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Krishna Bhajan

राधा रानी हमें भी बता दे ज़रा (तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा) लिरिक्स | Radha Rani Hamein Bhi Bata De Zara Tera Deewana Kaise Hua Sanwara Lyrics

743 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

🙏 राधा रानी हमें भी बता दे ज़रा – तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा

श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य उपदेशों को जानने के लिए भगवद्गीता खंड अवश्य पढ़ें और भगवान कृष्ण की लीलाओं के गहन अध्ययन के लिए ब्रह्म पुराण का पाठ करें।

(Radha Rani Hamein Bhi Bata De Zara – Tera Deewana Kaise Hua Sanwara) – राधा-कृष्ण भजन

🌸 राधे-राधे रटे हर घड़ी बावरा – कैसे कृष्ण राधा के दीवाने हुए?

📝 भजन विवरण

🏷️ श्रेणी: राधा-कृष्ण भजन / प्रश्नोत्तरी भजन
🎶 भाव: जिज्ञासा, प्रेम, समर्पण, राधा-कृष्ण की अद्भुत प्रीति
🎤 गायक: अज्ञात (लोकप्रिय भजन)
📀 विशेषता: राधा से प्रश्न – कृष्ण तुम्हारे दीवाने कैसे हो गए? हर चीज पर कृष्ण की राधा पर निर्भरता का मार्मिक चित्रण

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

कान्हा की तस्वीर पे रख के राधे हाथ,
सच्ची-सच्ची बोलना, हम पूछें जो बात!

राधा रानी हमें भी बता दे ज़रा,
तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा?
राधा रानी हमें भी बता दे ज़रा,
तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा?
राधे-राधे, राधे रटे हर घड़ी बावरा,
तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा?
राधा रानी हमें भी बता दे ज़रा,
तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा?

तुम ना आए तो, जमुना पे आता नहीं,
तुम ना हो तो, ये बंसी बजाता नहीं।
तेरी पानी सी लस्सी भी हँस के पिए,
हम खिलाएँ तो, माखन भी खाता नहीं!
जादू-टोना बता कौन सा है करा?
तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा?
राधा रानी हमें भी बता दे ज़रा,
तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा?

तेरी गलियों के चक्कर लगाने लगा,
रोज़ बरसाने में आने-जाने लगा।
चूड़ी वाली, कभी मेहंदी वाली,
कभी रूप नित-दिन नए ये बनाने लगा!
दे जवाब आज तू सोलह आने खरा,
तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा?
राधा रानी हमें भी बता दे ज़रा,
तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा?

कल तलक जो चरणजीत का मीत था,
जो निभाता सदा प्रीत की रीत था।
उसकी बंसी तेरे गीत गाने लगी,
जिसकी धुन में लिखा मैंने हर गीत था!
रह गया, रह गया प्रेम मेरा धरा का धरा,
तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा?
राधा रानी हमें भी बता दे ज़रा,
तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा?

राधे-राधे, राधे-राधे...

🎵 रचनाकार : लोक परम्परा / राधा-कृष्ण भक्ति गीत

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत मनोरम राधा-कृष्ण भजन है, जिसमें भक्त राधा से पूछता है कि कृष्ण उनके दीवाने कैसे हो गए। “राधा रानी हमें भी बता दे ज़रा, तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा?” – क्या जादू है राधा में कि श्याम उनका दीवाना हो गया?

पहले अंतरे में – कृष्ण बिना राधा के जमुना पर नहीं आते, बिना राधा के बाँसुरी नहीं बजाते। वे केवल राधा के हाथों की लस्सी हँसकर पीते हैं, दूसरों के दिए माखन को भी नहीं खाते। यह दर्शाता है कि कृष्ण पूर्ण रूप से राधा पर आश्रित हैं।

दूसरे अंतरे में – कृष्ण राधा की गलियों के चक्कर लगाने लगे, रोज़ बरसाने आने-जाने लगे। वे राधा के लिए चूड़ी वाला, मेहंदी वाला, हर दिन नया रूप बनाने लगे। यह उनके प्रेम की गहराई को दर्शाता है।

तीसरे अंतरे में – जो व्यक्ति (चरणजीत – संभवतः रचनाकार का नाम) कल तक केवल मित्र था, प्रीत की रीत निभाता था, उसकी बाँसुरी अब राधा के गीत गाने लगी। प्रेम वैसा का वैसा रह गया, बस राधा का नाम लेता है।

यह भजन राधा के प्रभाव और कृष्ण के उनके प्रति अपार प्रेम का सजीव वर्णन करता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

प्रश्नोत्तरी शैली का भजन: यह भजन अनूठा है क्योंकि इसमें भक्त सीधे राधा रानी से प्रश्न करता है – “तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा?” यह भक्ति और जिज्ञासा का अद्भुत मिश्रण है।

कृष्ण की राधा पर निर्भरता: हर अंतरे में यह दिखाया गया है कि कृष्ण हर क्रिया में राधा पर आश्रित हैं – बिना राधा के न बाँसुरी, न जमुना, न माखन।

“चरणजीत” का उल्लेख: अंतरे में ‘चरणजीत’ नाम आता है, जो संभवतः रचनाकार या भक्त का नाम है, जो इस भजन को व्यक्तिगत बनाता है।

💖 राधा-कृष्ण प्रेम का रहस्य

🎯 संदेश

राधा के प्रेम ने कृष्ण को दीवाना बना दिया। यह प्रेम इतना गहरा है कि कृष्ण हर पल, हर क्रिया में राधा का साथ चाहते हैं। सच्चा प्रेम बिना किसी जादू-टोने के भी दीवाना बना देता है – बस सच्चाई चाहिए।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन राधा-कृष्ण भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। “राधा रानी हमें भी बता दे ज़रा” – यह पंक्ति हर उस भक्त के हृदय की आवाज़ है जो राधा-कृष्ण के अद्भुत प्रेम को समझना चाहता है।

🙏 राधे-राधे ।। जय श्री कृष्ण ।। तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा? ।।

॥ इति राधा-कृष्ण भजनम् ॥
॥ राधा रानी हमें भी बता दे ज़रा – तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा? ॥

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

प्रस्तुत राधा-कृष्ण भजन "राधा रानी हमें भी बता दे ज़रा (तेरा दीवाना कैसे हुआ साँवरा) लिरिक्स | Radha Rani Hamein Bhi Bata De Zara Tera Deewana Kaise Hua Sanwara Lyrics" के माध्यम से भक्त और आराध्य के परम संबंध को दर्शाया गया है। वैष्णव संप्रदाय में राधा-कृष्ण का प्रेम लौकिक प्रेम न होकर जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। इस भजन की एक-एक पंक्ति का सार यही है कि भगवान श्री कृष्ण स्वयं राधा रानी के प्रेम के अधीन हैं। बिना राधा के न तो वे मुरली बजाते हैं और न ही गोपी-गोपियों को सुख देते हैं।

भजन के पदों में यह स्पष्ट होता है कि वृंदावन की कुंज गलियों में जब तक 'राधे-राधे' नाम की गूंज नहीं होती, तब तक भगवान श्यामसुंदर का मन भी वहां नहीं रमता। भक्त राधा जी से आग्रह करता है कि वे भी कृष्ण की इस भक्ति और दिव्यता का रहस्य उजागर करें, ताकि एक सामान्य साधक भी कृष्ण प्रेम का अधिकारी बन सके।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

ब्रह्म पुराण और विष्णु पुराण के अनुसार, भगवान कृष्ण की आराधना से पूर्व राधा जी का नाम स्मरण करना अनिवार्य माना गया है। राधा नाम की महिमा स्वयं कृष्ण गाते हैं। इस भजन को श्रद्धापूर्वक गाने या सुनने से साधक के हृदय में भक्ति रस का संचार होता है और मानसिक विकारों तथा चिंताओं का समूल नाश होता है।

श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य उपदेशों को जानने के लिए भगवद्गीता खंड अवश्य पढ़ें और भगवान कृष्ण की लीलाओं के गहन अध्ययन के लिए ब्रह्म पुराण का पाठ करें। राधा-कृष्ण भजन के गायन से गृहक्लेश दूर होता है, दांपत्य जीवन में मधुरता आती है और पारिवारिक वातावरण सात्विक बनता है। यदि इसका नियमित संकीर्तन किया जाए, तो साधक को मानसिक एकाग्रता और दिव्य शांति की अनुभूति होती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन के संकीर्तन के लिए सर्वोत्तम समय प्रातःकाल (ब्रह्ममुहूर्त) अथवा संध्या आरती के समय का है। गायन के समय दीप प्रज्वलित कर, तुलसी दल अर्पित करें और शुद्ध भाव से युगल सरकार (राधा-कृष्ण) की छवि का ध्यान करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन के मुख्य आराध्य देव कौन हैं?

इस भजन के मुख्य आराध्य देव युगल सरकार अर्थात भगवान श्री कृष्ण और श्री राधा रानी जी हैं।

राधा-कृष्ण भजन का पाठ किस दिन विशेष रूप से करना चाहिए?

यद्यपि भगवान के नाम संकीर्तन के लिए हर दिन शुभ है, किन्तु एकादशी, पूर्णिमा और शनिवार/रविवार के दिन इसका संकीर्तन विशेष फलदायी माना गया है।

क्या यह भजन पारिवारिक सुख-शांति के लिए सहायक है?

हाँ, राधा-कृष्ण के भक्तिमय भजनों को घर में नियमित रूप से गाने अथवा सुनने से दांपत्य प्रेम बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 04 Sep 2026

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