संक्षेप रामायण – श्लोक 20

संस्कृत श्लोक

ततः शूर्पणखा नाम राक्षसी कामरूपिणी। अभ्यगच्छद् वनं तत्र यत्र रामः सलक्ष्मणः॥

हिंदी अनुवाद

तब शूर्पणखा नाम की कामरूपिणी (मनचाहा रूप धारण करने वाली) राक्षसी उस वन में आई, जहाँ राम लक्ष्मण सहित थे।

अर्थ / व्याख्या

शूर्पणखा के वन में आगमन का वर्णन।

टिप्पणी

यह श्लोक शूर्पणखा के आगमन का संकेत करता है, जिससे रावण-सीता हरण की कथा प्रारंभ होती है।

॥ श्लोक २० ॥

ततः शूर्पणखा नाम राक्षसी कामरूपिणी। अभ्यगच्छद् वनं तत्र यत्र रामः सलक्ष्मणः॥
tataḥ śūrpaṇakhā nāma rākṣasī kāmarūpiṇī | abhyagacchad vanaṃ tatra yatra rāmaḥ salakṣmaṇaḥ ||

🔹 हिन्दी : तब शूर्पणखा नाम की कामरूपिणी राक्षसी उस वन में आई, जहाँ राम लक्ष्मण सहित थे।

🔹 English : Then, a demoness named Shurpanakha, who could assume any form at will, came to that forest where Rama was along with Lakshmana.

🔍 शब्दार्थ

संस्कृतहिन्दी अर्थ
ततःतब
शूर्पणखाशूर्पणखा
नामनाम की
राक्षसीराक्षसी
कामरूपिणीमनचाहा रूप धारण करने वाली
अभ्यगच्छत्आई
वनम्वन
तत्रउस
यत्रजहाँ
रामःराम
सलक्ष्मणःलक्ष्मण सहित

शूर्पणखा के आगमन से राम-रावण संघर्ष की नींव पड़ी। वह रावण की बहन थी।