अयोध्या के राजा और लोग – श्लोक 23

संस्कृत श्लोक

विन्ध्यपर्वतजैर्मत्तैः पूर्णा हैमवतैरपि । मदान्वितैरतिबलैर्मातङ्गैः पर्वतोपमैः ॥

हिंदी अनुवाद

अयोध्या विन्ध्य पर्वत पर उत्पन्न, हिमालय से आए हुए, मद से युक्त, अति बलशाली और पर्वत के समान विशाल हाथियों से भरी हुई थी।

अर्थ / व्याख्या

अयोध्या में विभिन्न पर्वतों से आए विशाल हाथियों का वर्णन।

टिप्पणी

इस श्लोक में विन्ध्य और हिमालय से आए हाथियों का उल्लेख है, जो मतवाले, अतिबलशाली और पर्वताकार थे। हाथी राजसी वैभव के प्रतीक हैं।

॥ श्री रामायण बालकाण्ड सर्ग ६ श्लोक २३ ॥

विन्ध्यपर्वतजैर्मत्तैः पूर्णा हैमवतैरपि । मदान्वितैरतिबलैर्मातङ्गैः पर्वतोपमैः ॥
vindhyaparvatajairmattaiḥ pūrṇā haimavatairapi | madānvitairatibalairmātaṅgaiḥ parvatopamaiḥ ||

🔹 हिन्दी अनुवाद : अयोध्या विन्ध्य पर्वत पर उत्पन्न, हिमालय से आए हुए, मद से युक्त, अति बलशाली और पर्वत के समान विशाल हाथियों से भरी हुई थी।

🔹 English Translation : The city was filled with mighty elephants, intoxicated with musth, born in the Vindhya mountains and also from the Himalayas, extremely powerful and like mountains themselves.

🔍 शब्दार्थ

संस्कृतव्याकरणहिन्दी अर्थ
विन्ध्यपर्वतजैःविशेषण, पुल्लिंग, तृतीया बहुवचनविन्ध्य पर्वत में उत्पन्न
मत्तैःविशेषण, पुल्लिंग, तृतीया बहुवचनमद से युक्त
पूर्णाविशेषण, स्त्रीलिंग, प्रथमा एकवचनभरी हुई
हैमवतैःविशेषण, पुल्लिंग, तृतीया बहुवचनहिमालय से उत्पन्न
अपिअव्ययभी
मदान्वितैःविशेषण, पुल्लिंग, तृतीया बहुवचनमद से युक्त
अतिबलैःविशेषण, पुल्लिंग, तृतीया बहुवचनअत्यंत बलशाली
मातङ्गैःपुल्लिंग, तृतीया बहुवचनहाथियों से
पर्वतोपमैःविशेषण, पुल्लिंग, तृतीया बहुवचनपर्वत के समान विशाल

📜 ऐतिहासिक महत्व

प्राचीन भारत में हाथी सेना का महत्वपूर्ण अंग थे। विन्ध्य और हिमालय क्षेत्र हाथियों के लिए प्रसिद्ध थे। मद से युक्त हाथी युद्ध में अत्यंत भयानक होते थे। अयोध्या में ऐसे हाथियों का होना उसकी सैन्य सम्पन्नता को दर्शाता है। "पर्वतोपमैः" उपमा अलंकार है।