🙏 लंका में डंका बजाए गयो रे – लाल लंगोटे वाला

(Lanka Mein Danka Bajaye Gayo Re – Hanuman Bhajan)

गायिका : पूजा एवं नम्रता शर्मा

📝 भजन विवरण

🎤 गायिका: पूजा शर्मा, नम्रता शर्मा
🏷️ श्रेणी: हनुमान भजन / लोकप्रिय भजन
🎵 तर्ज: “करके इशारो बुलाय गई रे”
📀 अपलोड/प्रस्तुति: संजय सिंह चौहान

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

लंका में डंका बजाए गयो रे,
लाल लंगोटे वाला,
माँ अंजनी का लाला।।

॥ अंतरा १ – नासे रोग हरे सब पीरा ॥

नासे रोग हरे सब पीरा,
जपत निरंतर हनुमत बीरा,
नासे रोग हरे सब पीरा
जपत निरंतर हनुमत बीरा,
भगतों की विपदा मिटाए गयो रे,
लाल लंगोटे वाला,
माँ अंजनी का लाला।।

॥ अंतरा २ – संकट कटे मिटे सब पीरा ॥

संकट कटे मिटे सब पीरा,
जो सुमिरे हनुमत बलबीरा,
संकट कटे मिटे सब पीरा,
जो सुमिरे हनुमत बलबीरा,
भगतों के संकट मिटाए गयो रे,
लाल लंगोटे वाला,
माँ अंजनी का लाला।।

॥ अंतरा ३ – भूत पिशाच निकट नही आवे ॥

भूत पिशाच निकट नही आवे,
महावीर जब नाम सुनावे,
भूत पिशाच निकट नही आवे,
महावीर जब नाम सुनावे,
भूत प्रेत बाधा को भगाए गयो रे,
लाल लंगोटे वाला,
माँ अंजनी का लाला।।

लंका में डंका बजाए गयो रे,
लाल लंगोटे वाला,
माँ अंजनी का लाला।।

🎤 गायिका: पूजा शर्मा, नम्रता शर्मा

📀 प्रस्तुति / अपलोड: संजय सिंह चौहान

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत लोकप्रिय हनुमान भजन बाबा की वीरता, रोग-शत्रु-संकट नाशक शक्ति और भक्तवत्सल स्वरूप का गुणगान करता है। “लंका में डंका बजाए गयो रे” – हनुमान जी ने जब लंका में जाकर अपना पराक्रम दिखाया, तो उनकी धाक पूरी नगरी में गूँज उठी। “लाल लंगोटे वाला, माँ अंजनी का लाला” – यह उनके बाल स्वरूप एवं माता अंजनी के पुत्र के रूप में प्रेमपूर्ण संबोधन है।

प्रत्येक अंतरे में हनुमान जी के एक विशिष्ट गुण का उल्लेख है – वे रोगों का नाश करने वाले, संकटों को मिटाने वाले, भूत-प्रेत बाधाओं को भगाने वाले हैं। भक्त कहता है कि बाबा ने सदैव अपने भक्तों की विपदा, संकट और बाधाएँ दूर की हैं।

यह भजन सरल भाषा में रचा गया है और इसे “करके इशारो बुलाय गई रे” की तर्ज पर गाया जाता है। यह भक्ति रस में डूबकर हनुमान जी की महिमा का स्मरण कराने वाला सशक्त भजन है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

लंका में डंका – अर्थ: हनुमान जी ने लंका में जाकर अशोक वाटिका उजाड़ी, लंका दहन किया और रावण के राज्य में अपनी शक्ति का डंका बजाया। यह पंक्ति उनकी अदम्य वीरता और पराक्रम को दर्शाती है।

रोग-संकट-बाधा निवारण: भजन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हनुमान जी रोग, संकट, भूत-प्रेत सभी का नाश करते हैं। यह उनके “संकटमोचन” स्वरूप का स्मरण है।

लोकप्रियता: यह भजन विशेषकर मंगलवार और शनिवार को भक्तों द्वारा बड़ी श्रद्धा से गाया जाता है। इसकी सरल भाषा और लयबद्धता इसे सभी आयु वर्गों में प्रिय बनाती है।

💖 भक्ति रस का संगम

🎯 संदेश

हनुमान जी केवल राम के दूत ही नहीं, बल्कि संकटमोचक, रोगहर्ता और सभी बाधाओं के नाशक हैं। उनका स्मरण करने से जीवन की हर कठिनाई सरल हो जाती है।

✨ आस्था का प्रतीक

“लाल लंगोटे वाला” संबोधन भक्तों के मन में बाल हनुमान की सरल, निर्भीक और करुणामयी छवि स्थापित करता है। यह भजन सच्ची श्रद्धा से गाने वाले को अभय और आशीर्वाद प्रदान करता है।

🙏 ॐ हनुमते नमः ।। श्री हनुमान जी की जय ।। जय बजरंगबली ।।

॥ इति लोकप्रिय हनुमान भजनम् ॥
॥ लंका में डंका बजाने वाले, हर भक्त के संकट मिटाने वाले की जय ॥