सांख्य योग (Sankhya Yoga) – श्लोक 9

श्लोक ९ में अर्जुन कृष्ण से कहते हैं कि वे युद्ध नहीं करेंगे, और फिर चुप हो जाते हैं।

संस्कृत श्लोक

एवमुक्त्वा हृषीकेशं गुडाकेशः परन्तप | न योत्स्य इति गोविन्दमुक्त्वा तूष्णीं बभूव ह ||९||

evam uktvā hṛṣīkeśaṃ guḍākeśaḥ parantapa | na yotsya iti govindam uktvā tūṣṇīṃ babhūva ha ||9||

पदच्छेद / शब्दार्थ

एवम्: इस प्रकार; उक्त्वा: कहकर; हृषीकेशम्: हृषीकेश (कृष्ण) से; गुडाकेशः: गुडाकेश (अर्जुन); परन्तप: हे शत्रुतापन; न: नहीं; योत्स्ये: युद्ध करूँगा; इति: इस प्रकार; गोविन्दम्: गोविन्द (कृष्ण) से; उक्त्वा: कहकर; तूष्णीम्: मौन; बभूव: हो गया; ह: निश्चय ही।

हिंदी अनुवाद

हे परन्तप! (संजय कहते हैं) इस प्रकार हृषीकेश (कृष्ण) से कहकर और गोविन्द से "मैं युद्ध नहीं करूँगा" कहकर गुडाकेश (अर्जुन) मौन हो गए।

English Translation

Having spoken thus to Hrishikesha, Gudakesha (Arjuna), the scorcher of foes, said to Govinda, "I will not fight," and became silent.

टीका / Commentary

अर्जुन ने अपनी बात कह दी, अब वे मौन हो गए हैं। "गुडाकेश" का अर्थ है निद्रा पर विजय पाने वाला, लेकिन यहाँ वे मोह से ग्रस्त हैं। कृष्ण अब उपदेश देने के लिए तैयार हैं।