अयोध्या का वर्णन – श्लोक 3
संस्कृत श्लोक
इक्ष्वाकूणामिदं तेषां राज्ञां वंशे महात्मनाम्। महदुत्पन्नमाख्यानं रामायणमिति श्रुतम्॥
हिंदी अनुवाद
उन महात्मा इक्ष्वाकु राजाओं के वंश में यह महान आख्यान "रामायण" के नाम से प्रसिद्ध हुआ है।
अर्थ / व्याख्या
यह श्लोक रामायण को इक्ष्वाकु वंश से जोड़ता है और बताता है कि यह महाकाव्य उसी वंश के चरित्र पर आधारित है।
टिप्पणी
यहाँ रामायण को इक्ष्वाकु वंश की गौरवगाथा बताया गया है।
॥ श्री रामायण – बालकाण्ड – सर्ग ५ – श्लोक ३ ॥
महदुत्पन्नमाख्यानं रामायणमिति श्रुतम्॥
mahad utpannam ākhyānaṃ rāmāyaṇam iti śrutam ||
🔹 हिन्दी अनुवाद : उन महात्मा इक्ष्वाकु राजाओं के वंश में यह महान आख्यान "रामायण" के नाम से प्रसिद्ध हुआ है।
🔹 English Translation : In the lineage of those great-souled Ikshvaku kings, this great epic called "Ramayana" has originated and become renowned.
🔍 शब्दार्थ (Word by Word Meaning)
| संस्कृत | व्याकरण | हिन्दी अर्थ |
|---|---|---|
| इक्ष्वाकूणाम् | पुल्लिंग, षष्ठी बहुवचन | इक्ष्वाकु वंशियों के |
| इदम् | सर्वनाम, नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचन | यह |
| तेषाम् | सर्वनाम, पुल्लिंग, षष्ठी बहुवचन | उन |
| राज्ञाम् | पुल्लिंग, षष्ठी बहुवचन | राजाओं के |
| वंशे | पुल्लिंग, सप्तमी एकवचन | वंश में |
| महात्मनाम् | विशेषण, पुल्लिंग, षष्ठी बहुवचन | महान आत्माओं वाले |
| महत् | विशेषण, नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचन | महान |
| उत्पन्नम् | क्रिया (उत् + पद्) निष्ठा, प्रथमा एकवचन | उत्पन्न हुआ |
| आख्यानम् | नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचन | आख्यान, कथा |
| रामायणम् | नपुंसकलिंग, प्रथमा एकवचन | रामायण |
| इति | अव्यय | इस प्रकार |
| श्रुतम् | क्रिया (श्रु धातु) निष्ठा, प्रथमा एकवचन | सुना गया, प्रसिद्ध |
📖 रामायण की गरिमा
यह श्लोक रामायण को इक्ष्वाकु वंश की देन बताता है। वाल्मीकि जी यहाँ स्पष्ट करते हैं कि यह आख्यान उसी वंश के एक राजा – श्रीराम – के चरित्र पर आधारित है। "महात्मनाम्" विशेषण से इन राजाओं की उदात्तता और धार्मिकता का बोध होता है। रामायण केवल एक काव्य नहीं, बल्कि धर्म, नीति और मर्यादा का ग्रंथ है।
🕉️ सार
इस श्लोक से हम जानते हैं कि रामायण की कथा पवित्र इक्ष्वाकु वंश से जुड़ी है, और इसलिए यह सुनने योग्य एवं पूजनीय है।