अध्याय 1: संक्षेप रामायण
श्लोक 18
संक्षेप रामायण – श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
रामः सीता च लक्ष्मणः प्रविष्टो दण्डकावनम्। जनस्थाने वसन्तस्ते राक्षसैः समुपद्रुताः॥
हिंदी अनुवाद
राम, सीता और लक्ष्मण दण्डकावन में प्रविष्ट हुए। जनस्थान में रहते हुए वे राक्षसों द्वारा उपद्रवित हुए।
अर्थ / व्याख्या
राम, सीता, लक्ष्मण के वनगमन एवं राक्षसों द्वारा उत्पीड़न का वर्णन।
टिप्पणी
यह श्लोक रामायण की मुख्य घटना – वनवास एवं राक्षस कांड – की ओर संकेत करता है।
॥ श्लोक १८ ॥
रामः सीता च लक्ष्मणः प्रविष्टो दण्डकावनम्। जनस्थाने वसन्तस्ते राक्षसैः समुपद्रुताः॥
rāmaḥ sītā ca lakṣmaṇaḥ praviṣṭo daṇḍakāvanam | janasthāne vasantaḥ te rākṣasaiḥ samupadrutāḥ ||
🔹 हिन्दी : राम, सीता और लक्ष्मण दण्डकावन में प्रविष्ट हुए। जनस्थान में रहते हुए वे राक्षसों द्वारा उपद्रवित हुए।
🔹 English : Rama, Sita, and Lakshmana entered the Dandaka forest. While living in Janasthana, they were harassed by demons.
🔍 शब्दार्थ
| संस्कृत | हिन्दी अर्थ |
|---|---|
| रामः | राम |
| सीता | सीता |
| च | और |
| लक्ष्मणः | लक्ष्मण |
| प्रविष्टः | प्रविष्ट हुए |
| दण्डकावनम् | दण्डक वन में |
| जनस्थाने | जनस्थान में |
| वसन्तः | रहते हुए |
| ते | वे |
| राक्षसैः | राक्षसों द्वारा |
| समुपद्रुताः | उपद्रवित किए गए |
जनस्थान दण्डकारण्य का एक भाग है, जहाँ राक्षसों का आतंक था।