अर्जुन विषाद योग (Arjuna Vishada Yoga) – श्लोक 16
श्लोक १६ में अन्य पाण्डवों के शंखों के नाम दिए गए हैं। Verse 16 names the conches of the other Pandavas.
संस्कृत श्लोक
अनन्तविजयं राजा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिरः | नकुलः सहदेवश्च सुघोषमणिपुष्पकौ ||१६||
anantavijayaṃ rājā kuntīputro yudhiṣṭhiraḥ | nakulaḥ sahadevaśca sughoṣamaṇipuṣpakau ||16||
पदच्छेद / शब्दार्थ
अनन्तविजयम्: अनन्तविजय नामक शंख; राजा: राजा; कुन्तीपुत्रः: कुन्तीपुत्र; युधिष्ठिरः: युधिष्ठिर; नकुलः: नकुल; सहदेवः: सहदेव; च: और; सुघोषमणिपुष्पकौ: सुघोष और मणिपुष्पक नामक शंख।
हिंदी अनुवाद
राजा युधिष्ठिर ने अनन्तविजय, नकुल ने सुघोष और सहदेव ने मणिपुष्पक शंख बजाया।
English Translation
King Yudhishthira, son of Kunti, blew his conch Anantavijaya; Nakula and Sahadeva blew their conches Sughosha and Manipushpaka respectively.
टीका / Commentary
अब शेष पाण्डव भी अपने-अपने शंख बजाते हैं – युधिष्ठिर का अनन्तविजय, नकुल का सुघोष, सहदेव का मणिपुष्पक। The remaining Pandavas also blow their conches.