विश्वरूप दर्शन योग (Visvarupa Darsana Yoga) – श्लोक 34
श्लोक ३४ में भगवान् अर्जुन को बताते हैं कि द्रोण, भीष्म आदि मारे जा चुके हैं, तू निःसंकोच युद्ध कर। Verse 34: The Lord assures Arjuna that great warriors are already slain.
संस्कृत श्लोक
द्रोणं च भीष्मं च जयद्रथं च कर्णं तथान्यानपि योधवीरान् । मया हतांस्त्वं जहि मा व्यथिष्ठा युध्यस्व जेतासि रणे सपत्नान् ॥ ३४॥
droṇaṃ ca bhīṣmaṃ ca jayadrathaṃ ca karṇaṃ tathānyān api yodha-vīrān | mayā hatāṃs tvaṃ jahi mā vyathiṣṭhā yudhyasva jetāsi raṇe sapatnān ||34||
पदच्छेद / शब्दार्थ
द्रोणम्: द्रोण को; च: और; भीष्मम्: भीष्म को; च: और; जयद्रथम्: जयद्रथ को; च: और; कर्णम्: कर्ण को; तथा: इसी प्रकार; अन्यान्: दूसरे; अपि: भी; योधवीरान्: योद्धा वीरों को; मया: मेरे द्वारा; हतान्: मारे गए; त्वम्: तू; जहि: मार; मा: मत; व्यथिष्ठाः: व्यथित हो; युध्यस्व: युद्ध कर; जेतासि: जीतेगा; रणे: युद्ध में; सपत्नान्: शत्रुओं को।
हिंदी अनुवाद
द्रोण, भीष्म, जयद्रथ, कर्ण तथा अन्य महारथी योद्धा मेरे द्वारा मारे जा चुके हैं। तू उन्हें मार, व्यथित मत हो। युद्ध कर, तू युद्ध में शत्रुओं को जीत लेगा।
English Translation
Slay Drona, Bhishma, Jayadratha, Karna, and other great warriors who are already killed by Me. Do not fear. Fight and you will conquer your enemies in battle.
टीका / Commentary
भगवान् विशिष्ट योद्धाओं के नाम लेकर अर्जुन को आश्वस्त करते हैं।