अर्जुन विषाद योग (Arjuna Vishada Yoga) – श्लोक 24

श्लोक २४ में कृष्ण अर्जुन के कहने पर रथ दोनों सेनाओं के बीच ले जाते हैं। Verse 24: Krishna places the chariot between the two armies as requested by Arjuna.

संस्कृत श्लोक

एवमुक्तो हृषीकेशो गुडाकेशेन भारत | सेनयोरुभयोर्मध्ये स्थापयित्वा रथोत्तमम् ||२४||

evamukto hṛṣīkeśo guḍākeśena bhārata | senayorubhayormadhye sthāpayitvā rathottamam ||24||

पदच्छेद / शब्दार्थ

एवम्: इस प्रकार; उक्तः: कहे जाने पर; हृषीकेशः: हृषीकेश (श्रीकृष्ण); गुडाकेशेन: गुडाकेश (अर्जुन) द्वारा; भारत: हे भरतवंशी (धृतराष्ट्र); सेनयोः: दोनों सेनाओं के; उभयोः: दोनों; मध्ये: बीच में; स्थापयित्वा: खड़ा करके; रथोत्तमम्: उत्तम रथ को।

हिंदी अनुवाद

हे भारत (धृतराष्ट्र)! गुडाकेश (अर्जुन) द्वारा इस प्रकार कहे जाने पर हृषीकेश (श्रीकृष्ण) ने उत्तम रथ को दोनों सेनाओं के बीच में खड़ा कर दिया।

English Translation

O descendant of Bharata (Dhritarashtra), being thus addressed by Gudakesha (Arjuna), Hrishikesha (Krishna) placed that excellent chariot between the two armies.

टीका / Commentary

अर्जुन के अनुरोध पर कृष्ण ने रथ को दोनों सेनाओं के बीच में ले जाकर खड़ा कर दिया। At Arjuna's request, Krishna placed the chariot between the two armies.