अर्जुन विषाद योग (Arjuna Vishada Yoga) – श्लोक 44
श्लोक ४४ में अर्जुन कहते हैं कि नष्ट कुलधर्म वालों का नरक में वास होता है। Verse 44: Arjuna says that those with destroyed family traditions dwell in hell.
संस्कृत श्लोक
उत्सन्नकुलधर्माणां मनुष्याणां जनार्दन | नरकेऽनियतं वासो भवतीत्यनुशुश्रुम ||४४||
utsannakuladharmāṇāṃ manuṣyāṇāṃ janārdana | narake'niyataṃ vāso bhavatītyanuśuśruma ||44||
पदच्छेद / शब्दार्थ
उत्सन्न: नष्ट; कुलधर्माणाम्: जिनके कुलधर्म नष्ट हो गए हैं; मनुष्याणाम्: ऐसे मनुष्यों का; जनार्दन: हे जनार्दन; नरके: नरक में; अनियतम्: अनिश्चित काल तक; वासः: निवास; भवति: होता है; इति: इस प्रकार; अनुशुश्रुम: हमने सुना है।
हिंदी अनुवाद
हे जनार्दन! हमने सुना है कि जिनके कुलधर्म नष्ट हो जाते हैं, उन मनुष्यों का नरक में अनिश्चित काल तक वास होता है।
English Translation
O Janardana, we have heard that those whose family traditions are destroyed dwell in hell for an indefinite period.
टीका / Commentary
अर्जुन शास्त्रों के प्रमाण देते हैं कि कुलधर्महीनों को नरक में रहना पड़ता है। Arjuna cites scriptural authority that those without family traditions go to hell.