भक्ति योग (Bhakti Yoga) – श्लोक 8

कृष्ण कहते हैं: मन और बुद्धि मुझमें लगाओ, फिर तुम मुझमें ही रहोगे। Fix your mind and intellect on Me, you will dwell in Me.

संस्कृत श्लोक

मय्येव मन आधत्स्व मयि बुद्धिं निवेशय । निवसिष्यसि मय्येव अत ऊर्ध्वं न संशयः ॥ ८॥

mayy eva mana ādhatsva mayi buddhiṃ niveśaya | nivasiṣyasi mayy eva ata ūrdhvaṃ na saṃśayaḥ ||8||

पदच्छेद / शब्दार्थ

मयि: in Me; एव: alone; मन: mind; आधत्स्व: fix; मयि: in Me; बुद्धिम्: intellect; निवेशय: place; निवसिष्यसि: you will dwell; मयि: in Me; एव: alone; अतः ऊर्ध्वम्: hereafter; न: no; संशय: doubt.

हिंदी अनुवाद

मुझमें ही मन को लगाओ, मुझमें ही बुद्धि को लगाओ; इसके बाद तुम मुझमें ही निवास करोगे, इसमें कोई संशय नहीं।

English Translation

Fix your mind on Me alone, place your intellect in Me; thereafter you will dwell in Me alone. There is no doubt.

टीका / Commentary

भगवान अर्जुन को सीधा उपदेश देते हैं: अपने मन और बुद्धि को मुझमें स्थिर करो, फिर तुम सदा मुझमें ही रहोगे। यह सर्वोच्च साधना है।