अयोध्या के राजा और लोग – श्लोक 4

संस्कृत श्लोक

यथा मनुर्महातेजा लोकस्य परिरक्षिता । तथा दशरथो राजा लोकस्य परिरक्षिता ॥

हिंदी अनुवाद

जैसे महातेजस्वी मनु प्रजा के रक्षक थे, वैसे ही राजा दशरथ प्रजा के रक्षक थे।

अर्थ / व्याख्या

यह श्लोक राजा दशरथ की तुलना मनु से करता है। मनु आदि राजा और धर्मशास्त्र के प्रवर्तक थे। दशरथ भी उसी प्रकार प्रजा के रक्षक थे।

टिप्पणी

मनु का नाम यहाँ आदर्श राजा के रूप में लिया गया है। वे सप्तर्षियों में से एक और धर्मशास्त्र (मनुस्मृति) के रचयिता माने जाते हैं। उनके समान प्रजापालन करना राजा का परम कर्तव्य है।

॥ श्रीमद्वाल्मीकि रामायण – बालकाण्ड – सर्ग ६ – श्लोक ४ ॥

यथा मनुर्महातेजा लोकस्य परिरक्षिता ।
तथा दशरथो राजा लोकस्य परिरक्षिता ॥
yathā manurmahātejā lokasya parirakṣitā |
tathā daśaratho rājā lokasya parirakṣitā ||

🔹 हिन्दी अनुवाद : जैसे महातेजस्वी मनु प्रजा के रक्षक थे, वैसे ही राजा दशरथ प्रजा के रक्षक थे।

🔹 English Translation : Just as the greatly resplendent Manu was the protector of the world, so King Dasharatha was the protector of the world.

🔍 शब्दार्थ तालिका

संस्कृत पदव्याकरणहिन्दी अर्थ
यथाअव्ययजैसे
मनुःपुल्लिंग, प्रथमा एकवचनमनु (प्रथम राजा, वैवस्वत मनु)
महातेजाःपुल्लिंग, प्रथमा एकवचनमहान तेजस्वी, प्रतापी
लोकस्यपुल्लिंग, षष्ठी एकवचनलोक की, जनता की
परिरक्षितापुल्लिंग, प्रथमा एकवचन (तृन् प्रत्यय)परिरक्षक, रक्षा करने वाला
तथाअव्ययवैसे ही
दशरथःपुल्लिंग, प्रथमा एकवचनदशरथ
राजापुल्लिंग, प्रथमा एकवचनराजा
लोकस्यपुल्लिंग, षष्ठी एकवचनजनता की
परिरक्षितापुल्लिंग, प्रथमा एकवचनरक्षक

📖 श्लोक की व्याख्या

इस श्लोक में राजा दशरथ की तुलना आदर्श राजा मनु से की गई है। मनु को प्रथम राजा और धर्मप्रवर्तक माना जाता है। उन्होंने ही मनुस्मृति जैसे धर्मशास्त्र की रचना की और राजधर्म का विधान किया।

यथा मनुः ... तथा दशरथः – यह उपमा शैली राजा दशरथ के शासन की उत्कृष्टता को दर्शाती है। जैसे मनु ने अपने राज्य में प्रजा का पालन किया और धर्म की स्थापना की, वैसे ही दशरथ ने भी किया।

महातेजाः – मनु की तरह दशरथ भी महातेजस्वी थे। तेज का अर्थ है प्रभाव, शक्ति और पुण्य का प्रकाश।

परिरक्षिता – यह पद रक्षक का वाचक है। राजा का प्रमुख कर्तव्य प्रजा की रक्षा करना है। रक्षा का अर्थ केवल शत्रुओं से सुरक्षा नहीं, बल्कि आपदाओं, अन्याय और अधर्म से भी बचाना है।

📜 ऐतिहासिक संदर्भ

मनु का उल्लेख वैदिक साहित्य में मिलता है। वैवस्वत मनु वर्तमान मन्वन्तर के अधिपति हैं। हिंदू मान्यता के अनुसार, प्रत्येक मन्वन्तर में एक मनु होते हैं जो राजधर्म का पालन करते हैं। यहाँ मनु को आदर्श राजा मानकर दशरथ की तुलना की गई है।

रामायण के अन्य स्थानों पर भी मनु का उल्लेख मिलता है। भगवान राम को 'राघव' कहा जाता है, जो रघु वंश में हुए, और रघु वंश सूर्यवंश की ही शाखा है जो मनु से चली आ रही है।

✨ विशेष: 'लोकस्य परिरक्षिता' में 'लोक' शब्द का प्रयोग सम्पूर्ण जनता के लिए हुआ है, जिसमें सभी वर्ग और प्राणी शामिल हैं। राजा की रक्षा का दायित्व सार्वभौमिक है।

इस प्रकार यह श्लोक राजा दशरथ की तुलना मनु से कर उनके शासन की श्रेष्ठता को प्रतिपादित करता है।

॥ जय श्री राम ॥