संक्षेप रामायण – श्लोक 50

संस्कृत श्लोक

ततः पुष्पकमारुह्य रामो दाशरथिर्बली । अयोध्यामागतः श्रीमान् भरतस्य प्रियंकरः ॥

हिंदी अनुवाद

तत्पश्चात् बलशाली राम पुष्पक विमान पर आरूढ़ होकर अयोध्या लौटे, जो भरत को प्रिय करने वाले हैं।

अर्थ / व्याख्या

राम पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे और भरत को प्रसन्न किया।

टिप्पणी

यह श्लोक राम की अयोध्या वापसी और भरत से मिलन का वर्णन करता है।

॥ श्लोक ५० – राम का अयोध्या वापसी (पुष्पक विमान) ॥

ततः पुष्पकमारुह्य रामो दाशरथिर्बली । अयोध्यामागतः श्रीमान् भरतस्य प्रियंकरः ॥
tataḥ puṣpakamāruhya rāmo dāśarathirbalī | ayodhyāmāgataḥ śrīmān bharatasya priyaṃkaraḥ ||

🔹 हिन्दी अनुवाद : तत्पश्चात् बलशाली राम पुष्पक विमान पर आरूढ़ होकर अयोध्या लौटे, जो भरत को प्रिय करने वाले हैं।

🔹 English Translation : Then the mighty Rama, the son of Dasharatha, mounting the Pushpaka Vimana, returned to Ayodhya, bringing joy to Bharata.

🔍 शब्दार्थ (Word by Word Meaning)

संस्कृतव्याकरणहिन्दी अर्थ
ततःअव्ययतत्पश्चात्
पुष्पकम्नपुंसकलिंग, द्वितीया एकवचनपुष्पक विमान
आरुह्यल्यबन्त अव्यय (आ + रुह्)आरूढ़ होकर
रामःपुल्लिंग, प्रथमा एकवचनराम
दाशरथिःपुल्लिंग, प्रथमा एकवचनदशरथ के पुत्र
बलीविशेषण, पुल्लिंग, प्रथमा एकवचनबलवान्
अयोध्याम्स्त्रीलिंग, द्वितीया एकवचनअयोध्या
आगतःभूतकृदन्त, पुल्लिंग, प्रथमा एकवचन (आ + गम्)आए
श्रीमान्विशेषण, पुल्लिंग, प्रथमा एकवचनश्रीमान्
भरतस्यपुल्लिंग, षष्ठी एकवचनभरत के
प्रियंकरःविशेषण, पुल्लिंग, प्रथमा एकवचन (प्रिय + कर)प्रिय करने वाले

📜 ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व

राम ने रावण के वध के बाद विभीषण से प्राप्त पुष्पक विमान में सीता, लक्ष्मण और वानर सेना के साथ अयोध्या के लिए प्रस्थान किया। यह विमान मूलतः कुबेर का था, जिसे रावण ने हरण कर लिया था। अयोध्या पहुँचने पर भरत ने राम का स्वागत किया। भरत ने चौदह वर्षों तक राम की पादुका रखकर राज्य किया था और अब उन्होंने राज्य राम को सौंप दिया। राम का राज्याभिषेक हुआ और रामराज्य की स्थापना हुई।

यह श्लोक राम की विजय यात्रा और भरत के त्याग को दर्शाता है। राम को "बली" (बलवान्) और "श्रीमान्" (ऐश्वर्यवान्) कहा गया है। वे "भरतस्य प्रियंकरः" हैं, क्योंकि भरत उनके दर्शन के लिए व्याकुल थे।

राम का अयोध्या लौटना रामायण की समाप्ति का प्रतीक है। यह घटना दीपावली के रूप में मनाई जाती है, जब राम चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे।

आध्यात्मिक दृष्टि से, पुष्पक विमान मोक्ष या दिव्य यात्रा का प्रतीक है। राम का अयोध्या लौटना आत्मा का अपने मूल स्थान (परमधाम) में लौटने के समान है।

📖 पाठ की विधि एवं लाभ

इस श्लोक का पाठ करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। यह यात्रा के दौरान विशेष रूप से पढ़ा जाता है। दीपावली के दिन इस श्लोक का पाठ अत्यन्त शुभ माना जाता है।

॥ रामः पुष्पकमारुह्य अयोध्यां पुनरागतः ॥

जय श्री राम 🙏