष्ण के अनेक रूपों और नामों का गुणगान करता है। बाल कृष्ण, ग्वाला, वीर योद्धा, और प्रेमी कृष्ण के विभिन्न रूपों का वर्णन। माता यशोदा की राह देखना और राधा का व्याकुल होना भी चित्रित है। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।
होली रे होली बरसाने की होली – राधा-कृष्ण होली भजन (Holi Re Holi Barsane Ki Holi) | Radha Krishna Holi
होली रे होली बरसाने की होली – यह भजन बरसाने की प्रसिद्ध होली का वर्णन करता है। राधा-कृष्ण ने मिलकर होली खेली, मोहन ने राधा के गालों पर रंग डाला और राधा ने श्याम को लाल कर दिया। लाली मेरे लाल की पंक्ति के साथ मीरा के भाव भी जुड़े हैं। हर टोली में मस्ती और मलंगी छाई है। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।
होली आई रे कन्हाई – होली गीत (Holi Aayi Re Kanhai) | Krishna Holi Song
होली आई रे कन्हाई – यह होली गीत कृष्ण से होली के अवसर पर बांसुरी सुनाने की प्रार्थना है। राग छलक रहा है, आँगन में गुलाल बरस रहा है। गोपी कृष्ण से अपने रंग में रंगने और एकनिष्ठ प्रेम का भाव व्यक्त करती है। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।
आई रे होली आई – आवाज दे कहाँ है (Aayi Re Holi Aayi) | Anuradha Paudwal, Mohammed Aziz
आई रे होली आई – फिल्म आवाज दे कहाँ है (1990) का यह प्रसिद्ध होली गीत अनुराधा पौडवाल और मोहम्मद अज़ीज़ ने गाया है। नौशाद अली के संगीत और हसन कमाल के गीतों से सजा यह गीत होली के उत्सव और प्रेम के श्रृंगारिक भावों को व्यक्त करता है। हिंदी लिरिक्स और विशेष जानकारी के साथ।
रंग दे मोहे गुलाल होली में – होली भजन (Rang De Mohe Gulal Holi Mein) | Modern Holi Bhajan
रंग दे मोहे गुलाल होली में – यह आधुनिक होली भजन प्रेम और सद्भावना का संदेश देता है। सतरंगी जग, रंगोत्सव में भीगा तन-मन, और प्रेम रंग में रंगा मन। साथ ही भंग और शरारतों से बचने, नफरत मिटाकर सबको अपना बनाने और सबको गले लगाने का संदेश। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।
बिरज में होली खेलत नंदलाल – होली भजन (Birja Mein Holi Khelat Nandalal) | Krishna Holi Bhajan
बिरज में होली खेलत नंदलाल – यह लोकप्रिय होली भजन ब्रज में नंदलाल (कृष्ण) द्वारा ग्वाल-बालों के साथ खेली जा रही होली का वर्णन करता है। ढोलक, झांझ, मंजीरा की धुन पर सब मिलकर गा रहे और नाच रहे हैं। रंग-पिचकारी, अबीर-गुलाल से सब रंग गए हैं। यमुना तट पर कन्हाई ने ऐसी होली खेली कि धूम मच गई। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।
आज हम खेलेंगे होली श्याम के संग – होली भजन (Aaj Hum Khelenge Holi Shyam Ke Sang) | Radha Krishna Holi
आज हम खेलेंगे होली श्याम के संग – यह उल्लासपूर्ण होली भजन श्याम (कृष्ण) के साथ होली खेलने की उत्कंठा को व्यक्त करता है। नंदगाँव से कन्हैया आए, बरसाने से राधा सतरंगी चोली पहनकर। ग्वाल-बाल, दाऊ भैया, ललिता-विशाखा सब मिलकर हुड़दंग मचा रहे हैं। ढोल-नगाड़े बाज रहे, गुलाल उड़ रहा। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।
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