विश्वरूप दर्शन योग (Visvarupa Darsana Yoga) – श्लोक 26

श्लोक २६ में अर्जुन देखते हैं कि सभी योद्धा भगवान् के मुख में समा रहे हैं। Verse 26: Arjuna sees all warriors entering the Lord's mouths.

संस्कृत श्लोक

अमी च त्वां धृतराष्ट्रस्य पुत्राः सर्वे सहैवावनिपालसङ्घैः । भीष्मो द्रोणः सूतपुत्रस्तथासौ सहास्मदीयैरपि योधमुख्यैः ॥ २६॥

amī ca tvāṃ dhṛtarāṣṭrasya putrāḥ sarve sahaivāvani-pāla-saṅghaiḥ | bhīṣmo droṇaḥ sūta-putras tathāsau sahāsmadīyair api yodha-mukhyaiḥ ||26||

पदच्छेद / शब्दार्थ

अमी: ये; च: और; त्वाम्: आपमें; धृतराष्ट्रस्य: धृतराष्ट्र के; पुत्राः: पुत्र; सर्वे: सभी; सह: सहित; एव: ही; अवनिपालसङ्घैः: राजाओं के समूहों के साथ; भीष्मः: भीष्म; द्रोणः: द्रोण; सूतपुत्रः: कर्ण; तथा: इसी प्रकार; असौ: वह; सह: सहित; अस्मदीयैः: हमारे; अपि: भी; योधमुख्यैः: प्रमुख योद्धाओं के साथ।

हिंदी अनुवाद

धृतराष्ट्र के ये सभी पुत्र तथा राजाओं के समूह, भीष्म, द्रोण, कर्ण और हमारे प्रमुख योद्धा भी आपके मुखों में प्रवेश कर रहे हैं।

English Translation

All the sons of Dhritarashtra, along with hosts of kings, Bhishma, Drona, and Karna, as well as the chief warriors on our side, are rushing into Your mouths.

टीका / Commentary

अर्जुन देखते हैं कि युद्ध के सभी योद्धा भगवान् के मुख में समा रहे हैं।