अर्जुन विषाद योग (Arjuna Vishada Yoga) – श्लोक 23

श्लोक २३ में अर्जुन दुर्योधन के पक्ष में लड़ने वाले योद्धाओं को देखना चाहते हैं। Verse 23: Arjuna wants to see the warriors who have come to fight for Duryodhana.

संस्कृत श्लोक

योत्स्यमानानवेक्षेऽहं य एतेऽत्र समागताः | धार्तराष्ट्रस्य दुर्बुद्धेर्युद्धे प्रियचिकीर्षवः ||२३||

yotsyamānānavekṣe'haṃ ya ete'tra samāgatāḥ | dhārtarāṣṭrasya durbuddheryuddhe priyacikīrṣavaḥ ||23||

पदच्छेद / शब्दार्थ

योत्स्यमानान्: युद्ध करने वालों को; अवेक्षे: देखूँ; अहम्: मैं; ये: जो; एते: ये; अत्र: यहाँ; समागताः: एकत्र हुए हैं; धार्तराष्ट्रस्य: धृतराष्ट्र के पुत्र (दुर्योधन) के; दुर्बुद्धेः: दुष्ट बुद्धि वाले; युद्धे: युद्ध में; प्रियचिकीर्षवः: प्रिय करने की इच्छा वाले।

हिंदी अनुवाद

मैं उन योद्धाओं को देखना चाहता हूँ जो दुष्टबुद्धि दुर्योधन का पक्ष लेकर युद्ध में उसे प्रसन्न करने के लिए यहाँ एकत्र हुए हैं।

English Translation

I desire to see those who have assembled here to fight, wishing to please the evil-minded son of Dhritarashtra (Duryodhana).

टीका / Commentary

अर्जुन यहाँ दुर्योधन को "दुर्बुद्धि" कहते हैं, जो दर्शाता है कि वे युद्ध के कारण को जानते थे – दुर्योधन का अधर्म। Arjuna calls Duryodhana "evil-minded," indicating his awareness of the adharma behind the war.