सांख्य योग (Sankhya Yoga) – श्लोक 35
श्लोक ३५ में बताया गया है कि युद्ध न करने पर अर्जुन महारथियों की दृष्टि में भीरु और तुच्छ ठहरेंगे।
संस्कृत श्लोक
भयाद्रणादुपरतं मंस्यन्ते त्वां महारथाः | येषां च त्वं बहुमतो भूत्वा यास्यसि लाघवम् ||३५||
bhayād raṇād uparataṃ maṃsyante tvāṃ mahā-rathāḥ | yeṣāṃ ca tvaṃ bahu-mato bhūtvā yāsyasi lāghavam ||35||
पदच्छेद / शब्दार्थ
भयात्: भय से; रणात्: युद्ध से; उपरतम्: विरत; मंस्यन्ते: मानेंगे; त्वाम्: तुझे; महारथाः: महारथी; येषाम्: जिनके; च: और; त्वम्: तू; बहुमतः: बहुत सम्मानित; भूत्वा: होकर; यास्यसि: जाएगा; लाघवम्: तुच्छता (हल्कापन)।
हिंदी अनुवाद
बड़े-बड़े योद्धा तुझे भय के कारण युद्ध से हटा हुआ मानेंगे, और जिनके द्वारा तू बहुत सम्मानित था, उनके पास तू तुच्छ (हल्का) हो जाएगा।
English Translation
The great warriors will think you have withdrawn from battle out of fear. And you will be held in contempt by those who formerly held you in high esteem.
टीका / Commentary
महारथी लोग यही सोचेंगे कि अर्जुन भय से भागा। इससे उनकी नज़रों में अर्जुन गिर जाएगा।