नवीनतम पोस्ट

भक्तिलोक पर पढ़ें ताज़ा भजन, कथा, आरती, चालीसा और मंदिर दर्शन। हर दिन नई आध्यात्मिक सामग्री हिंदी में।

12,004+ पोस्ट
1,568,318+ दृश्य
10 श्रेणियाँ

नवीनतम पोस्ट

चंद्र ग्रहण के उपाय: मंत्र, पूजा और दोष निवारण के सरल तरीके (Lunar Eclipse Remedies: Mantras, Worship & Simple Solutions)

चंद्र ग्रहण के दौरान करें ये सरल उपाय: राहु-केतु दोष निवारण मंत्र, चंद्र दोष शांति के उपाय, ग्रहण पूजा विधि, दूध में चांदी का सिक्का डालने का उपाय, दान के नियम और विशेष समस्याओं के लिए प्रभावी समाधान।

3 मार्च 2026 · 1 मिनट पढ़ें · 261
पढ़ें

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें? हिंदू परंपराओं के अनुसार (Do's and Don'ts During Lunar Eclipse as per Hindu Traditions)

चंद्र ग्रहण के दौरान हिंदू परंपराओं के अनुसार क्या करें और क्या न करें? जानिए सूतक काल के नियम, गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियां, भोजन से जुड़े नियम, मंत्र जाप, ग्रहण के बाद करने योग्य कार्य और वैज्ञानिक दृष्टिकोण।

3 मार्च 2026 · 1 मिनट पढ़ें · 224
पढ़ें

चंद्र ग्रहण में सूतक काल क्या है? समय, महत्व और नियम (Sutak Kaal in Lunar Eclipse: Timing, Importance & Rules)

चंद्र ग्रहण में सूतक काल क्या है? जानिए सूतक काल का समय, महत्व, नियम, क्या करें और क्या न करें, खाने-पीने के नियम, गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियां और वैज्ञानिक दृष्टिकोण।

3 मार्च 2026 · 1 मिनट पढ़ें · 289
पढ़ें

हिंदू पौराणिक कथाओं में चंद्र ग्रहण: समुद्र मंथन और राहु-केतु की कहानी (Lunar Eclipse in Hindu Mythology)

हिंदू पौराणिक कथाओं में चंद्र ग्रहण की अमर कथा: समुद्र मंथन, राहु-केतु का जन्म, सूर्य-चंद्र से बदला, और ग्रहण से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं। पढ़िए संपूर्ण पौराणिक व्याख्या।

3 मार्च 2026 · 1 मिनट पढ़ें · 279
पढ़ें

होली खेल रहे बांकेबिहारी आज रंग बरस रहा – होली भजन | Holi Khel Rahe Bankebihari Aaj Rang Baras Raha

होली खेल रहे बांकेबिहारी आज रंग बरस रहा – यह भजन वृन्दावन के बांके बिहारी मंदिर की प्रसिद्ध होली पर आधारित है। अबीर-गुलाल के बादल छाए हैं, पूरी दुनिया झूम रही है। राधा प्यारी संग में हैं, प्रेम बरस रहा है। वृन्दावन और बरसाना साथ झूम रहे हैं। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।

3 मार्च 2026 · 1 मिनट पढ़ें · 198
पढ़ें

होली खेले रे कन्हैया – होली भजन (Holi Khele Re Kanhaiya) | Gokul Ki Holi

होली खेले रे कन्हैया – यह सरल और भावपूर्ण होली भजन गोकुल में कन्हैया (कृष्ण) की होली का वर्णन करता है। राधा संग रास, गोपियों को पास बुलाना, रंग-गुलाल उड़ाना, और सबका मतवाला हो जाना। हर साल आने वाली होली में कान्हा सबके मन को रिझाते हैं। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।

3 मार्च 2026 · 1 मिनट पढ़ें · 124
पढ़ें

मैं वृंदावन को जाऊं मेरे श्याम खेल रहे होली – होली भजन | Main Vrindavan Ko Jaaun Mere Shyam Khel Rahe Holi

मैं वृंदावन को जाऊं मेरे श्याम खेल रहे होली – यह भजन वृन्दावन जाने और वहाँ श्याम (कृष्ण) के साथ होली खेलने की उत्कट अभिलाषा को व्यक्त करता है। यमुना तट पर स्नान, बंसीवट पर मुरली सुनना, कुंज गलियों में गुलाल उड़ाना, और श्याम के मुकुट-माला की आभा बिगाड़ने का वर्णन। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।

3 मार्च 2026 · 1 मिनट पढ़ें · 188
पढ़ें

होली खेल रहे नंदलाल मथुरा की कुंज गलीन में – होली भजन | Holi Khel Rahe Nandlal Mathura Ki Kunj Galiyon Mein

होली खेल रहे नंदलाल मथुरा की कुंज गलीन में – यह भजन मथुरा-गोकुल की गलियों में कृष्ण की होली का वर्णन करता है। ग्वाल-बाल संग धूम, बांसुरी की मधुर धुन, रंग-गुलाल की बौछार, गोपियों की शिकायतें, और ढोल-सितार के साथ नृत्य का उत्सव। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।

3 मार्च 2026 · 1 मिनट पढ़ें · 165
पढ़ें

आज बिरज में होरी रे रसिया: होली भजन (Aaj Biraj Mein Hori Re Rasiya) | Radha Krishna Holi

आज बिरज में होरी रे रसिया – यह लोकप्रिय होली भजन प्रश्नोत्तरी शैली में राधा-कृष्ण की होली का वर्णन करता है। कौन गाँव के कन्हिया? कौन वर्ण के कन्हिया? श्याम-गौर के मिलन और गुलाल-अबीर के बादलों के बीच खेली जा रही ब्रज की होली का अद्भुत चित्रण।

3 मार्च 2026 · 1 मिनट पढ़ें · 293
पढ़ें

आज रंग है हे मन रंग है री – सूफी गीत (Aaj Rang Hai He Man Rang Hai Ri) | Sufi Qawwali

आज रंग है हे मन रंग है री – यह प्रसिद्ध सूफी कव्वाली प्रेम, रंग और हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की शरण में जाने के भाव को व्यक्त करती है। मेहबूब के घर रंग है, साजन मिलावरा, मोहे पीर पायो निजामुद्दीन औलिया। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।

3 मार्च 2026 · 1 मिनट पढ़ें · 146
पढ़ें

होरी खेले राधा संग ये नटखट नंद किशोर – होली भजन | Hori Khele Radha Sang Natkhat Nand Kishor

होरी खेले राधा संग ये नटखट नंद किशोर – गोपी माँ यशोदा से शिकायत करती है कि उनका नंद किशोर बहुत नटखट है और राधा के संग होली खेलकर सबको सराबोर कर रहा है। उड़त गुलाल, बिगड़ा काजल, ननद के ताने, सास का शोर – ब्रज की होली का अद्भुत चित्रण। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।

3 मार्च 2026 · 1 मिनट पढ़ें · 197
पढ़ें

नन्द के आनंद भयो – कृष्ण भजन (Nand Ke Anand Bhayo) | Nand Ghar Anand Bhayo Lyrics

नन्द के आनंद भयो – यह कृष्ण जन्मोत्सव भजन नन्द के घर कृष्ण के जन्म की खुशी में गाया जाता है। ब्रज में आनंद छा गया, गोकुल उमंग से भर गया। हाथी-घोड़ा-पालकी के साथ जय-जयकार। कोटि ब्रह्माण्ड के अधिपति, पशुपालक, यशोदा लाल की जय। हिंदी लिरिक्स और अर्थ सहित।

3 मार्च 2026 · 1 मिनट पढ़ें · 239
पढ़ें

12,004+

पोस्ट

भजन, कथा, आरती और चालीसा

1,568,318+

कुल दृश्य

भक्तों द्वारा पढ़े गए

10

श्रेणियाँ

विभिन्न विषयों पर