अर्जुन विषाद योग (Arjuna Vishada Yoga) – श्लोक 29
श्लोक २९ में अर्जुन अपने शारीरिक लक्षण बताते हैं। Verse 29: Arjuna describes the physical effects of his distress.
संस्कृत श्लोक
सीदन्ति मम गात्राणि मुखं च परिशुष्यति | वेपथुश्च शरीरे मे रोमहर्षश्च जायते ||२९||
sīdanti mama gātrāṇi mukhaṃ ca pariśuṣyati | vepathuśca śarīre me romaharṣaśca jāyate ||29||
पदच्छेद / शब्दार्थ
सीदन्ति: शिथिल हो रहे हैं; मम: मेरे; गात्राणि: अंग; मुखम्: मुख; च: और; परिशुष्यति: सूख रहा है; वेपथु: कम्पन; च: और; शरीरे: शरीर में; मे: मेरे; रोमहर्ष: रोमांच; च: और; जायते: हो रहा है।
हिंदी अनुवाद
मेरे अंग शिथिल हो रहे हैं, मुख सूख रहा है, शरीर में कम्पन हो रहा है और रोमांच खड़ा हो रहा है।
English Translation
My limbs are giving way, my mouth is drying up, my body trembles, and my hair is standing on end.
टीका / Commentary
अर्जुन अपने शारीरिक लक्षण बता रहे हैं जो भय और विषाद के कारण उत्पन्न हो रहे हैं। Arjuna describes the physical symptoms of his fear and sorrow.