आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:३० PM | सूर्यास्त: ०५:३१ AM
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 · श्लोक 23

अध्याय 2 · श्लोक 23

सांख्य योग (Sankhya Yoga) का पावन श्लोक तथा उसका विस्तृत हिंदी व अंग्रेजी अनुवाद एवं व्याख्या।

अंतिम अपडेट: 15 फरवरी, 2026

१. मूल संस्कृत श्लोक (Sanskrit Verse)

नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः | न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ||२३||

nainaṃ chindanti śastrāṇi nainaṃ dahati pāvakaḥ | na cainaṃ kledayanty āpo na śoṣayati mārutaḥ ||23||

२. पदच्छेद एवं शब्दार्थ (Word Meanings)

न: नहीं; एनम्: इस (आत्मा) को; छिन्दन्ति: काटते हैं; शस्त्राणि: शस्त्र; न: नहीं; एनम्: इसको; दहति: जलाता है; पावकः: अग्नि; न: नहीं; च: और; एनम्: इसको; क्लेदयन्ति: गीला करते हैं; आपः: जल; न: नहीं; शोषयति: सुखाता है; मारुतः: वायु।

३. श्लोक का अनुवाद (Verse Translation)

हिंदी अनुवाद

इस आत्मा को शस्त्र नहीं काट सकते, अग्नि नहीं जला सकती, जल नहीं गीला कर सकता और वायु नहीं सुखा सकती।

English Translation

Weapons cannot cut It, fire cannot burn It, water cannot wet It, and wind cannot dry It.

४. विस्तृत व्याख्या एवं भावार्थ (Commentary)

आत्मा पंचभौतिक तत्वों से परे है। वह अभौतिक है, इसलिए उस पर किसी भी भौतिक तत्व का प्रभाव नहीं होता।
श्रीराम शास्त्री
शोधकर्ता व लेखक

श्रीराम शास्त्री

वैदिक संस्कृत और दार्शनिक साहित्य के व्याख्याता। सनातन इतिहास और प्राचीन ग्रंथों पर अनुसंधान का १०+ वर्षों का अनुभव।

आचार्य देवदत्त द्विवेदी
संपादकीय समीक्षा

आचार्य देवदत्त द्विवेदी

संस्कृत विश्वविद्यालय के भूतपूर्व प्राध्यापक एवं वैदिक शास्त्र विशेषज्ञ। भक्तिलोक की समस्त सामग्री के आध्यात्मिक सत्यता निरीक्षक।

ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ।।