🙏 बालाजी थारी कृपा से – मेरा चले कारोबार

(Kanhaiya Mittal – Balaji Thari Kripa Se Mera Chale Karobar)

🎵 तर्ज: कन्हैया मित्तल भजन / उल्लासपूर्ण राजस्थानी तर्ज

📝 भजन विवरण

🎤 गायक/रचनाकार: कन्हैया मित्तल
🏷️ श्रेणी: हनुमान भजन / बालाजी भजन
🎵 विशेषता: उल्लासपूर्ण राजस्थानी तर्ज, व्यापार-सफलता की प्रार्थना
📀 भाव: आभार, समृद्धि, आस्था, बालाजी की कृपा से सफलता

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

बोल के जय श्री राम, ओढ़ के राम-दुशाला,
खोल दिया बालाजी ने मेरी किस्मतों का ताला।
राखे हर पल ध्यान मेरा, मेरा बालाजी रखवाला,
अला-बला सब दूर करे, मेरा बालाजी सोटे वाला॥

॥ स्थायी ॥

मेरा चले कारोबार, है मौज-बहार,
बालाजी थारी कृपा से।
बड़ा घर, बड़ी कार है, खुश परिवार,
बालाजी थारी कृपा से॥

॥ अंतरा १ ॥

जिस दिन से गल्ले पे लिखाया,
बालाजी महाराज की जय।
छोटा-मोटा व्यापारी था,
सेठ शहर का हो गया मैं।
जहाँ जाऊँ, मिले सत्कार, हो जय-जयकार,
बालाजी थारी कृपा से।
जहाँ जाऊँ, मिले सत्कार, हो जय-जयकार,
बालाजी थारी कृपा से॥

मेरा चले कारोबार, है मौज-बहार,
बालाजी थारी कृपा से।
बड़ा घर, बड़ी कार है, खुश परिवार,
बालाजी थारी कृपा से॥

॥ अंतरा २ ॥

ऐसी नज़र उतारी मेरी,
बालाजी थारे सोटे ने।
छोड़ दिया मेरा पीछा करना,
हर टोने, हर टोटके ने।
सौ माँगूँ, मिले हज़ार मुझे हर बार,
बालाजी थारी कृपा से।
माँगूँ, मिले हज़ार मुझे हर बार,
बालाजी थारी कृपा से॥

मेरा चले कारोबार, है मौज-बहार,
बालाजी थारी कृपा से।
बड़ा घर, बड़ी कार है, खुश परिवार,
बालाजी थारी कृपा से॥

संकट कटे, मिटे सब पीड़ा,
जो सुमिरे हनुमत बलवीरा।
जो सुमिरे हनुमत बलवीरा,
बालाजी महाराज की जय-जय॥

✍️ गायक / रचनाकार : कन्हैया मित्तल

🎵 तर्ज: कन्हैया मित्तल भजन / उल्लासपूर्ण राजस्थानी तर्ज

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन बालाजी (हनुमान जी) की अपार कृपा से जीवन में आई समृद्धि, सफलता और खुशहाली का वर्णन करता है। “बोल के जय श्री राम, ओढ़ के राम-दुशाला” – भक्त राम-भक्ति में लीन होकर बालाजी की शरण में आता है, और बालाजी उसकी किस्मत के ताले खोल देते हैं।

“मेरा चले कारोबार, है मौज-बहार” – भक्त कहता है कि बालाजी की कृपा से उसका व्यापार फल-फूल रहा है, घर-परिवार सुखी है, और जीवन में हर ओर सम्मान मिल रहा है। वह स्वीकार करता है कि एक छोटा-सा व्यापारी होने के बावजूद आज उसे “सेठ” की उपाधि मिली है, और यह सब बालाजी की कृपा का ही परिणाम है।

दूसरे अंतरे में बालाजी के “सोटे” (गदा) की महिमा है – यह सोटा न केवल शत्रुओं का नाश करता है, बल्कि टोने-टोटके, बाधाओं और नज़र दोष को भी दूर करता है। भक्त कहता है कि अब उसे हर बार सौ की माँग पर हज़ार मिलते हैं – अर्थात बालाजी की कृपा से उसकी आय अपेक्षा से कहीं अधिक बढ़ गई है।

अंत में “संकट कटे, मिटे सब पीड़ा” के माध्यम से संकटमोचन हनुमान जी के स्वरूप का स्मरण कराया गया है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

व्यापार-सफलता की प्रार्थना: यह भजन विशेष रूप से उन भक्तों में लोकप्रिय है जो व्यवसाय, नौकरी या किसी भी क्षेत्र में उन्नति की कामना रखते हैं। “मेरा चले कारोबार” की पंक्ति इसे व्यापारियों और उद्यमियों का प्रिय भजन बनाती है।

राजस्थानी तर्ज और उल्लास: कन्हैया मित्तल की इस भजन की धुन अत्यंत उल्लासपूर्ण है, जो भक्तों में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह भर देती है।

बालाजी – रखवाला और सोटे वाला: “रखवाला” और “सोटे वाला” संबोधन हनुमान जी के रक्षक एवं शक्तिशाली स्वरूप को दर्शाते हैं। भक्त का विश्वास है कि बालाजी की गदा सभी विघ्नों और बुरी शक्तियों को दूर करती है।

💖 भक्ति रस का संगम

🎯 संदेश

बालाजी की कृपा से ही जीवन में सच्ची समृद्धि और सुख-शांति आती है। उनके प्रति कृतज्ञता और समर्पण ही सफलता की कुंजी है।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है जो कठिन परिश्रम के साथ-साथ ईश्वरीय कृपा में विश्वास रखता है। बालाजी की कृपा से छोटा से बड़ा बन सकता है।

🙏 ॐ हनुमते नमः ।। जय बालाजी ।। जय श्री राम ।।

॥ इति कन्हैया मित्तल कृत भजनम् ॥
॥ बालाजी थारी कृपा से मेरा चले कारोबार ।।