अध्याय 1: संक्षेप रामायण
श्लोक 19
संक्षेप रामायण – श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
तत्र रामेण वै सीता राक्षसैः समुपद्रुता। निरस्ता राक्षसाः सर्वे ये चान्ये तत्र राक्षसाः॥
हिंदी अनुवाद
वहाँ राम द्वारा सीता (की रक्षा हुई) जो राक्षसों से उपद्रवित थी। उन सभी राक्षसों को मार गिराया गया, तथा अन्य जो भी राक्षस वहाँ थे।
अर्थ / व्याख्या
राम द्वारा सीता की रक्षा एवं राक्षसों के वध का वर्णन।
टिप्पणी
यह श्लोक राम की वीरता एवं सीता की रक्षा का संकेत करता है।
॥ श्लोक १९ ॥
तत्र रामेण वै सीता राक्षसैः समुपद्रुता। निरस्ता राक्षसाः सर्वे ये चान्ये तत्र राक्षसाः॥
tatra rāmeṇa vai sītā rākṣasaiḥ samupadrutā | nirastā rākṣasāḥ sarve ye cānye tatra rākṣasāḥ ||
🔹 हिन्दी : वहाँ राम द्वारा सीता (की रक्षा हुई) जो राक्षसों से उपद्रवित थी। उन सभी राक्षसों को मार गिराया गया, तथा अन्य जो भी राक्षस वहाँ थे।
🔹 English : There, Sita, who was harassed by demons, (was protected) by Rama. All those demons and any other demons there were destroyed.
🔍 शब्दार्थ
| संस्कृत | हिन्दी अर्थ |
|---|---|
| तत्र | वहाँ |
| रामेण | राम द्वारा |
| वै | ही |
| सीता | सीता |
| राक्षसैः | राक्षसों द्वारा |
| समुपद्रुता | उपद्रवित |
| निरस्ता | निरस्त किए गए |
| राक्षसाः | राक्षस |
| सर्वे | सभी |
| ये | जो |
| च | और |
| अन्ये | अन्य |
| तत्र | वहाँ |
| राक्षसाः | राक्षस |
राम ने जनस्थान में रहने वाले राक्षसों का संहार कर ऋषियों की रक्षा की।