कर्म योग (Karma Yoga) – श्लोक 23
श्लोक २३ में बताया गया है कि यदि भगवान कर्म न करें तो लोग भी न करें। Verse 23: If the Lord does not act, people will follow.
संस्कृत श्लोक
यदि ह्यहं न वर्तेयं जातु कर्मण्यतन्द्रितः | मम वर्त्मानुवर्तन्ते मनुष्याः पार्थ सर्वशः ||२३||
yadi hy ahaṃ na varteyaṃ jātu karmaṇy atandritaḥ | mama vartmānuvartante manuṣyāḥ pārtha sarvaśaḥ ||23||
पदच्छेद / शब्दार्थ
यदि: यदि; हि: निश्चय ही; अहम्: मैं; न: नहीं; वर्तेयम्: प्रवृत्त रहूँ; जातु: कभी; कर्मणि: कर्म में; अतन्द्रित: सावधान; मम: मेरा; वर्त्म: मार्ग; अनुवर्तन्ते: अनुसरण करते हैं; मनुष्याः: मनुष्य; पार्थ: हे पार्थ; सर्वशः: सभी प्रकार से।
हिंदी अनुवाद
यदि मैं कभी भी सावधानीपूर्वक कर्म में न लगूँ, तो हे पार्थ! सब मनुष्य मेरे ही मार्ग का अनुसरण करेंगे।
English Translation
If I ever failed to engage in work diligently, O Partha, men would follow My path in every way.
टीका / Commentary
भगवान कहते हैं कि यदि वे स्वयं कर्म न करें, तो लोग भी कर्म छोड़ देंगे – जिससे सामाजिक व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। The Lord says that if He Himself stops working, people will follow suit, leading to social chaos.