अर्जुन विषाद योग (Arjuna Vishada Yoga) – श्लोक 21

श्लोक २१ में अर्जुन कृष्ण से रथ दोनों सेनाओं के बीच ले जाने को कहते हैं। Verse 21: Arjuna asks Krishna to place the chariot between the two armies.

संस्कृत श्लोक

हृषीकेशं तदा वाक्यमिदमाह महीपते | सेनयोरुभयोर्मध्ये रथं स्थापय मेऽच्युत ||२१||

hṛṣīkeśaṃ tadā vākyamidamāha mahīpate | senayorubhayormadhye rathaṃ sthāpaya me'cyuta ||21||

पदच्छेद / शब्दार्थ

हृषीकेशम्: हृषीकेश (श्रीकृष्ण) से; तदा: तब; वाक्यम्: वचन; इदम्: यह; आह: बोला; महीपते: हे राजन् (धृतराष्ट्र); सेनयोः: दोनों सेनाओं के; उभयोः: दोनों; मध्ये: बीच में; रथम्: रथ; स्थापय: खड़ा कर; मे: मेरा; अच्युत: हे अच्युत।

हिंदी अनुवाद

तब अर्जुन ने हृषीकेश (श्रीकृष्ण) से यह वचन कहा: हे अच्युत! मेरे रथ को दोनों सेनाओं के बीच में खड़ा कर दीजिए।

English Translation

Arjuna said: O Achyuta (Krishna), place my chariot between the two armies, O lord of the earth (Dhritarashtra is being addressed by Sanjaya).

टीका / Commentary

अर्जुन कृष्ण से रथ दोनों सेनाओं के बीच ले जाने को कहते हैं, ताकि वह युद्ध से पहले अपने विरोधियों को देख सकें। Arjuna asks Krishna to place the chariot between the armies so he can observe the combatants.